भारत, Jun 05, 2026

CJP Jantar Mantar Protest (AI Image)
CJP Jantar Mantar Protest: शिक्षा व्यवस्था में गड़बड़ियों और परीक्षा विवादों के खिलाफ 6 जून को दिल्ली के जंतर-मंतर पर होने वाले प्रदर्शन से पहले 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) ने अपने समर्थकों के लिए विस्तृत गाइडलाइन जारी की है। संगठन ने प्रदर्शन में शामिल होने वाले लोगों से अपील की है कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखें, पूरे कार्यक्रम को रिकॉर्ड करें और किसी भी उकसावे से बचें।
CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके ने पहले ही शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन का ऐलान किया था। अब प्रदर्शन से एक दिन पहले संगठन ने सोशल मीडिया के जरिए प्रतिभागियों के लिए क्या करें और क्या न करें की लिस्ट शेयर की है।
CJP ने प्रदर्शन में शामिल होने वाले लोगों से कहा है कि वे 6 जून को सुबह 9 बजे संसद मार्ग थाना के पास पहुंचें। यहीं से जंतर-मंतर तक प्रदर्शन की रूपरेखा तय की गई है। संगठन ने कहा कि यह प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण होगा और इसका उद्देश्य शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही की मांग करना है।
जारी गाइडलाइन में प्रदर्शनकारियों से राष्ट्रीय ध्वज और एक किताब साथ लाने को कहा गया है। CJP का कहना है कि उनका आंदोलन शिक्षा के अधिकार और समान अवसर की मांग से जुड़ा है, इसलिए किताब इस अभियान का प्रतीक होगी।
साथ ही प्रदर्शन में शामिल लोगों से कहा गया है कि वे पूरे कार्यक्रम को जिम्मेदारी और शांति के साथ रिकॉर्ड करें ताकि किसी भी घटना का सही दस्तावेज तैयार किया जा सके।
गाइडलाइन का सबसे चर्चित हिस्सा यह है कि संगठन ने समर्थकों से कहा है कि वे प्रदर्शन के दौरान होने वाली हर गतिविधि को रिकॉर्ड करें। CJP का कहना है कि यदि किसी तरह की गड़बड़ी या असामाजिक गतिविधि दिखाई दे तो उसकी जानकारी तुरंत पुलिस को दी जानी चाहिए।
संगठन ने प्रदर्शनकारियों से कानून-व्यवस्था बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करने की भी अपील की है।
दिल्ली की गर्मी को देखते हुए CJP ने प्रदर्शन में शामिल होने वालों को पानी साथ रखने, पर्याप्त मात्रा में हाइड्रेट रहने और स्वास्थ्य का ध्यान रखने की सलाह दी है।
संगठन ने लोगों से गर्मी को ध्यान में रखते हुए सनस्क्रीन लगाने और टोपी पहनकर आने की सलाह दी, ताकि धूप से बचा जा सके।
CJP ने समर्थकों से कहा है कि वे किसी भी उकसावे या ट्रोलिंग का जवाब न दें। संगठन का कहना है कि ऐसे लोग माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर सकते हैं, इसलिए उनसे बहस करने से बचना चाहिए।
इसके अलावा प्रदर्शनकारियों से फूल फेंकने की बजाय पुलिसकर्मियों को सम्मान के साथ फूल भेंट करने की अपील की गई है। संगठन का कहना है कि पुलिस भी युवाओं के भविष्य की सुरक्षा में अपनी भूमिका निभा रही है।
गाइडलाइन में यह भी कहा गया है कि लोग कोशिश करें कि अकेले न आएं और परिवार या दोस्तों के साथ शामिल हों। साथ ही प्रदर्शन में आने से पहले भोजन करके आने की सलाह भी दी गई है।
अभिजीत दिपके का कहना है कि NEET, CBSE, CUET और अन्य परीक्षाओं को लेकर सामने आए विवादों ने लाखों छात्रों को प्रभावित किया है। उनका आरोप है कि परीक्षा प्रणाली में लगातार हो रही गड़बड़ियों ने छात्रों के भविष्य को अनिश्चित बना दिया है।
CJP का दावा है कि उसकी ऑनलाइन याचिका को लाखों लोगों का समर्थन मिला है और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की जवाबदेही तय करने की मांग लगातार मजबूत हो रही है।
संगठन के प्रवक्ताओं ने कहा है कि यह प्रदर्शन किसी एक राजनीतिक विचारधारा तक सीमित नहीं है। इसमें छात्र, अभिभावक, शिक्षक और आम नागरिक हिस्सा ले सकते हैं।
CJP ने साफ किया है कि प्रदर्शन का उद्देश्य शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही और सुधार की मांग करना है। इसी वजह से देशभर के युवाओं से इसमें शामिल होने की अपील की गई है। अब सबकी नजर 6 जून को जंतर-मंतर पर होने वाले इस प्रदर्शन पर है, जहां बड़ी संख्या में छात्रों और युवाओं के जुटने की उम्मीद जताई जा रही है।
Updated on: 05 Jun 2026 09:19 pm

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