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‘खोपड़ी टूटी, छाती में खून भरा’, नाबालिग ने ली साहिल की जान, मां बोली- 10 मिनट तक चीखता रहा मेरा बेटा

मृतक साहिल की मां ने रोते हुए बताया कि जब वह मौके पर पहुंची, तो उनका बेटा सड़क पर गंभीर हालत में पड़ा था। उसकी जैकेट पूरी तरह फटी हुई थी और वह दर्द से चीख रहा था। वह लगभग 10 मिनट तक मदद के लिए चिल्लाता रहा, लेकिन एंबुलेंस मौजूद होने के बावजूद उसे तुरंत अस्पताल नहीं ले जाया गया।

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Delhi Sahil Dhaneshra Accident

हादसे के बाद साहिल 10 मिनट तक मदद के लिए चिल्लाता रहा (Photo: X/ANI)

दिल्ली के द्वारका इलाके में इस महीने की शुरुआत में हुए दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। इस दर्दनाक हादसे में जान गंवाने वाले 23 वर्षीय साहिल धनेशरा (Sahil Dhaneshra) की पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आई है, जो हादसे की भयावहता की गवाही दे रही है। रिपोर्ट के अनुसार, साहिल की मृत्यु गंभीर रक्तस्राव (Haemorrhage) और सिर पर लगी घातक चोटों के कारण हुई। यह हादसा 3 फरवरी को लाल बहादुर शास्त्री कॉलेज के पास हुआ था, जब एक स्कॉर्पियो ने उनकी मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी थी। पुलिस के अनुसार स्कॉर्पियो 17 वर्षीय नाबालिग चला रहा था।

सिर और छाती की चोटें बनीं मौत का कारण

ऑटोप्सी रिपोर्ट के अनुसार, साहिल के सिर के बाएं हिस्से में खोपड़ी की हड्डी फ्रैक्चर थी। इसके अलावा, स्कल के नीचे खून का थक्का जमा हो गया था और मस्तिष्क में सूजन देखी गई। रिपोर्ट में यह भी खुलासा हुआ है कि साहिल के सीने में भी गंभीर अंदरूनी चोटें थीं। बाईं ओर की चौथी, पांचवीं और छठी पसलियां टूट गई थीं, जिससे फेफड़ों को गंभीर चोट पहुंची। छाती की कैविटी में लगभग 100 मिलीलीटर खून जमा मिला, जो आंतरिक चोटों की गंभीरता को दर्शाता है। मौत का मुख्य कारण 'हेमोरेजिक शॉक' बताया गया है।

नाबालिग आरोपी को मिली जमानत

यह दुखद घटना 3 फरवरी को द्वारका साउथ थाना क्षेत्र के लाल बहादुर शास्त्री कॉलेज के पास सुबह 11 बजकर 57 मिनट पर हुई थी। स्कॉर्पियो चला रहे नाबालिग को मौके से हिरासत में लिया गया था। पुलिस जांच में सामने आया कि स्कॉर्पियो चला रहे नाबालिग के पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस नहीं था। उसे को जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड (JJB) के समक्ष पेश किया गया और सुधार गृह भेजा गया था। हालांकि, 10 फरवरी को बोर्ड ने उसे अंतरिम जमानत दे दी। जमानत का मुख्य आधार नाबालिग की चल रही कक्षा 10वीं की बोर्ड परीक्षाएं बताया गया है। इस फैसले के बाद सोशल मीडिया पर न्याय की मांग को लेकर बहस छिड़ गई है।

10 मिनट तक तड़पता रहा मेरा बेटा- मां का छलका दर्द

साहिल की मां इना माकन (Inna Maakan) ने मीडिया से बातचीत में बताया कि जिस गाड़ी से हादसा हुआ, उस पर पहले से 13 चालान थे, जिनमें अधिकतर ओवरस्पीडिंग के थे। उन्होंने कहा कि दोपहर एक बजे के बाद उन्हें फोन आया। वह तुरंत मौके पर पहुंचीं तो देखा कि उनका बेटा सड़क पर पड़ा था, जैकेट फटी हुई थी और हालत बेहद गंभीर थी। उनका कहना है कि वह करीब 10 मिनट तक मदद के लिए चिल्लाता रहा। एंबुलेंस मौके पर थी, लेकिन समय पर अस्पताल नहीं ले जाया गया।

अस्पताल पहुंचने तक साहिल की मौत हो चुकी थी। मां का कहना है कि पुलिस ने निष्पक्ष जांच का भरोसा दिया है, भले ही आरोपी किशोर फिलहाल जमानत पर बाहर हो।

हादसा कैसे हुआ?

मौके पर पहुंची पुलिस को स्कॉर्पियो, एक स्विफ्ट डिजायर कैब और साहिल की मोटरसाइकिल आपस में टकराई हुई मिली। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि स्कॉर्पियो ने विपरीत दिशा से आकर पहले साहिल की बाइक को टक्कर मारी और फिर खड़ी टैक्सी से जा टकराई। इस टक्कर में कैब ड्राइवर अजित सिंह भी घायल हुए थे, जिनका इलाज आईजीआई अस्पताल में चल रहा है। पुलिस ने सिंह का बयान दर्ज कर लिया गया है।

पुलिस अधिकारियों ने पीड़ित परिवार को आश्वासन दिया है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी। हालांकि आरोपी जमानत पर बाहर है, लेकिन पुलिस हादसे के सभी सबूतों और मेडिकल रिपोर्ट को इकट्ठा कर रही है ताकि दोषियों को सजा दिलवाई जा सके।

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लव सोनकर

लव सोनकर - 9 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। पिछले 7 सालों से डिजिटल मीडिया से जुड़े हुए हैं और कई संस्थानों में अपना योगदान दि है। कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता ए...और पढ़ें...


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