बैंगलोर, Jun 07, 2026
Karnataka Ponzi Scam 2400 Crore: कर्नाटक में एक बड़ा वित्तीय घोटाला सामने आया है, जिसमें हजारों निवेशकों के साथ ठगी की गई है। CID ने 2,400 करोड़ रुपये के पोंजी स्कीम (Ponzi Scam) घोटाले का भंडाफोड़ किया है। इस मामले में शिवानंद नीलान्नवर (Shivananda Neelannavar) को मुख्य आरोपी बताया गया है, जिसने करीब 40,700 लोगों को अपने जाल में फंसाया। CID के मुताबिक यह पूरा खेल नए निवेशकों से पैसा लेकर पुराने निवेशकों को ब्याज देने के नाम पर चल रहा था।
CID ने शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस घोटाले का खुलासा किया। DIG भीमाशंकर गुलेड ने बताया कि जांच में साफ हो गया है कि यह एक सुनियोजित पोंजी स्कीम थी। उन्होंने कहा कि यह साबित हो चुका है कि शिवानंद नीलन्नवर ने धोखाधड़ी की है। वह एक पोंजी स्कीम चला रहे थे, जिसमें पुराने निवेशकों को ब्याज देने के लिए नए निवेशकों के पैसे का इस्तेमाल किया जाता था। उन्होंने यह तब तक जारी रखा जब तक कि ब्याज का भुगतान नए कलेक्शन से ज्यादा नहीं हो गया। अधिकारियों के अनुसार, जैसे-जैसे नए निवेश कम होने लगे, पूरा सिस्टम टूट गया।
जांच में सामने आया है कि आरोपी ने लगभग 2,400 करोड़ रुपये निवेशकों से जुटाए थे। इसमें से कुछ रकम पहले ही वापस की जा चुकी है, लेकिन बड़ी राशि अब भी फंसी हुई है। करीब 540 करोड़ रुपये शेयर बाजार में लगाए गए, जिसमें लगभग 170 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। कुल मिलाकर 660 करोड़ रुपये का घाटा सामने आया है, जिसमें से करीब 330 करोड़ रुपये की रिकवरी संभव मानी जा रही है। अधिकारियों के मुताबिक लगभग 40,700 लोगों ने इस स्कीम में पैसा लगाया था।
जांच में एक सहयोगी की भूमिका भी सामने आई है, जिस पर कंपनी से करीब 55 करोड़ रुपये निजी खातों में ट्रांसफर करने का आरोप है। CID ने अब तक 5 लग्जरी गाड़ियां जब्त की हैं और 11 और वाहनों की जब्ती की प्रक्रिया चल रही है। अब तक लगभग 400 करोड़ रुपये निवेशकों को वापस किए जा चुके हैं।
जांच अधिकारियों ने बताया कि इस घोटाले में 30 बैंक खाते सामने आए हैं, जिनमें से 7 खातों में ज्यादातर लेन-देन हुआ। भीमाशंकर गुलेड ने कहा गुलेड ने कहा कि हम वह पैसा वापस लाएंगे और बचे हुए निवेशकों में बांट देंगे। FIR दर्ज होने के बाद भी 4 से 5 करोड़ रुपये जमा किए गए थे। हमें 30 बैंक अकाउंट मिले हैं, जिनमें से सात अकाउंट में ज्यादातर पैसा आया था। एक ही अकाउंट में ट्रांजैक्शन के 36,200 पेज हैं और जांच चल रही है।
इस स्कीम में सबसे ज्यादा निवेश महाराष्ट्र से आया था। CID अब महाराष्ट्र पुलिस के साथ मिलकर आगे की जांच कर रही है।जांच पूरी होने के बाद केस को BUDS Act के तहत Aditya Amlan Biswas को सौंप दिया गया है, जो रिकवरी और निवेशकों को पैसा लौटाने की प्रक्रिया देखेंगे।
Published on: 07 Jun 2026 09:09 pm

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