12 फ़रवरी 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
Switch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

शादी से इनकार पर इंजीनियर ने युवती के फोटो मॉर्फ कर बनाए न्यूड, परिजन-रिश्तेदारों को पोस्ट से भेजे

हुलिया बदलकर विभिन्न जिलों के डाक घर जाता था, महीनों तक मानसिक प्रताड़ना, क्राइम ब्रांच ने किया गिरफ्तार

2 min read
Google source verification

इंदौर

image

Hussain Ali

Feb 01, 2026

indore

इंदौर. युवती से शादी के लिए कुंडली नहीं मिलने पर परिजनों के इनकार से नाराज एक इंजीनियर युवक ने बदले की आग में सारी हदें पार कर दीं। आरोपी ने युवती के फोटो मॉर्फ कर न्यूड बनाए और उन्हें युवती के मोहल्ले, पड़ोसियों और रिश्तेदारों को डाक के जरिए भेजकर लंबे समय तक मानसिक प्रताड़ना दी। मामला सामने आने के बाद क्राइम ब्रांच ने तकनीकी जांच के आधार पर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।मेट्रिमोनियल साइट से संपर्क, फिर रची साजिश

आरोपी ने सबसे पहले मेट्रिमोनियल साइट के जरिए युवती से संपर्क किया था। बातचीत के बाद उसने शादी का प्रस्ताव रखा, लेकिन कुंडली नहीं मिलने पर युवती के परिजनों ने शादी से इनकार कर दिया। इसी से आहत होकर आरोपी ने युवती और उसके परिवार से बदला लेने की साजिश रच डाली। अपराध से जुड़े धारावाहिक देखकर एडिट किए फोटोअपराध से जुड़े धारावाहिक देखकर आरोपी ने युवती के फोटो एडिट किए और उन्हें न्यूड रूप में तैयार किया। इसके बाद अलग-अलग जिलों के डाकघरों से पोस्ट कर ये फोटो युवती के रिश्तेदारों, पड़ोसियों और परिचितों तक भेजे गए। इतना ही नहीं, आरोपी ने युवती के घर के आसपास भी न्यूड फोटो वाले पोस्टर लगाए, जिससे परिवार की सामाजिक छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई।

जुलाई 2025 से जनवरी 2026 तक जारी रही प्रताड़ना

परिजनों की शिकायत के बावजूद आरोपी लगातार वारदात को अंजाम देता रहा। जुलाई 2025 से जनवरी 2026 के बीच कुल 7 बार न्यूड फोटो डाक से भेजे गए। इस दौरान पीड़ित परिवार गंभीर मानसिक तनाव से गुजरता रहा।

हुलिया बदलकर करता था वारदात

पकड़े जाने से बचने के लिए आरोपी हर बार अलग तरीका अपनाता था। चेहरे पर मास्क और सिर पर टोपी लगाता था, ताकि कोई पहचान न सके। डाकघर पहुंचने के लिए 2-3 बसें बदलता था। आरोपी ने उज्जैन, देवास, खांतेगांव, आष्टा और धार के डाकघरों का इस्तेमाल कर फोटो पोस्ट किए। इस तरह वह खुद की पहचान छिपाकर अपराध करता रहा।

क्राइम ब्रांच की तकनीकी जांच से खुला मामला

एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया ने बताया, वर्ष 2025 में बाणगंगा थाने में पीड़ित पक्ष ने शिकायत दर्ज कराई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए क्राइम ब्रांच को जांच सौंपी गई। तकनीकी साक्ष्य और डाक संबंधी जानकारियों के आधार पर आरोपी आयुष अग्निहोत्री, निवासी वैशाली नगर को गिरफ्तार किया गया।

इंजीनियर, डेटा एनालिस्ट निकला आरोपी

पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह पेशे से इंजीनियर है और डेटा एनालिस्ट के रूप में कार्य करता है। उसने अपराध से जुड़े सीरियल देखकर इस तरह की वारदात करने की योजना बनाई थी।