
दिल्ली के 28 साल के मृतक कमल की मां का रो-रोकर हुआ बुरा हाल (इमेज सोर्स: IANS)
Janakpuri Kamal Death Case: दिल्ली के जनकपुरी में एक ऐसी दिल दहला देने वाली घटना हुई है, जिसने हर किसी को भीतर तक हिला दिया। 28 साल का कमल रोज की तरह घर लौट रहा था और अपनी मां से आखिरी बार यही कहकर निकला था- ‘मम्मी, मैं घर आ रहा हूं…’ लेकिन किसे पता था कि यह उसकी अंतिम बातचीत बन जाएगी। सड़क पर खुले छोड़े गए एक गहरे और खतरनाक गड्ढे में गिरकर कमल की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। कैलाशपुरी के इस युवक की अचानक मौत से परिवार सदमे में है, जबकि मां शांति का रो-रोकर बुरा हाल है।
इस घटना पर कमल की मां शांति ने बताया कि बेटे ने ऑफिस से निकलते समय कुछ नहीं कहा था। उसने बस इतना बताया कि मम्मी मैं डिस्ट्रिक्ट सेंटर से घर आ रहा हूं। रात करीब 12 बजे उसने मुझे फोन करके कहा कि वह रास्ते में है। लेकिन जब वह घर नहीं पहुंचा, तो मैंने उसे कई बार कॉल किया, पर उसने फोन नहीं उठाया।
कमल के भाई मयंक ने बताया कि कमल उनका छोटा भाई था। वह रोहिणी में अपनी शिफ्ट खत्म करके घर लौट रहा था और उसे पालम जाना था। जनकपुरी तक सब ठीक था, लेकिन वहीं हादसा हो गया। सड़क पर दिल्ली जल बोर्ड का बनाया हुआ एक बड़ा गड्ढा था, जिसमें वह गिर गया। वहां न कोई बैरिकेड था, न कोई चेतावनी बोर्ड और न ही कोई सुरक्षा व्यवस्था। लोगों को सावधान करने के लिए भी कुछ नहीं लगा था।
कमल के भाई ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि अधिकारियों की जिम्मेदारी है कि सड़क पर कोई भी काम अधूरा न छोड़ा जाए। उन्होंने बताया कि रात 11 बजे तक कमल से बात हो रही थी, लेकिन इसके बाद संपर्क टूट गया। जब वह नहीं मिला, तो परिवार को अनहोनी का अहसास हुआ और उन्होंने रातभर उसकी तलाश की, लेकिन वह नहीं मिला।
जनकपुरी हादसे पर दिल्ली सरकार के मंत्री प्रवेश वर्मा ने तुरंत कार्रवाई की। उन्होंने एक्स (Twitter) पर पोस्ट करके बताया कि वे उस जगह का दौरा कर चुके हैं, जहां सीवर लाइन का काम चल रहा था और हादसा हुआ। मंत्री ने कहा कि यह घटना बेहद दुखद है और उनकी संवेदनाएं पीड़ित परिवार के साथ हैं।
उन्होंने बताया कि जिम्मेदारियों को देखते हुए एग्जीक्यूटिव इंजीनियर को तुरंत सस्पेंड कर दिया गया है और संबंधित एजेंसी पर कड़ी कार्रवाई की जा रही है। दिल्ली जल बोर्ड ने इस मामले की जांच के लिए एक हाई-लेवल कमेटी बनाई है।
कमेटी को निर्देश दिए गए हैं कि वे दुर्घटना स्थल का निरीक्षण करें, वहांकी सुरक्षा व्यवस्था, बैरिकेडिंग, चेतावनी बोर्ड और ट्रैफिक मैनेजमेंट की जाँच करें और यह देखें कि सुरक्षा नियमों का पालन हुआ था या नहीं। जहाँ भी लापरवाही मिले, वहाँ जिम्मेदारी तय की जाए और सुधारात्मक कदम सुझाए जाएं। शाम तक पूरी रिपोर्ट मांगी गई है। मंत्री ने साफ कहा कि नागरिकों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होगा और ऐसी घटनाएं दोबारा नहीं होने दी जाएंगी।
Published on:
07 Feb 2026 12:42 am
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