
दिल्ली में बच्चों की सुरक्षा पर सवाल! 10वीं के छात्र की हत्या के बाद AAP MLA का बड़ा आरोप (इमेज सोर्स: AI जनरेटेड)
Mangolpuri Student Murder AAP MLA Statement: राजधानी दिल्ली के मंगोलपुरी इलाके में सामने आई एक दिल दहला देने वाली वारदात ने राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था पर फिर से बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। 10वीं कक्षा में पढ़ने वाले एक छात्र की बेरहमी से हत्या कर दी गई, जब उसका शव मिला तो उसके सिर में चाकू फंसा हुआ था। इस भयावह घटना ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी।
हैरानी की बात यह है कि पिछले सिर्फ 40 दिनों में यह पांचवीं ऐसी वारदात है, जिसमें लोगों की चाकू मारकर हत्या की गई है। इससे पहले हुए हमलों में एक नाबालिग समेत चार लोगों की जान जा चुकी है।
परिजनों का कहना है कि बच्चा सुबह अपने प्री-बोर्ड एग्जाम देने घर से निकला था और पढ़ाई में बेहद अच्छा था, लेकिन कुछ घंटों बाद उसकी हत्या कर दी गई। इस घटना के बाद अस्पताल के बाहर परिजनों और स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जुट गई, जिसके चलते पुलिस तैनात करनी पड़ी।
इसी बीच दिल्ली में 15 दिनों के भीतर 800 से ज्यादा लोगों के लापता होने की खबरें आने से माहौल और गर्म है। AAP MLA राखी बिड़ला ने भी मंगोलपुरी हत्याकांड और बच्चों की गुमशुदगी को लेकर दिल्ली सरकार को कठघरे में खड़ा कर दिया है।
AAP MLA राखी बिड़ला कहती हैं, "जनवरी के पूरे आंकड़े देखें तो दिल्ली में 800 से ज्यादा (Delhi Missing Cases) लोग गायब हुए हैं, जिनमें ज्यादातर बच्चे और नाबालिग हैं। और अगर मैं मंगोलपुरी और बाहरी दिल्ली की बात करूँ तो पिछले हफ्ते वहाँ आधा दर्जन से ज्यादा हत्याएं हो चुकी हैं, और सरकार इन हत्याओं को किसी भी तरह से कंट्रोल नहीं कर पा रही है… यह बहुत दुखद घटना है। यह शर्मनाक है कि प्रशासन अपने बच्चों को भी सुरक्षा नहीं दे पा रहा है… आज की घटना के बाद जब मैंने लोगों से बात की तो माता-पिता ने अपने बच्चों को स्कूल न भेजने का फैसला किया… आधी रात होने वाली है, लेकिन हमें इस घटना के बारे में FIR की कॉपी नहीं मिली है। हमें नहीं पता कि क्या कार्रवाई होगी, न ही पुलिस ने पीड़ित परिवार से बात की है… आज की क्रूर घटना में शामिल सभी लोगों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए। मैं उनके लिए मौत की सजा से कम कुछ नहीं मांगती…"
घटना पर, परिवार के सदस्य सूरज ने कहा, "मंगोलपुरी में या पूरी दिल्ली में बच्चे सुरक्षित नहीं हैं… आज किसी भी स्कूल में चले जाइए, आपको वहां एक भी PCR वैन या पुलिस ऑफिसर नहीं मिलेगा… मैं एडमिनिस्ट्रेशन को दोष नहीं दूंगा; मैं सरकार को दोष दूंगा, क्योंकि पुलिस सरकार के अंडर आती है… क्या हमारे बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करना उनकी जिम्मेदारी नहीं है? वे चाहें तो हर स्कूल में दो पुलिस ऑफिसर तैनात कर सकते हैं… कई लोगों ने पूछा कि क्या बच्चे की कोई दुश्मनी थी या वह किसी लड़ाई में शामिल था… क्या दसवीं क्लास का स्टूडेंट लड़ाई में शामिल हो सकता है? उसकी कोई दुश्मनी या दुश्मनी नहीं थी। मैं एडमिनिस्ट्रेशन और दिल्ली सरकार से बस एक रिक्वेस्ट करना चाहता हूं: मैं इस घटना के सभी आरोपियों के लिए मौत की सजा की मांग करता हूं…"
Published on:
10 Feb 2026 04:05 am
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