
Ajit Pawar Death: महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम और एनसीपी अध्यक्ष अजित पवार की विमान दुर्घटना में मौत से पूरे देश में शोक की लहर है। विमान हादसे में अजित पवार की मौत का समाचार जिसे मिला, वह सीधे घटनास्थल की ओर दौड़ पड़ा। महाराष्ट्र में अजित पवार को दिग्गज राजनेता तो माना जाता है। सीएम देवेंद्र फडणवीस ने उन्हें अपना सबसे अच्छा दोस्त और सहयोगी बताया। इसके अलावा सीएम देवेंद्र फडणवीस ने उनकी मौत पर गहरा दुख व्यक्त किया है। इस बीच एक समय अजित पवार के लिए कट्टर राजनीतिक जानी दुश्मन बने शरद पवार और उनकी बेटी सुप्रिया भी बदहवास नजर आए। सुप्रिया सुले तो अजित को याद कर फूट-फूटकर रो पड़ीं।
महाराष्ट्र में शरद पवार की अगुवाई वाली एनसीपी से अलग होकर सियासी तूफान मचाने अजित पवार की राजनीतिक यात्रा भी बड़ी दिलचस्प है। यह राजनीतिक यात्रा कई उतार-चढ़ाव की साक्षी भी बनी। एक समय अजित ने अपने चाचा शरद पवार से बगावत कर एकनाथ शिंदे की शिवसेना और भाजपा के साथ मिलकर महाराष्ट्र में सरकार बनाई और खुद डिप्टी सीएम बने। लेकिन यह यात्रा ज्यादा दिन नहीं चल सकी। शरद पवार ने अपने सभी विधायकों को अपने पाले में लाकर अजित पवार को कमजोर कर दिया और उन्हें अपना डिप्टी सीएम का पद छोड़ना पड़ा। हालांकि भाजपा से हाथ मिलाने के बाद भी शरद पवार ने अजित को पार्टी से नहीं निकाला।
इसके बाद अजित एनसीपी में रहकर अपना वर्चस्व बढ़ाते रहे और एक दिन ऐसा आया, जब उन्होंने अपने चाचा यानी शरद पवार को कमजोर कर एनसीपी को दो धड़ों में बांट दिया। इसके बाद शरद पवार की एनसीपी उद्धव गुट की शिवसेना के साथ चली गई और अजित पवार एकनाथ शिंदे के स्वामित्व वाली शिवसेना के साथ आ गए। हालांकि बाद में अजित ने महायुति में शामिल होकर विधानसभा चुनाव लड़ा और बड़े बहुमत से सरकार बनाई। इस सरकार में उन्हें डिप्टी सीएम बनाया गया। इस बीच अजित पवार और उनके चाचा के बीच दूरियां जरूर रहीं, लेकिन अजित ने कभी खुले मंच पर अपने चाचा शरद पवार का अपमान नहीं किया।
दरअसल, महाराष्ट्र में भाजपा के अगुवाई वाले महायुति को समर्थन देने के बाद भले ही अजित पवार और शरद पवार में राजनीतिक दरार गहरी हो गई थी, लेकिन समय के साथ अजित पवार ने अपने पारिवारिक रिश्तों को सुधारने की दिशा में कदम बढ़ाए। पार्टी के दो धड़ों में बंटने के बावजूद वह कई सार्वजनिक मंचों पर अपनी बहन सुप्रिया सुले और चाचा शरद पवार के प्रति सम्मान जताते नजर आए। इसी बदले हुए रिश्तों का असर यह रहा कि NCP के दोनों गुटों ने महाराष्ट्र के निकाय चुनावों में साथ मिलकर लड़ने का फैसला किया, जिससे राजनीतिक हलकों में सुलह का संकेत गया।
NCP के विभाजन के बाद जून 2023 में अजित पवार के शिंदे-फडणवीस सरकार में शामिल होने से परिवार और पार्टी में मतभेद बढ़े थे, लेकिन बाद में हालात बदलते दिखे। पिंपरी-चिंचवड नगर निगम चुनाव दोनों गुटों ने मिलकर लड़े, जिसकी घोषणा खुद सुप्रिया सुले ने की थी। इस चुनाव में अजित पवार के नेतृत्व वाले गुट को ‘घड़ी’ चुनाव चिन्ह मिला, जबकि दूसरे गुट ने NCP (SP) के नाम से ‘तुरही’ चिन्ह पर चुनाव लड़ा। इस ताजा सुलह से कार्यकर्ताओं के बीच भी सकारात्मक संदेश गया। उल्लेखनीय है कि दिवंगत अजित पवार के नाम महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा बार उपमुख्यमंत्री बनने का रिकॉर्ड दर्ज है।
दरअसल, अजित पवार बुधवार को अपने चार्टर्ड प्लेन से बारामती गए थे। उन्हें बारामती में एक चुनावी कार्यक्रम में शामिल होना था। रिपोर्ट की मानें तो बारामती में लैंडिंग के दौरान रनवे पर चार्टर्ड प्लेन क्रैश हो गया। इसमें अजित पवार समेत प्लेन में सवार पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। डीजीसीए ने घटना की पुष्टि करते हुए महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार के निधन पर शोक जताया, जबकि अन्य मृतकों के प्रति गहरी संवेदना जताई। अजित की मौत के समाचार से पूरे महाराष्ट्र में सियासी शोक छा गया। उनकी बहन सुप्रिया सुले और पत्नी सुनेत्रा पवार बारामती पहुंच चुकी हैं। चाचा शरद पवार भी घटनास्थल पर पहुंचे। इस हादसे में अजित पवार समेत, मुंबई पीएसओ HC विदीप जाधव, पायलट कैप्टन सुमित कपूर, कैप्टन सांभवी पाठक, फ्लाइट अटेंडेंट पिंकी की मौत हुई है।
Published on:
28 Jan 2026 04:16 pm

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