5 फ़रवरी 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
Switch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

वेनेजुएला या रूस, किससे तेल खरीदेगा भारत? मोदी सरकार ने स्टैंड साफ किया

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दावे और ट्रेड डील की चर्चा के बीच भारत सरकार ने तेल आयात पर रुख साफ किया है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत की ऊर्जा सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और फैसले राष्ट्रीय हित के आधार पर लिए जाते हैं।

2 min read
Google source verification
pm modi and donald trump

भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Photo/ X@narendramodi)

MEA on India oil import policy: अमेरिका के साथ ट्रेड डील और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दावों के बीच तेल खरीद को लेकर मोदी सरकार का बड़ा बयान सामने आया है। भारतीय विदेश मंत्रालय (MEA) ने गुरुवार को साफ किया कि भारत की ऊर्जा सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। तेल आयात से जुड़े फैसले पूरी तरह राष्ट्रीय हित और बदलती वैश्विक परिस्थितियों को ध्यान में रखकर किए जाते हैं।

MEA प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि सरकार कई बार सार्वजनिक रूप से यह स्पष्ट कर चुकी है कि 1.4 अरब भारतीयों की ऊर्जा जरूरतों को सुरक्षित करना सर्वोपरि है। बाजार की परिस्थितियों और उभरते अंतरराष्ट्रीय परिदृश्य के अनुरूप ऊर्जा स्रोतों में विविधता लाना भारत की रणनीति का केंद्र है। उन्होंने दोहराया कि भारत के सभी फैसले इसी सोच के तहत लिए गए हैं और आगे भी लिए जाते रहेंगे।

ट्रंप के दावे पर भारत की दो-टूक

विदेश मंत्रालय की यह टिप्पणी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस दावे के बाद आई है, जिसमें उन्होंने कहा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक व्यापक व्यापार समझौते के तहत रूसी तेल की खरीद रोकने पर सहमति जताई है। भारत अमेरिका और संभवतः वेनेजुएला से तेल आयात बढ़ा सकता है। हालांकि भारत ने सार्वजनिक रूप से ऐसी किसी भी प्रतिबद्धता की पुष्टि नहीं की है।

'वेनेजुएला पर भारत के विकल्प खुले'

वेनेजुएला से जुड़े सवालों पर रणधीर जायसवाल ने कहा कि वह भारत का लंबे समय से ऊर्जा साझेदार रहा है। भारत 2019 तक वहां से कच्चा तेल आयात करता था, लेकिन प्रतिबंधों के चलते खरीद रोकनी पड़ी। 2023 से 2024 के बीच आयात कुछ समय के लिए दोबारा शुरू हुआ, लेकिन बाद में फिर प्रतिबंधों के कारण इसे बंद करना पड़ा।

उन्होंने बताया कि भारतीय सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों ने वेनेजुएला में काम कर रही अंतरराष्ट्रीय तेल कंपनियों के साथ साझेदारियां स्थापित की हैं। ऊर्जा सुरक्षा के दृष्टिकोण से भारत वेनेजुएला सहित किसी भी कच्चे तेल आपूर्ति विकल्प की व्यावसायिक संभावनाओं पर विचार करने के लिए तैयार है।

उधर केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने भी स्पष्ट किया कि बाजार परिस्थितियों और बदलती अंतरराष्ट्रीय गतिशीलताओं के अनुरूप ऊर्जा स्रोतों में विविधता लाना भारत की मूल रणनीति है। सरकार के सभी कदम इसी सोच के अनुरूप उठाए जाते हैं।