
आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल (इमेज सोर्स: ANI)
नई दिल्ली. शराब नीति मामले में पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल व अन्य नेताओं के कोर्ट से बरी होने के बाद आम आदमी पार्टी (आप) में दिल्ली से लेकर चंडीगढ़ तक जश्न का माहौल रहा। पार्टी कार्यकर्ताओं ने कार्यालय में तथा सड़कों पर निकलकर परस्पर गुलाल लगाई और मिठाइयां बांटी। अदालती फैसले के बाद केजरीवाल ने दिल्ली में अपने आवास से पार्टी दफ्तर तक रोड-शो किया और हाथ में गदा लेकर समर्थकों का अभिवादन किया।
बाद में प्रेसवार्ता में केजरीवाल ने कहा कि आप का एक-एक कार्यकर्ता कट्टर ईमानदार है। पीएम मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने झूठा केस बनाकर आप को खत्म करने की साजिश रची। पूर्व सीएम ने मोदी और शाह से देश से माफी मांगने की मांग करते हुए चुनौती दी कि दिल्ली में दुबारा चुनाव कराएं।
यदि भाजपा को 10 से ज्यादा सीट मिले तो वह राजनीति छोड़ देंगे। केजरीवाल ने कहा कि मुझे रोकने का एक ही तरीका है कि मेरा कत्ल करवा दो। उन्होंने गुजरात-पंजाब चुनाव से पहले बरी किए जाने की टिप्पणी करने पर पर कांग्रेस को भी कोसा। उन्होंने सवाल उठाया कि केजरीवाल जेल गया लेकिन रॉबर्ट वाड्रा जेल गया? संजय सिंह जेल गया, क्या राहुल गांधी जेल गया? मनीष सिसोदिया जेल गया, क्या सोनिया गांधी जेल गईं? कांग्रेसी किस मुंह से बात करते हैं, उन्हें शर्म नहीं आती?'
अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया, के.कविता, दुर्गेश पाठक, कुलदीप सिंह, नरेंद्र सिंह, विजय नायर, अभिषेक बोइनपल्ली, अरुण पिल्लई, मूथा गौतम, समीर महेंद्रू, अमनदीप सिंह ढल्ल, अर्जुन पांडे, बुचीबाबू गोरांटला, राजेश जोशी, दामोदर प्रसाद शर्मा, प्रिंस कुमार, अरविंद कुमार सिंह, चनप्रीत सिंह, अमित अरोड़ा, विनोद चौहान, आशीष चंद माथुर और सरथ रेड्डी।
कोर्ट ने सबूतों के अभाव में उन्हें बरी किया है, यह तकनीकी विषय है। यह बात भी सही है कि सैकड़ों की संख्या में सिम कार्ड और फोन सबूत के रूप में नष्ट किए गए थे। क्या वह सबूत के अभाव के लिए नष्ट किए गए थे। सीबीआइ केस में अगला कदम उठाएगी लेकिन यह भी सोचने का विषय है कि कुछ भी सबूत नहीं थे तो चार्जशीट कैसे स्वीकार हुई। पार्टी फैसले का अध्ययन कर पूरा जवाब देगी।
भाजपा राजनीतिक दल नहीं, रूप बदलने वाला, इच्छाधारी नाग है। यह कांग्रेस को हराने के अपने एक ही लक्ष्य के लिए किसी भी हद तक गिर सकता है। चुनाव आ रहे हैं। इसलिए कहानी पहले से ही तय है। कांग्रेस नेताओं के खिलाफ मामले अचानक बढ़ जाएंगे। आम आदमी पार्टी और अन्य दलों के खिलाफ चल रही कार्यवाही गुजरात और पंजाब चुनावों के मद्देनजर चुपचाप खत्म हो जाएगी। भाजपा की यही रणनीति है, प्रतिशोध को शासन का हथियार बनाना और एजेंसियों को चुनावी औजार के रूप में इस्तेमाल करना।
इस मामले में कोर्ट ने अपने आदेश में सीबीआइ की तीसरी चार्जशीट में लगाया यह आरोप भी अस्वीकार कर दिया कि कथित घोटाले की रकम गोवा विधानसभा चुनाव में काम में ली गई। कोर्ट ने आदेश में कहा किसी राजनीतिक दल द्वारा अत्यधिक चुनावी खर्च के मात्र आरोपों के आधार पर सीबीआइ या ईडी की जांच को राजनीतिक क्षेत्र में प्रवेश करने की अनुमति नहीं दी जा सकती है। इसकी इजाजत मिलने पर चुनावी प्रतिस्पर्धा का अपराधीकरण होगा और कार्यपालिका को राजनीतिक परिणामों को प्रभावित करने में सक्षम दमनकारी साधनों से लैस किया जाएगा।
कोर्ट ने आदेश में चार्जशीट में 'साउथ ग्रुप' शब्द के इस्तेमाल पर आपत्ति जताई। कोर्ट ने कहा कि किसी इलाके की पहचान के आधार पर लेबलिंग अभियोजन का मकसद पूरा नहीं करती बल्कि इससे भेदभाव व पूर्वाग्रही छवि पैदा होने का संदेह है जो कानूनी आधार पर उचित नहीं है।
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लव सोनकर
लव सोनकर - 9 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। पिछले 7 सालों से डिजिटल मीडिया से जुड़े हुए हैं और कई संस्थानों में अपना योगदान दि है। कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता ए...और पढ़ें...
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Published on:
28 Feb 2026 01:43 am

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