
davv indore
इंदौर. देवी अहिल्या विश्वविद्यालय ने यूजी प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों के परीक्षा पैटर्न में बदलाव किया है। नए पैटर्न का असर सीधे तौर पर विद्यार्थियों की पढ़ाई, परीक्षा की तैयारी और परिणाम पर पड़ेगा। विश्वविद्यालय प्रबंधन के अनुसार, यह बदलाव राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) के तहत किए गए हैं। नए पैटर्न के अनुसार अब फाउंडेशन कोर्स में केवल दो विषय हिंदी और अंग्रेजी रखें गए हैं। पहले इन दोनों विषयों की परीक्षा एक ही दिन होती थी, लेकिन अब इन्हें अलग-अलग दिनों में आयोजित किया जाएगा। हर विषय का पेपर दो घंटे का होगा।अब ऑब्जेक्टिव नहीं, पूरा थ्योरी पेपरपहले फाउंडेशन कोर्स की परीक्षा एक घंटे की ऑब्जेक्टिव होती थी, जिसे ओएमआर शीट पर एक साथ लिया जाता था। अब यह व्यवस्था खत्म कर दी गई है। विद्यार्थियों को अब दोनों विषयों के पूरे थ्योरी पेपर देने होंगे। विद्यार्थियों का कहना है कि इससे अपनी बात ठीक से लिखने का मौका मिलेगा, हालांकि इसके लिए पढ़ाई भी ज्यादा करनी होगी।
एक पेपर और बढ़ायूजी प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों को अब 9 की जगह 10 पेपर देने होंगे। यह बदलाव एनईपी के तहत विषयों और क्रेडिट सिस्टम में किए गए संशोधन के कारण हुआ है। अब प्रवेश के समय विद्यार्थियों को दो की बजाय तीन मेजर विषय चुनने पड़े हैं। इसके अलावा दो माइनर विषय, एक वोकेशनल कोर्स और एक वैल्यू एडेड कोर्स भी अनिवार्य किया गया है। पहले जो ओपन इलेक्टिव होता था, उसकी जगह अब मल्टीडिसिप्लिनरी कोर्स (एमडीसी) शामिल किया गया है।एमडीसी में गलत चयन, लेकिन परीक्षा की अनुमतिपैटर्न बदलने के दौरान कई विद्यार्थियों से एमडीसी विषय चयन में गलती हो गई। नियम के अनुसार, एमडीसी विषय अलग संकाय का होना चाहिए था, लेकिन कई विद्यार्थियों ने अपने ही संकाय का विषय चुन लिया। इससे वे तकनीकी रूप से अपात्र माने जा रहे थे। इस पर परीक्षा नियंत्रक डॉ. आशीष तिवारी ने स्पष्ट किया कि ऐसे सभी विद्यार्थियों को प्रथम वर्ष की परीक्षा देने की अनुमति दी जाएगी। दूसरे वर्ष से उनके एमडीसी विषयों में सुधार कर दिया जाएगा, ताकि किसी विद्यार्थी को नुकसान न हो। विश्वविद्यालय द्वारा संशोधित परीक्षा पैटर्न का आधिकारिक नोटिफिकेशन एक हफ्ते में जारी किया जाएगा।
Published on:
29 Jan 2026 08:56 pm
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