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’15 मिनट में घर पहुंच जाऊंगा’, गड्ढे में गिरने से पहले व्यक्ति ने फोन पर कहे आखिरी शब्द

परिवार के मुताबिक, युवक गुरुवार देर रात रोहिणी स्थित अपने ऑफिस से घर लौट रहा था। रात 11:53 बजे उसकी आखिरी बार परिवार से बात हुई थी।

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दिल्ली में गड्ढे में गिरने से बाइक सवार की हुई मौत (Photo-X)

Delhi Biker Accident: पश्चिमी दिल्ली के जनकपुरी इलाके में निर्माण कार्य के लिए खोदे गए गहरे गड्ढे में बाइक गिरने से युवक की दर्दनाक मौत हो गई। इस घटना के बाद परिवार और दोस्तों ने पुलिस, दिल्ली जल बोर्ड और प्रशासन पर गंभीर लापरवाही व देरी के आरोप लगाए हैं। परिजनों का कहना है कि अगर समय रहते तलाश और कार्रवाई होती, तो शायद कमल की जान बचाई जा सकती थी।

युवक ने क्या कहे आखिरी शब्द?

परिवार के मुताबिक, युवक गुरुवार देर रात रोहिणी स्थित अपने ऑफिस से घर लौट रहा था। रात 11:53 बजे उसकी आखिरी बार परिवार से बात हुई थी। एक दोस्त के अनुसार, कमल ने बताया था कि वह डीसी सेंटर पहुंच चुका है और 15 मिनट में घर आ जाएगा। लेकिन जब वह तय समय पर नहीं पहुंचा तो परिवार की चिंता बढ़ गई।

भाई ने लगाए ये आरोप

करीब आधे घंटे तक कॉल करने के बावजूद जब फोन नहीं उठा, तो परिजन और दोस्त उसकी तलाश में निकल पड़े। भाई का आरोप है कि वे रातभर कई पुलिस थानों के चक्कर लगाते रहे, लेकिन मदद नहीं मिली। जनकपुरी थाना पहुंचने पर उन्हें कहा गया कि गुमशुदगी की शिकायत 24 घंटे बाद ही दर्ज होगी। परिजनों ने फोन ट्रेस करने की गुहार लगाई। आरोप है कि लोकेशन निकाली गई, लेकिन बाद में “गोपनीय” बताकर साझा नहीं की गई।

युवक के पिता ने प्रशासन को ठहराया जिम्मेदार

युवक के पिता नरेश चंद ने दिल्ली जल बोर्ड और प्रशासन को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि दो-तीन दिन पहले तक यहां कोई गड्ढा नहीं था। अगर सुरक्षा इंतजाम होते तो मेरा बेटा आज जिंदा होता। दोस्तों ने भी पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

उन्होंने कहा कि कई घंटे बाद जब सर्च दोबारा की गई, तो कमल का शव उसी गड्ढे में मिला। परिवार का आरोप है कि वह गड्ढा हाल ही में खोदा गया था और वहां कोई चेतावनी संकेत, बैरिकेडिंग या लाइट नहीं थी। 

फिलहाल पुलिस और दिल्ली जल बोर्ड ने जांच की बात कही है, लेकिन परिवार न्याय और जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की मांग कर रहा है।