
नौकरी नहीं छोड़ने को लेकर पति पत्नी में तलाक (प्रतीकात्मक तस्वीर)
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर वायरल एक पोस्ट ने देशभर में जेंडर रोल, वर्कप्लेस इक्वैलिटी और शादीशुदा महिलाओं की स्वतंत्रता पर बहस छेड़ दी है। यह पोस्ट एक भारतीय टेक प्रोफेशनल महिला की कहानी बयान करती है, जिसकी शादी कथित तौर पर इसलिए टूट गई क्योंकि उसने नौकरी छोड़ने से इनकार कर दिया। पोस्ट में दावा किया गया कि इस फैसले के बाद महिला को भावनात्मक उत्पीड़न झेलना पड़ा जिसके चलते आखिर में उसका तलाक हो गया।
पोस्ट के अनुसार, महिला और उसका पति स्कूल के दिनों में प्रेम में पड़े थे। दोनों ने साथ में बीटेक किया और एक नामी कंपनी में एक साथ करियर शुरू किया। समय के साथ उन्होंने कंपनियां बदलीं, शादी की, दो बच्चे हुए और अपने पैसों से घर खरीदा। बाहर से यह जीवन कई लोगों के लिए आदर्श माना जा सकता था, जहां दोनों पति पत्नी समान रूप से कमाने वाले थे।
महिला की मेहनत को पोस्ट में खास तौर पर रेखांकित किया गया। दूसरे बच्चे के जन्म के बाद भी उसने केवल छह महीने का ब्रेक लिया। इसके बाद उसने नई टेक्नोलॉजी सीखी, फील्ड बदली और ऐसी नौकरी हासिल की जिसमें उसकी सैलरी पति से ज्यादा हो गई। वह नौवें महीने तक ऑफिस जाती रही और बच्चों व पति के लिए काम करने को अपनी खुशी बताती थी।
समस्या तब शुरू हुई जब पति की मां बीमार पड़ीं। पोस्ट के मुताबिक, पति और उसके परिवार ने महिला से नौकरी छोड़कर सास की देखभाल करने की मांग की। महिला ने करियर छोड़ने से इनकार करते हुए प्रस्ताव रखा कि वह घर की पूरी वित्तीय जिम्मेदारी संभाल लेगी और पति चाहें तो ब्रेक ले सकते हैं। उसने घर के काम में मदद और अपनी मां को बच्चों की देखभाल के लिए बुलाने का सुझाव भी दिया।
महिला की सास और पति ने यह प्रस्ताव ठुकरा दिया। पोस्ट में आरोप है कि सास को महिला की मां का घर में रहना स्वीकार नहीं था और पति ने भी काम से ब्रेक लेने से इनकार कर दिया। कथित तौर पर पति और उसकी मां का मानना था कि ऐसी स्थिति में महिला का ही नौकरी छोड़ना कर्तव्य है। जब महिला नहीं मानी, तो उस पर भावनात्मक दबाव और उत्पीड़न बढ़ गया।
आखिरकार महिला बच्चों के साथ मायके चली गई। उसने कहा कि अगर सास चाहें तो उसके माता पिता के साथ रह सकती हैं, लेकिन इसके बाद पति ने कानूनी नोटिस भेज दिया। नोटिस मिलने के बाद महिला ने तलाक की प्रक्रिया शुरू की। पोस्ट के जरिए समाज की उस सोच पर सवाल उठाया गया जिसमें महिला की मेहनत और कमाई को नजरअंदाज किया जाता है। सोशल मीडिया पर ज्यादातर यूजर्स ने महिला के फैसले का समर्थन किया और आर्थिक स्वतंत्रता को जरूरी बताया।
राजद के कई बड़े नेता और तेजश्री यादव की पत्नी ने कहा था कि बिहार में खेल होना अभी बाकि है। ऐसा होने के डर से ही नीतीश कुमार ने अपने विधायकों को फ्लोर टेस्ट से पहले विधानसभा के नजदीक चाणक्य होटल में रात को रुकवाया।

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लव सोनकर
लव सोनकर - 9 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। पिछले 7 सालों से डिजिटल मीडिया से जुड़े हुए हैं और कई संस्थानों में अपना योगदान दि है। कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता ए...और पढ़ें...
Published on:
09 Feb 2026 11:30 am
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