
Weather update by IMD
Western Disturbance: देश भर में मौसम का मिजाज एक बार फिर बदलने वाला (IMD Weather Update) है। फरवरी का दूसरा सप्ताह शुरू होते ही उत्तर भारत में पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) की सक्रियता दिखने लगी है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अपने ताजा बुलेटिन में अगले 7 दिनों (9 फरवरी से 15 फरवरी 2026) के लिए विस्तृत पूर्वानुमान जारी किया है। जहां पहाड़ों पर (Snowfall in Himachal) बर्फ की सफेद चादर बिछने वाली है, वहीं मैदानी इलाकों में बारिश (Rainfall Alert India)और तेज हवाएं लोगों को परेशान कर सकती हैं।
मौसम विभाग के अनुसार, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और हिमाचल प्रदेश में 9 फरवरी से ही मौसम खराब होने लगेगा।
9 से 11 फरवरी: इन राज्यों के ऊपरी इलाकों में भारी बर्फबारी और बारिश का अनुमान है। पर्यटकों के लिए यह खुशخبरी हो सकती है, लेकिन स्थानीय लोगों की मुश्किलें बढ़ेंगी।
12 से 14 फरवरी: उत्तराखंड के चमोली और पिथौरागढ़ जैसे ऊंचाई वाले जिलों में बर्फबारी होगी, जबकि निचले इलाकों में ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की गई है। 15 फरवरी के बाद मौसम साफ होने की उम्मीद है।
दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लोगों को भी बदलते मौसम के लिए तैयार रहना होगा।
9-10 फरवरी: इन दो दिनों में पंजाब और हरियाणा में बादलों की आवाजाही रहेगी, जिससे न्यूनतम तापमान में 2-3 डिग्री की बढ़ोतरी होगी और ठंड से थोड़ी राहत मिलेगी।
11-12 फरवरी: यह दो दिन मैदानी इलाकों के लिए अहम हैं। दिल्ली-NCR, पश्चिमी यूपी और उत्तरी राजस्थान (श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़) में हल्की बारिश या बूंदाबांदी हो सकती है। 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।
13-15 फरवरी: बारिश के बाद आसमान साफ होगा, लेकिन सुबह के समय घना कोहरा छाने की आशंका है।
दक्षिण और मध्य भारत में 'वसंत' की आहट उत्तर भारत में जहां बारिश का अलर्ट है, वहीं मध्य प्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र में मौसम पूरी तरह शुष्क (Dry) रहेगा।
गर्मी की दस्तक: गुजरात और महाराष्ट्र के तटीय इलाकों में दिन का तापमान 30 डिग्री सेल्सियस को पार कर सकता है।
दक्षिण भारत: तमिलनाडु और केरल के कुछ तटीय इलाकों में 10-11 फरवरी को हल्की बारिश हो सकती है, बाकी जगह मौसम साफ रहेगा। तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में गर्मी का अहसास बढ़ने लगेगा।
आईएमडी ने उत्तर भारत के किसानों को विशेष सलाह दी है। बारिश और ओलावृष्टि की संभावना को देखते हुए सिंचाई और कीटनाशकों के छिड़काव को फिलहाल रोकने को कहा गया है। वहीं, पहाड़ी राज्यों की यात्रा कर रहे पर्यटकों को भूस्खलन (Landslide) और रास्ते बंद होने की स्थिति के प्रति सतर्क रहने की हिदायत दी गई है।
इस बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि की चेतावनी से रबी की फसल, विशेषकर सरसों और गेहूं उगाने वाले किसान चिंतित हैं। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि अगर तेज हवाओं के साथ ओले गिरे, तो खड़ी फसल को नुकसान हो सकता है। दूसरी तरफ, दिल्लीवासियों को उम्मीद है कि बारिश से प्रदूषण के स्तर (AQI) में गिरावट आएगी और हवा साफ होगी।
अब सबकी नजरें 12 फरवरी पर टिकी हैं, जब पश्चिमी विक्षोभ का असर सबसे ज्यादा दिखने की संभावना है। प्रशासन को जलभराव और ट्रैफिक जाम जैसी स्थितियों से निपटने के लिए तैयार रहने को कहा गया है। पहाड़ी राज्यों में हाईवे खुले रहेंगे या बंद, इसका अपडेट भी लगातार लिया जा रहा है।
तापमान में उतार-चढ़ाव और बारिश के बाद धूप निकलने से वायरल फीवर और फ्लू का खतरा बढ़ गया है। डॉक्टरों ने बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। सुबह की ठंड और दिन की गर्मी के बीच कपड़ों का चयन सावधानी से करना जरूरी है।
Updated on:
08 Feb 2026 02:17 pm
Published on:
08 Feb 2026 02:14 pm
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