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जम्मू-कश्मीर से बड़ी ख़बर: सांबा जिले में दिखा संदिग्ध पाकिस्तानी ड्रोन; अलर्ट पर भारतीय सुरक्षाबल

"सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी की चेतावनी के बावजूद जम्मू-कश्मीर के सांबा में फिर दिखा संदिग्ध पाकिस्तानी ड्रोन। रामगढ़ सेक्टर में सर्च ऑपरेशन जारी। जानें जनवरी 2026 में राजौरी, पुंछ और कुपवाड़ा में हुई ड्रोन घुसपैठ की बड़ी घटनाओं का पूरा ब्योरा।"

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Pakistan Drones

(AI Generated Images)

'ऑपरेशन सिंदूर' के बाद भारतीय थल सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी द्वारा दी गई चेतावनी देने के बावजूद पाकिस्तान अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। दरअसल, एक बार फिर जम्मू-कश्मीर के इंटरनेशनल बॉर्डर से सटे सांबा जिले में शुक्रवार को संदिग्ध पाकिस्तानी ड्रोन देखा गया। इस घटना के बाद मुस्तैद भारतीय जवानों का इलाके में सर्च ऑपरेशन ऑपरेशन जारी है।

मिली जानकारी के मुताबिक, रामगढ़ सेक्टर के रतनपुर गांव में शाम को करीब 7 बजकर 40 मिनट पर संदिग्ध पाकिस्तानी ड्रोन देखा गया। हालांकि कुछ देर भारतीय सीमा में रहने के बाद ड्रोन पाकिस्तान लौट गया। उधर, ड्रोन के जरिए हथियार, गोला बारूद और विस्फोटक सामग्री गिराए जाने की आशंका में भारतीय सुरक्षाबलों की तरफ से गांव और आस-पास के इलाके में सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। समाचार लिखे जाने तक भारतीय सुरक्षाबलों को कोई विस्फोटक पदार्थ नहीं मिला था।

जम्मू-कश्मीर में इस साल ड्रोन गतिविधियां

  • 11-12 जनवरी: राजौरी के नौशेरा सेक्टर और पुंछ के मानकोट सेक्टर में एक साथ 5 ड्रोन देखे गए। भारतीय जवानों ने मशीन गन से फायरिंग कर इन्हें सीमा पार खदेड़ दिया।
  • 15 जनवरी: पुंछ के देगवार सेक्टर में रात के अंधेरे में ड्रोन की आवाज सुनी गई। इसी दिन सांबा के केसो महसन गांव के पास भी ड्रोन गतिविधि दर्ज की गई।
  • 25 जनवरी: कठुआ के हीरानगर और आसपास के सीमावर्ती इलाकों में ड्रोन देखा गया। इन दोनों घटनाओं के बाद सीमा सुरक्षा बल (BSF) ने सघन तलाशी अभियान (Cordon and Search Operation) चलाया।
  • 30 जनवरी: उत्तर कश्मीर के कुपवाड़ा जिले के केरं (Keran) सेक्टर में नियंत्रण रेखा (LoC) के पास लगभग 15 पाकिस्तानी ड्रोन देखे गए। भारतीय सेना ने तुरंत कार्रवाई करते हुए चेतावनी के तौर पर फायरिंग की, जिसके बाद सभी ड्रोन वापस पाकिस्तान की ओर लौट गए।