
प्रतीकात्मक फोटो
Rajkot child rape: विशेष अदालत ने गुजरात के राजकोट के एक गांव में छह साल की मासूम बच्ची से बलात्कार के दोषी रामसिंह डूडवा (30) को शनिवार को फांसी की सजा सुनाई। निर्भया कांड जैसी दिल दहलाने वाली इस घटना की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में हुई। जस्टिस वी ए राणा ने 40 दिनों में इसका फैसला सुनाया।
मध्य प्रदेश के अलीराजपुर के रहने वाले इस आरोपी ने गत 4 दिसंबर को खेतों में मजदूरी करने वाले दाहोद जिले के एक गरीब परिवार की बच्ची के साथ दुष्कर्म किया था। दोषी ने बच्ची के प्राइवेट पार्ट में लोहे की रॉड जैसा नुकीला हथियार भी घुसेड़ा, जिससे बच्ची लहूलुहान हो गई थी। इस घटना के बाद वह वहां से फरार हो गया था। पीडि़ता ने उसकी पहचान की। इसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। वह तीन संतानों का पिता है जो यहां मजदूरी का काम करता था।
पुलिस ने बच्ची के पिता की शिकायत पर पोक्सो और बलात्कार की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया। गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में उसने कबूल किया कि वह भी पीडि़ता के परिजनों के खेत के पास वाले खेत में मजदूरी करता था। 15 जनवरी को कोर्ट में सजा के फैसले को लेकर सुनवाई शुरू हुई थी, जिसमें सरकारी वकील एस के वोरा और सहायक लोक अभियोजक प्रशांत पटेल ने इस केस में मेडिकल, मौखिक और इलेक्ट्रॉनिक तीनों प्रकार के सबूत होने पर उसे सख्त से सख्त सजा देने की मांग की। शनिवार सुबह अदालत ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए फांसी की सजा का ऐलान किया।
पुलिस ने इस मामले में सिर्फ 11 दिन में अदालत में आरोप पत्र पेश किया था। बच्ची के पिता ने तुरंत केस चलाकर आरोपी को सख्त सजा देने की कोर्ट से मांग की थी। घटना की गंभीरता को देखते हुए कोर्ट ने रोजाना सुनवाई का आदेश दिया और 6 दिन में सारे सबूत दर्ज कर लिए गए। कोर्ट ने घटना के मात्र 33 वें दिन ही पूरी सुनवाई की।
Updated on:
18 Jan 2026 05:22 am
Published on:
18 Jan 2026 05:21 am
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