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‘हम पीछे बैठकर सरकार नहीं चलाते’, केंद्र और BJP में दखलंदाजी पर मोहन भागवत का बड़ा बयान

संघ प्रमुख मोहन भागवत ने मुंबई में कहा- हम सरकार को पीछे बैठकर नहीं चलाते। रिमोट कंट्रोल की बातें गलत हैं। स्वयंसेवक हमेशा सरकार के साथ खड़े रहने को तैयार हैं, जब भी जरूरत पड़े।

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भारत

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Mukul Kumar

Feb 08, 2026

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत। (फोटो- IANS)

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत ने रविवार को उन थ्योरीज को खारिज कर दिया जिनमें कहा जा रहा था कि संगठन सरकार को रिमोट कंट्रोल कर रहा है और इस बात को दोहराया कि स्वयंसेवक जरूरत पड़ने पर सरकार का समर्थन करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

संघ यात्रा के 100 साल के हिस्से के रूप में आयोजित मुंबई व्याख्यानमाला लेक्चर सीरीज के दूसरे दिन बोलते हुए भागवत ने कहा- हम पीछे बैठकर सरकार नहीं चलाते हैं। सरकार वही लोग चलाते हैं जो सरकार में हैं।

सरकार में किसी भी दखल से किया इनकार

BJP के नेतृत्व वाली सरकार में किसी भी दखल से इनकार करने के अलावा RSS प्रमुख ने राष्ट्रीय सेवा के प्रति संगठन की प्रतिबद्धता और सरकारी प्रयासों में शामिल होने की इच्छा का भी जिक्र किया।

रिटायरमेंट पर क्या बोले भागवत?

RSS सरसंघचालक ने रिटायरमेंट और राष्ट्रीय सेवा के प्रति अपने जीवन भर की प्रतिबद्धता जैसे मुद्दों पर भी बात की। उन्होंने कहा- देश के लिए मेरा काम रिटायरमेंट के बाद भी जारी रहेगा।

भागवत ने बांग्लादेश में 1.25 करोड़ हिंदुओं के खिलाफ कथित अत्याचारों की ओर इशारा करते हुए हिंदुओं के बीच वैश्विक एकता पर जोर दिया।

उन्होंने कहा कि वैश्विक हिंदू एकता दुनिया के किसी भी हिस्से में अपने अधिकारों और मुद्दों के लिए लड़ने के लिए बाहरी ताकतों पर उनकी निर्भरता की जरूरत को खत्म कर देगी।

तीन बच्चों के सिद्धांत पर भी बोले आरएसएस प्रमुख

RSS प्रमुख ने तीन बच्चों के सिद्धांत में अपने विश्वास को भी दोहराया और इसकी जड़ों को पारंपरिक ज्ञान और मेडिकल साइंस से जोड़ा।

जनसंख्या स्थिरता पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि शास्त्र और मेडिकल अध्ययन सामाजिक स्वास्थ्य और संतुलन के लिए तीन बच्चों वाले परिवार के मॉडल की ओर इशारा करते हैं।

नागरिकों को सरकारी प्रयासों में शामिल होने का संदेश देते हुए भागवत ने कहा कि लोगों को 'मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता' वाला रवैया छोड़ना होगा और आंतरिक व बाहरी दोनों तरह के खतरों के प्रति सतर्क रहना होगा।

आतंकी हमले पर भी बोले भागवत

भागवत ने हाल ही में लाल किले के पास हुए आतंकी धमाके की ओर भी इशारा किया और कहा कि सामाजिक जागरूकता खुफिया जानकारी इकट्ठा करने में मदद करती है, यह संकेत देते हुए कि खुफिया एजेंसियों ने आतंकी सेल का पता लगा लिया था, लेकिन सतर्क नागरिकों के समर्थन की कमी के कारण इसे रोका नहीं जा सका।

टैरिफ पर क्या बोले भागवत?

कार्यक्रम के पहले सत्र के दौरान शुक्रवार को RSS प्रमुख ने कहा था कि हम खुद को दुनिया से अलग नहीं कर सकते, लेकिन सौदा हमारी शर्तों और नियमों पर होना चाहिए। हम किसी के दबाव में या टैरिफ देखकर ऐसा नहीं करेंगे।

किसी देश या नेता का नाम लिए बिना उन्होंने आगे कहा- हम देख रहे हैं कि सुपरपावर क्या कर रही है। हम ऐसा नहीं बनना चाहते जो दूसरों को डराए। विश्वगुरु के तौर पर, हम अंदर से नेतृत्व करना चाहते हैं और दुनिया के लिए एक मिसाल बनना चाहते हैं।