
बिहार बजट सत्र के पहले दिन व्हीलचेयर पर पहुंचे तेजस्वी यादव। (फोटो: AI)
Governor Address: बिहार विधानसभा के बजट सत्र (Bihar Assembly Budget Session) का आगाज आज भारी हंगामे और सियासी तपिश के साथ हुआ। साल 2026 के इस अहम सत्र के पहले ही दिन सदन के अंदर और बाहर जो तस्वीरें देखने को मिलीं, उन्होंने बिहार की राजनीति का पारा चढ़ा दिया है। सबसे ज्यादा चर्चा नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav Health) की रही, जो अस्वस्थ होने के बावजूद व्हीलचेयर पर बैठ कर विधानसभा पहुंचे। उनके इस तेवर ने साफ कर दिया कि स्वास्थ्य कारणों से विपक्ष की धार कुंद नहीं पड़ने वाली है। राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान विपक्षी सदस्यों ने जम कर नारेबाजी की और 'नीट' छात्रा मामले (NEET Student Protest) पर सरकार को घेरने की कोशिश की।
कमर में तकलीफ (या स्वास्थ्य कारण) के चलते तेजस्वी यादव चलने-फिरने में असमर्थ थे, लेकिन अपनी राजनीतिक जिम्मेदारी को निभाते हुए वे व्हीलचेयर पर सदन पहुंचे। उनकी एंट्री ने मीडिया का सारा ध्यान अपनी ओर खींच लिया। सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले ही तेजस्वी यादव ने स्पष्ट कर दिया था कि यह सत्र सरकार के लिए आसान नहीं होने वाला है। उन्होंने कहा कि "भले ही मैं व्हीलचेयर पर हूं, लेकिन जनता की आवाज उठाने से मुझे कोई नहीं रोक सकता।"
सत्र की शुरुआत राज्यपाल के अभिभाषण से हुई, लेकिन विपक्षी विधायकों ने इसे सुनने के बजाय हंगामा शुरू कर दिया। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) और वामदलों के विधायकों ने अपनी सीटों पर खड़े होकर नारेबाजी की। विपक्ष का आरोप था कि राज्यपाल का अभिभाषण "झूठ का पुलिंदा" है और इसमें बिहार की जमीनी हकीकत को छुपाया गया है। तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि सरकार रोजगार और कानून व्यवस्था के मोर्चे पर पूरी तरह फेल हो चुकी है और राज्यपाल से वही बुलवाया जा रहा है जो सरकार चाहती है।
सदन में सबसे ज्यादा शोर 'नीट छात्रा मामले' (संभावित संदर्भ: पेपर लीक या आत्महत्या/न्याय से जुड़ा मुद्दा) को लेकर हुआ। विपक्षी सदस्यों ने हाथों में तख्तियां लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। विपक्ष की मांग है कि पीड़ित छात्रा को तुरंत न्याय मिले और इस मामले में शामिल 'बड़ी मछलियों' को बेनकाब किया जाए। आरजेडी विधायकों ने वेल में आकर प्रदर्शन किया, जिसके चलते सदन की कार्यवाही कई बार बाधित हुई। विपक्ष का कहना है कि केंद्र और राज्य की 'डबल इंजन' सरकार छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है।
तेजस्वी यादव ने पेश होने वाले बजट को लेकर भी सरकार पर पहले ही हमला बोल दिया। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि "यह सरकार विजन-लेस (Visionless) है। पिछले कई बजटों में किए गए वादे आज तक पूरे नहीं हुए। बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग पर यह सरकार चुप्पी साधे बैठी है।"
इस पूरे घटनाक्रम पर तीखी प्रतिक्रियाएं आई हैं:
सत्ता पक्ष (JDU/BJP): उप-मुख्यमंत्री और मंत्रियों ने तेजस्वी के व्हीलचेयर पर आने को 'सहानुभूति बटोरने का ड्रामा' करार दिया है। उनका कहना है कि विपक्ष के पास मुद्दों का अकाल है, इसलिए वे राज्यपाल के अभिभाषण में बाधा डाल रहे हैं जो कि संवैधानिक मर्यादा का अपमान है।
विपक्ष (RJD): आरजेडी प्रवक्ताओं ने कहा कि "तेजस्वी यादव एक योद्धा हैं। दर्द में होने के बावजूद वे जनता की लड़ाई लड़ रहे हैं, जबकि सरकार एसी कमरों में सो रही है।"
आम जनता/छात्र: सोशल मीडिया पर छात्रों का एक बड़ा वर्ग तेजस्वी यादव के समर्थन में दिख रहा है, खासकर नीट मुद्दे को उठाने के लिए उनकी सराहना की जा रही है।
आने वाले दिन और भी हंगामेदार होने के आसार हैं:
बजट प्रस्तुति: जब वित्त मंत्री बजट पेश करेंगे, तो विपक्ष रोजगार और महंगाई के आंकड़ों पर सरकार को घेरने की पूरी तैयारी में है।
सदन से वॉकआउट: नीट मामले पर अगर सरकार ने कोई ठोस जवाब या जांच समिति का गठन नहीं किया, तो विपक्ष आने वाले दिनों में सदन से वॉकआउट कर सकता है।
सड़क पर प्रदर्शन: आरजेडी युवा मोर्चा ने चेतावनी दी है कि अगर नीट मामले में न्याय नहीं मिला, तो आंदोलन सदन से सड़क तक जाएगा।
इस खबर का एक भावनात्मक और मनोवैज्ञानिक पहलू भी है। राजनीति में 'विजुअल्स' (Visuals) बहुत मायने रखते हैं। तेजस्वी यादव का व्हीलचेयर पर आना, उनके समर्थकों के लिए एक बड़ा संदेश है कि उनका नेता हर परिस्थिति में उनके साथ खड़ा है। यह छवि (Image Building) आने वाले चुनावों या उप चुनावों में उनके लिए सहानुभूति की लहर पैदा कर सकती है। वहीं, सत्ता पक्ष के लिए एक बीमार नेता का सामना करना थोड़ा असहज हो सकता है, क्योंकि उन पर ज्यादा निजी हमला करना 'बैकफायर' कर सकता है।
Updated on:
02 Feb 2026 04:31 pm
Published on:
02 Feb 2026 04:15 pm
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