
पूर्णिया सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव। (फोटो- IANS)
पूर्णिया सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव मंगलवार को कोर्ट से जमानत मिलने के बाद भी जेल से बाहर नहीं आ पाए। दरअसल, घर कब्जा करने वाले मामले में तो उन्हें जमानत मिल गई, लेकिन दो अन्य मामलों को लेकर कोर्ट ने फिर से पप्पू को न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
इसको लेकर पप्पू यादव ने मंगलवार को बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और सीनियर एडमिनिस्ट्रेटिव व पॉलिटिकल नेताओं को संबोधित करते हुए कड़े शब्दों में एक लिखित बयान जारी किया।
पप्पू ने आरोप लगाया कि उन्हें परेशान करने और चुप कराने के लिए एक के बाद एक उनके खिलाफ केस दर्ज किए जा रहे हैं। 31 साल पुराने एक मामले में जमानत दिए जाने के तुरंत बाद दो अन्य मामलों में जेल भेजे जाने पर उन्होंने यह बता कही।
जिन दो मामलों में पप्पू को जेल भेजा गया है। उसमें से एक गर्दनीबाग में कथित तौर पर मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट के उल्लंघन से संबंधित है और दूसरा बुद्ध कॉलोनी में सरकारी अधिकारियों के काम में कथित तौर पर बाधा डालने से संबंधित है।
वहीं, पप्पू के खिलाफ एक अन्य मामला 6 फरवरी को हुए टकराव से जुड़ा है, जब पुलिस उन्हें गिरफ्तार करने के लिए उनके मंदिरी स्थित घर पर पहुंची थी।पप्पू यादव ने कहा- मुझे नहीं पता कि आज सरकार कौन चला रहा है।
पप्पू ने आगे कहा- मुझे पता था कि बिहार को नीतीश कुमार चला रहे हैं, जिनका मैं बड़े भाई की तरह सम्मान करता था। यह उस नीतीश कुमार की सरकार नहीं है।
उन्होंने मुख्यमंत्री के लिए अपने पिछले राजनीतिक समर्थन को याद किया, जिसमें मुश्किल राजनीतिक दौर में उनके साथ खड़े रहना का दावा किया।
यादव ने दावा किया कि उन्होंने अपने 20 साल के कार्यकाल के दौरान नीतीश कुमार से कभी कोई निजी मदद नहीं मांगी और शकुनी चौधरी या सम्राट चौधरी जैसे नेताओं पर कभी व्यक्तिगत रूप से हमला नहीं किया।
पप्पू ने पूछा- कृपया बिहार के लोगों को बताएं कि मेरा गुनाह क्या है। क्या सवाल उठाना गुनाह है? COVID-19 महामारी के दौरान और अब 2026 में अपनी गिरफ्तारियों का जिक्र करते हुए पप्पू ने छात्रों, शासन की नाकामियों और हाल ही में एक NEET उम्मीदवार की मौत से जुड़े मुद्दों को उठाने के लिए निजी दुश्मनी और सत्ता के दुरुपयोग के एक पैटर्न का आरोप लगाया।
पप्पू ने पूछा- मेरा संघर्ष बिहार की बेटियों की सुरक्षा के लिए है। मेरा गुनाह क्या था? वहीं, सीनियर पुलिस अधिकारियों पर निशाना साधते हुए यादव ने कहा-मुझे नहीं पता कि कौन राजा है और कौन गुलाम, लेकिन जनता सब जानती है। उन्होंने कहा कि डरा-धमकाकर सच को दबाया नहीं जा सकता।
पप्पू ने नए केस की टाइमिंग पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा- ये सभी केस विरोध और कोड ऑफ कंडक्ट से जुड़े हैं। मेरे खिलाफ एक भी केस क्रिमिनल नहीं है। न्यायपालिका पर भरोसा जताते हुए यादव ने कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो लड़ाई सुप्रीम कोर्ट तक जाएगी।
पप्पू ने जोर देकर कहा- लोकतंत्र में, जनता और कोर्ट सबसे ऊपर होते हैं, सरकार नहीं। उन्होंने राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, चंद्रशेखर आजाद ‘रावण’, संजय सिंह, मनोज झा, जीतन राम मांझी, कांग्रेस, राजद और दूसरी पार्टियों के नेताओं को धन्यवाद दिया, जिन्होंने इस मुश्किल दौर में उनका साथ दिया।
यादव ने कहा- मैं 1985 से संघर्ष और सच्चाई के रास्ते पर चला हूं। मेरी आवाज कभी नहीं रुकी है और न ही कभी रुकेगी। उन्होंने आगे कहा कि वह NEET कैंडिडेट के लिए न्याय और बिहार में महिलाओं की इज्जत व सुरक्षा के लिए लड़ते रहेंगे।
Updated on:
10 Feb 2026 08:08 pm
Published on:
10 Feb 2026 08:06 pm
बड़ी खबरें
View Allबिहार चुनाव
राष्ट्रीय
ट्रेंडिंग
