
Coal mine explosion in Meghalaya
Coal Mine Explosion: मेघालय के ईस्ट जयंतिया हिल्स जिले में गुरुवार को बड़ा हादसा हो गया। ईस्ट जयंतिया हिल्स जिले के एक गांव में एक संदिग्ध अवैध कोयला खदान में धमाका हुआ। इस घटना में 16 मजदूरों की मौत हो गई है। पुलिस के अनुसार, कई मजदूर अभी भी फंसे हुए है। बताया जा रहा है कि धमाका इतना भयानक था कि खदान में काम कर रहे मजदूरों को बाहर निकलने का मौका ही नहीं मिला। रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है।
मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड के. संगमा ने पूर्वी जयंतिया हिल्स जिले में हुए कोयला खदान विस्फोट पर गहरा शोक व्यक्त किया, जिसमें कम से कम 16 लोगों की जान चली गई। उन्होंने घटना की व्यापक जांच की घोषणा की ताकि दोषियों का पता लगाया जा सके। मुख्यमंत्री ने जन सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की नरमी न बरतने पर जोर देते हुए कहा कि मानव जीवन की रक्षा के मामले में राज्य कोई समझौता नहीं करेगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मेघालय कोयला खदान दुर्घटना में जान गंवाने वाले 16 पीड़ितों के परिवारों को 2 लाख रुपये प्रति परिवार की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की। घटना में घायल हुए लोगों को 50,000 रुपये प्रति व्यक्ति का अनुग्रह राशि दी जाएगी। यह अनुग्रह राशि प्रधानमंत्री के राष्ट्रीय राहत कोष (पीएमएनआरएफ) से प्रदान की जाएगी। प्रधानमंत्री कार्यालय ने X पर पोस्ट किया कि मेघालय के पूर्वी जयंतिया हिल्स में हुई दुर्घटना से व्यथित। अपनों को खोने वाले सभी लोगों के प्रति हमारी गहरी संवेदना। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना। प्रत्येक मृतक के परिजनों को पीएमएनआरएफ की ओर से 2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी। घायलों को 50,000 रुपये दिए जाएंगे।
पुलिस अधीक्षक (एसपी) विकास कुमार ने बताया कि अब तक 16 शव बरामद किए जा चुके हैं। एसपी कुमार ने बताया, यह घटना गुरुवार को थांगस्कू (थांगस्काई) इलाके में घटी। विस्फोट के बाद कई मजदूर कोयला खदान में फंस गए। एसडीआरएफ, पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने खोज और बचाव अभियान चलाया। अब तक 16 शव बरामद किए जा चुके हैं। एक व्यक्ति झुलस गया है। कई लोग अभी भी कोयला खदान के अंदर फंसे हुए हैं। पूर्वी जयंतिया हिल्स जिले के थांगस्काई क्षेत्र में स्थित एक संकरी कोयला खदान में हुई घटना में एक व्यक्ति झुलस गया है।
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि हमने 16 शव बरामद किए हैं जिनकी पहचान अभी बाकी है। घायल व्यक्ति को शिलांग के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उसे जलने की चोटें आई हैं। उन्होंने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही एक टीम को घटनास्थल पर भेजा गया। राज्य की राजधानी शिलांग से अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाओं की एक अन्य टीम भी घटनास्थल की ओर रवाना हो चुकी है।
एसपी ने कहा कि हम खदान के मालिक और इसे चलाने वाले लोगों के बारे में जानकारी जुटाने की कोशिश कर रहे हैं। इसके बाद हम आवश्यक कार्रवाई करेंगे। उन्होंने आगे कहा कि हम अपनी टीम के लौटने का इंतजार कर रहे हैं। उनकी रिपोर्ट के आधार पर हम मामला दर्ज करेंगे।
राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण ने 2014 में कोयले के खनन और उसके परिवहन पर प्रतिबंध लगा दिया था, क्योंकि वह अनियमित और असुरक्षित खनन प्रथाओं, विशेष रूप से कोयले के निष्कर्षण के लिए 'रैट-होल' खनन तकनीक के खतरनाक प्रयोग को लेकर चिंतित था। प्रतिबंध के बावजूद, अवैध गतिविधियां जारी हैं। मेघालय में, जो उत्कृष्ट गुणवत्ता वाले कोयले से संपन्न है, अतीत में कोयला खदान दुर्घटनाओं की कई घटनाएं हो चुकी हैं।
Updated on:
05 Feb 2026 10:36 pm
Published on:
05 Feb 2026 07:39 pm
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