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पाकिस्तान को अमेरिका ने दिया तगड़ा झटका, जम्मू-कश्मीर और PoK को भारत का हिस्सा माना

अमेरिका ने पाकिस्तान को बड़ा झटका दिया है। दरअसल, अमेरिकी ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव ऑफिस ने भारत का नया नक्शा जारी किया। इस नक्शे में जम्मू-कश्मीर और पाक अधिकृत कश्मीर को भारत का हिस्सा दिखाया गया है।

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pm modi, asif munir and donald trump

पीएम मोदी, पाकिस्तानी फील्ड मार्शल आसिम मुनीर और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Photo Credit- IANS)

भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील को लेकर आपसी सहमति बन गई है। इसको लेकर दोनों देशों की ओर से संयुक्त बयान भी जारी किए गए हैं। दोनों देशों ने संयुक्त बयान में कहा गया है, 'अमेरिका और भारत को यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि वे आपसी और पारस्परिक रूप से लाभकारी व्यापार (अंतरिम समझौता) के संबंध में एक फ्रेमवर्क पर सहमत हो गए हैं। फ्रेमवर्क 13 फरवरी 2025 को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से शुरू की गई वार्ताओं के प्रति देशों की प्रतिबद्धता की पुष्टि करता है, जिसमें अतिरिक्त बाजार पहुंच प्रतिबद्धताएं शामिल होंगी और अधिक लचीली आपूर्ति श्रृंखलाओं का समर्थन किया जाएगा।"

दोनों देशों के ट्रेड डील को लेकर साझा जारी बयानों के बीच अमेरिका ने पाकिस्तान को तगड़ा झटका दिया है। अमेरिकी ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव (US Trade Representative) ऑफिस ने भारत का एक नक्शा जारी किया है। इस नक्शे में जम्मू-कश्मीर को भारत का हिस्सा दिखाया गया है। सबसे खास और अहम बात यह है कि पाक अधिकृत कश्मीर जिसे पाकिस्तान आजाद कश्मीर कहता है, भी शामिल है और कोई अलग सीमांकन भी नहीं है।

दरअसल, अमेरिकी ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव की तरफ से ट्रेड डील को लेकर 'एक्स' पर किए गए पोस्ट में लिखा, “ट्री नट्स और ड्राइड डिस्टिलर्स ग्रेन्स से लेकर रेड ज्वार तथा ताजे और प्रोसेस्ड फलों तक, अमेरिका-भारत समझौता अमेरिकी उत्पादों के लिए नए बाजारों तक पहुंच प्रदान करेगा।” इस पोस्ट के साथ भारत का नक्शा जारी किया गया, जिसने सभी का ध्यान बरबस अपनी ओर खींचा। इस नक्शे में जम्मू-कश्मीर को भारत का हिस्सा दिखाया गया और पाक अधिकृत कश्मीर को भी शामिल किया गया है।

आपको बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप का आधिकारिक रुख भारत के साथ द्विपक्षीय संबंधों और यथास्थिति के सम्मान पर केंद्रित रहा है। उनके प्रशासन ने आम तौर पर कहा है कि जम्मू-कश्मीर भारत-पाकिस्तान के बीच द्विपक्षीय मामला है और इसे सीधी बातचीत से सुलझाया जाना चाहिए।