
झारखंड की गोड्डा लोकसभा सीट पर कांग्रेस की ओर से पहले प्रत्याशी घोषित किए जाने और उसके पांच दिनों बाद टिकट कटने पर दीपिका पांडेय सिंह ने कहा है कि महिलाओं के लिए राजनीति आसान नहीं है। बीते पांच दिनों में मैं गोड्डा के जितने भी लोगों से मिली, उसके आधार पर कह सकती हूं कि उन्होंने मुझे इस सीट पर विनर के रूप में देखा।
अब पार्टी ने टिकट वापस लेकर किसी और को दे दिया है तो कम से कम मैं दूसरों की तरह उनके खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने वाली नहीं हूं। टिकट कटने के बाद मीडिया से बात करते हुए कांग्रेस विधायक ने कहा कि इस वक्त मैं हरिवंश राय बच्चन की पंक्ति दोहरा रही हूं कि “मन का हो तो अच्छा, मन का न हो तो और भी अच्छा।“
राहुल गांधी जैसे नेता के लिए ऐसे कई टिकट कुर्बान
टिकट कटने के बाद गोड्डा लोकसभा चुनाव में आपका क्या स्टैंड होगा? इस सवाल पर दीपिका ने कहा कि राहुल गांधी जैसे नेता के लिए ऐसे कई टिकट कुर्बान हैं। पार्टी ने अगर ऐसा निर्णय लिया है तो शायद सोच-समझकर ही लिया होगा। मैं पार्टी की समर्पित कार्यकर्ता हूं। जैसा पार्टी का निर्देश होगा, उसी के अनुसार चलूंगी। उम्मीदवारी घोषित होने के बाद अपने खिलाफ हुए प्रदर्शनों के बारे में पूछे जाने पर कांग्रेस विधायक ने कहा कि सभी जानते हैं कि जो लोग प्रदर्शन कर रहे थे, उनका लंबे समय से पार्टी से कोई जुड़ाव नहीं है। मैं उनकी तरह कोई एक्ट नहीं करने वाली हूं।
पार्टी के निर्णय के साथ हूं
क्या आप अपनी जगह उम्मीदवार बनाए गए प्रदीप यादव का समर्थन करती हैं? यह पूछे जाने पर दीपिका पांडेय ने कहा कि मैं पार्टी के निर्णय के साथ हूं। पार्टी के समर्पित कार्यकर्ता के रूप में जो करना है, करूंगी। अपने क्षेत्र में पार्टी को लीड कराना मेरी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि पिछले चार-पांच दिनों में जिन लोगों ने भी मेरा समर्थन किया, मैं उनके प्रति आभार व्यक्त करती हूं।
महगामा से विधायक हैं दीपिका पांडेय
बता दें कि दीपिका पांडेय सिंह गोड्डा की महगामा विधानसभा से विधायक हैं। कांग्रेस ने 16 अप्रैल को उन्हें गोड्डा संसदीय सीट का प्रत्याशी घोषित किया था और इसके बाद छठे दिन 21 अप्रैल की शाम को उनकी उम्मीदवारी वापस ले ली गई। उनकी जगह अब दूसरे विधायक प्रदीप यादव को टिकट दिया गया है।
Published on:
22 Apr 2024 06:35 pm

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