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MP/MLA की बात पर गडकरी बोले, ऐसी सलाह मत दो जिसमें मेरी कुर्सी प्रॉब्लम में आए!

पत्रकार के लगातार एक ही सवाल पर टिके रहने के बाद गडकरी कुछ ऐसे जस्टिफाई कर रहे थे कि देखिए एंबुलेंस है, बाद में एग्रीकल्चर ट्रैक्टर, जिसमें एग्रीकल्चर माल पड़ा है उसको भी नहीं लगता टोल टैक्स।

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Nitin Gadkari on free toll to MP/MLa

Nitin Gadkari on free toll to MP/MLa


मोदी सरकार के लोकप्रिय मंत्री के तौर पर विख्यात नितिन गडकरी का एक इंटरेस्टिंग बयान आजकर बहुत वायरल हो रहा है। इसी हफ्ते एक चैनल के कार्यक्रम में बतौर अतिथि पधारे सड़क और परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने इंटरव्यू के दौरान ऐसा 'सच' बोल दिया, जिसे सुन वहां मौजूद हर चेहरे पर मुस्कुराहट आ गई।

मामला कुछ यूं है कि टोल टैक्स पर बात करते हुए जब इंटरव्यू ले रही टीवी पत्रकार ने उनसे कई बार यही सवाल पूछा कि एमपी/एमएलए को टोल टैक्स पर छूट क्यों दी जाती है? वे बोलीं, मुझे एक बात बताइए, प्रधानमंत्री बार-बार कहते हैं कि वीवीआईपी कल्चर बंद करो। ये वीआईपी कल्चर, लाल बत्ती बंद करो, नीली बत्ती बंद करो, बंद करो ये सब भोपू सब बंद करो। लेकिन आपके टोल प्लाजा पे ये वीवीआईपी कल्चर क्यों नहीं बंद होता है? क्यों सारे पॉलिटिशियंस की गाड़ी बिना टोल दिए हुए जाती है? क्यों सारे एमएलए की गाड़ी बिना टोल दिए हुए जाती है? क्यों वीवीआईपी को नहीं रोका जाता है? और सारे प्रिविलेज उनको है। हम सब टौल पर रुके, पैसा दें। उनमें ऐसे कौन से पंख लगे हुए हैं सर कि वो नहीं रुकते और पैसे नहीं देते बताइए।
इस पर गडकरी बोले, तो देखिए पहली बात तो ऐसी है कि लाल बत्ती की गाड़ी तो प्रधानमंत्री ने मुझे ही बंद करने के लिए कहा था, वो कलेक्टर के ऊपर पुलिस के शीर्ष अधिकारियों के जितने वीआईपी वाली लाइट थी वो तो बंद हो गई। मेरे डिपार्टमेंट मे मैंने ऐसा कर दिया। अब दूसरी बात ऐसी है कि यह जो टोल पॉलिसी बनी ये बीओटी की है, इसमें केवल एमएलए एमपी नहीं है। इसमें एंबुलेंस है।

इस पर पत्रकार बोलीं कि एंबुलेंस तो वो तो आप जेन्युइन केस है वो तो समझ में आता है, आप मुझे एमएलए/एमपी का जवाब दीजिए।

पत्रकार के लगातार एक ही सवाल पर टिके रहने के बाद गडकरी कुछ ऐसे जस्टिफाई कर रहे थे कि देखिए एंबुलेंस है, बाद में एग्रीकल्चर ट्रैक्टर, जिसमें एग्रीकल्चर माल पड़ा है उसको भी नहीं लगता टोल टैक्स। प्रॉब्लम यह है कि एमएलए/एमपी के ये सुविधा बहुत पहले से, उनके लिए भी ये सुविधा दी गई है। इस पर एंकर बोलीं, आप क्यों नहीं बदल रहे हैं इसको सर? इतनी सारी चीजें बदली है आपने। इसको भी बदलिए।

गडकरी ने कई बार इस सवाल का जवाब सीधे न देते हुए कुछ घुमावदार बातें की, पर जब पत्रकार लगातार इसी बात पर फोकस कर रही थी कि आखिरकार एमपी/एमएलए को टौल टैक्स क्यों माफ किया जाता है, तो गडकरी ने हंसते हुए कहते हैं कि मैं क्यों बदलूं पॉलिसी? मैं आपको बताता हूं। मैं बीओटी का जन्मदाता हूं। और तुम ऐसा कोई सलाह मुझे मत दो जिसमें मेरी कुर्सी प्रॉब्लम में आए। ये एमएलए एमपी जो हैं, उन्हें रेलवे में रिजर्वेशन है। तुम कल कहोगे एमपी का रिजर्वेशन बंद करो। आखिर लोकतंत्र में उनका भी अपना एक स्थान होता है।

इस पर एंकर ने स्पष्ट तौर पर कहा कि लेकिन सही नहीं है। ये फेयर नहीं है। आप यहां मौजदू लोगों के बीच वोटिंग करा लीजिए। आप देखिए कितने लोग को ये फेयर लगता है। ये प्रिविलेजेस की क्या बात है सर। देखिए ये सब ये सब सही नहीं है। यही एमएलए, एमपी और मंत्री सबसे ज्यादा नाटक करते हैं टोल प्लाज़ा पर। रोक दो गलती से तो उतर के ठोकते हैं।
इस पर गडकरी कहते है कि सुप्रीम कोर्ट के जजों को भी ये सुविधा दी हुई है। हाई कोर्ट जजेस को भी दी है। एमएलए को दिया है।

इस पर एंकर थोड़ा ठहरते हुए कहती हैं कि अब आप सीधा जुडिशरी पे ले जाइएगा तो मैं तो कुछ नहीं बोलूंगी वहां पर सर।
बात समाप्त करते हुए मंत्री कहते हैं कि मेरे पास बहुत पत्रकार आते हैं और पूछते हैं सवाल कि हमको कब टोल टैक्स फ्री में मिलेगा? मैं बोलता हूं कि तुमको कभी नहीं मिलेगा, इफ यू वांट गुड सर्विसेस यू हैव टू पे फॉर इट।