
ग्रामीण विकास एवं पंचायत राज तथा कलबुर्गी जिला प्रभारी मंत्री प्रियंक खरगे।
कलबुर्गी. ग्रामीण विकास एवं पंचायत राज तथा कलबुर्गी जिला प्रभारी मंत्री प्रियंक खरगे ने कहा कि सरकारी कार्यालयों में फाइलों के त्वरित निस्तारण के लिए तकनीक का समुचित उपयोग करने का सकारात्मक परिणाम सामने आया है। ई-ऑफिस प्रणाली के प्रभावी क्रियान्वयन के चलते कलबुर्गी जिला पंचायत ने पूरे कर्नाटक में प्रथम स्थान प्राप्त किया है।
इस बारे में पत्रकारों को जानकारी देते हुए मंत्री ने कहा कि वर्ष 2025 में जिले में कुल 2,938 ई-फाइलें सृजित की गईं तथा 54,381 फाइलों का निस्तारण किया गया। आम जनता से प्राप्त 13,664 पत्रों को ई-रसीद के तहत दर्ज कर कुल 3,52,221 ई-रसीदों का निपटारा किया गया। यह उपलब्धि प्रशासनिक दक्षता और जवाबदेही को दर्शाती है।
राज्यभर में ई-फाइल उपयोग के आंकड़ों में कलबुर्गी जिला पंचायत पहले स्थान पर रही। चित्रदुर्ग (2,523 फाइलें) दूसरे और बेंगलूरु शहरी (2,476 फाइलें) तीसरे स्थान पर रहे। इसके अलावा बीदर (2,339 फाइलें) पांचवें, यादगीर (1,955 फाइलें) आठवें और कोप्पल (1,924 फाइलें) नौवें स्थान पर रहे। टॉप-10 में कल्याण कर्नाटक क्षेत्र की चार जिलों की उपस्थिति ग्रामीण प्रशासन में उल्लेखनीय सुधार का संकेत है।
आलंद तालुक पंचायत ने 1,127 ई-फाइलें सृजित कर 3,560 फाइलों का निस्तारण और 526 ई-रसीदें बनाकर 2,022 ई-रसीदों का निपटारा कर राज्य में दूसरा स्थान हासिल किया। अफजलपुर तालुक पंचायत (668 ई-फाइलें) सातवें और कलबुर्गी तालुक पंचायत (564 ई-फाइलें) नौवें स्थान पर रही। इस प्रकार तालुकावार टॉप-10 में जिले की तीन पंचायतों ने स्थान पाया।
मंत्री प्रियांक खरगे ने कहा कि ई-ऑफिस प्रणाली का उद्देश्य नागरिकों को वर्षों तक सरकारी कार्यालयों के चक्कर काटने से बचाना है। प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारी को समय-सीमा में फाइल निस्तारण की जिम्मेदारी सौंपे जाने का यह सकारात्मक परिणाम है।
कलबुर्गी जिला अब सुगम प्रशासन का मॉडल बनकर पूरे राज्य के लिए प्रेरणा बना है।
Published on:
18 Jan 2026 08:48 pm
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