
PM मोदी ने भारत-यूरोपीय यूनियन बिजनेस फोरम को किया संबोधित (Photo-IANS)
India-EU Summit 2026: भारत और यूरोपीय संघ (EU) ने मंगलवार को एक ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर हस्ताक्षर की पुष्टि की। इस समझौते के तहत भारत ने यूरोप से आयात होने वाले लगभग 97% उत्पादों पर शुल्क घटाने या समाप्त करने पर सहमति जताई है। यूरोपीय संघ के अनुसार, इस डील से उसे हर साल करीब 4 अरब यूरो की ड्यूटी बचत होगी।
इस व्यापार समझौते के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत-यूरोपीय यूनियन बिजनेस फोरम को संबोधित किया। उन्होंने भारत-EU संबंधों को वैश्विक ‘डबल इंजन ऑफ ग्रोथ’ करार दिया। पीएम मोदी ने यूरोपीय कारोबार जगत से भारत-EU व्यापारिक रिश्तों को आगे बढ़ाने की अपील करते हुए कहा, “अब गेंद आपके पाले में है।” पीएम मोदी ने कहा कि मौजूदा वैश्विक अस्थिरता के दौर में भारत और यूरोपीय संघ मिलकर विश्व व्यवस्था को स्थिरता प्रदान करेंगे।
इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि EU में भारतीय निवेश लगभग 40 अरब यूरो तक पहुंच चुका है। पीएम मोदी ने कहा कि अब समय आ गया है कि इस साझेदारी को बिज़नेस से आगे बढ़ाकर ‘संपूर्ण समाज भागीदारी’ में बदला जाए।
EU के साथ हुए इस अहम व्यापार समझौते पर पीएम मोदी ने कहा कि इससे भारत के श्रम-प्रधान उद्योगों – जैसे टेक्सटाइल, जेम्स एंड ज्वैलरी, ऑटो पार्ट्स और इंजीनियरिंग गुड्स – को यूरोपीय बाजार में आसान पहुंच मिलेगी।
पीएम मोदी ने कहा, “EU परिषद और आयोग के अध्यक्षों की यह भारत यात्रा कोई सामान्य कूटनीतिक दौरा नहीं है, बल्कि यह भारत-यूरोपीय संघ संबंधों के एक नए युग की शुरुआत है।”
FTA के तहत EU बाजार में भारतीय उत्पादों को 97% टैरिफ लाइनों पर प्राथमिक पहुंच मिलेगी, जो कुल व्यापार मूल्य के 99.5% हिस्से को कवर करती है। नियामकीय मंजूरियों के बाद यह समझौता 2027 की शुरुआत में लागू होने की संभावना है।
समझौते के लागू होते ही भारत के 70.4% टैरिफ लाइनों पर तुरंत शुल्क समाप्त हो जाएगा, जिससे 90.7% भारतीय निर्यात को लाभ मिलेगा। इससे टेक्सटाइल, लेदर और फुटवियर, चाय-कॉफी, मसाले, खेल सामग्री, खिलौने, रत्न एवं आभूषण और कुछ समुद्री उत्पाद सीधे तौर पर लाभान्वित होंगे।
Published on:
27 Jan 2026 06:47 pm
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