
Minor girls missing in Delhi: देश की राजधानी दिल्ली में नाबालिगों के गायब होने की लगातार खबरें सामने आ रही हैं। हाल ही में दिल्ली पुलिस ने केवल जनवरी के 15 दिनों का आंकड़ा जारी किया था, जिसमें पता चला कि दिल्ली में रोज 54 लोग गायब हो रहे हैं। अब 10 साल का नया आंकड़ा जारी किया है। इस आंकड़े के अनुसार, एक दशक में केवल 37 हजार नाबालिग लड़कियां गायब हुई हैं। ये आंकड़े वाकई हैरान करने वाले हैं। सवाल खड़े हो रहे हैं कि आखिर इतनी लड़कियां कैसे गायब हो रही हैं और कहां जा रही हैं?
आपको बता दें कि ये आंकड़े और भी ज्यादा चिंता बढ़ाने वाले हैं। जानकारी के मुताबिक साढ़े चार हजार से अधिक किशोरियों समेत इस आयु वर्ग के कुल छह हजार से ज्यादा लड़के-लड़कियों का अब तक कोई सुराग नहीं लग पाया है। आशंका जताई जा रही है कि इनमें से कई किशोरियों की हत्या कर दी गई हो सकती है या फिर उन्हें जबरन मानव तस्करी और वेश्यावृत्ति के दलदल में धकेल दिया गया हो। हालात सिर्फ दिल्ली तक सीमित नहीं हैं, बल्कि एनसीआर के अन्य शहरों में भी तस्वीर कुछ अलग नहीं दिखाई देती। लगातार सामने आ रहे ये मामले बच्चों और किशोरियों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं और कानून व्यवस्था के दावों की पोल खोलते नजर आते हैं।
इन हैरान करने वाले आंकड़ों के सामने आने के बाद राष्ट्रीय बाल अधिकार एवं संरक्षण आयोग की पूर्व अध्यक्ष प्रियांक कानूनगो ने एक निजी चैनल से बात करते हुए कहा कि दिल्ली और एनसीआर के जिलों में हर साल नाबालिग बच्चों के गायब होने की खबर लगातार सामने आती रहती है। उन्होंने बताया कि पिछले दस साल में 50 हजार से अधिक नाबालिग गायब हुए हैं; इनमें केवल 37 हजार नाबालिग लड़कियां हैं।
गौरतलब है कि बीते दिनों दिल्ली पुलिस के द्वारा गायब हुए लोगों की जानकारी साझा की गई थी, जिसमें पता चला कि दिल्ली में हर दिन 54 लोग लापता हो रहे हैं। दरअसल, 1 जनवरी से 15 जनवरी के बीच कुल 807 लोगों के गायब होने की सूचना मिली। इन मामलों में महिलाओं और लड़कियों की संख्या सबसे ज्यादा रही, जिनकी तादाद 509 बताई गई है, जबकि 298 पुरुष भी लापता हुए हैं। आंकड़ों से यह भी पता चलता है कि इस दौरान प्रतिदिन औसतन 13 बच्चे गायब हुए, जो हालात की गंभीरता को दर्शाता है।
Published on:
05 Feb 2026 03:14 pm
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