
रायपुर। मोवा स्थित इट्सा अस्पताल में 73 वर्षीय बुजुर्ग की आपात स्थिति में इलाज कर जान बचाई गई। एक शादी समारोह में गाते समय बुजुर्ग गश खाकर गिरा और बेहोश हो गया। मौके पर मौजूद एक डाॅक्टर रिश्तेदार ने सीपीआर दिया तो मरीज को जीवित अस्पताल पहुंचाने में मदद मिल गई। जरूरी जांच में पता चला कि मरीज को सीवियर हार्ट अटैक आया है और हार्ट की दीवार फट गई है। अस्पताल के इमरजेंसी मेडिसिन, कार्डियोलॉजी, कार्डियक सर्जरी, न्यूरोलॉजी व क्रिटिकल केयर विभाग के इलाज से जान बची।
डॉक्टरों का कहना है कि टीम वर्क से नागपुर निवासी बुजुर्ग की जान बचाने का यह अनूठा उदाहरण है। इट्सा अस्पताल के डायरेक्टर व सीनियर मेडिकल कंसल्टेंट डॉ. राजकुमार बरनवाल ने बताया कि दीवार फटने के कारण हार्ट में काफी मात्रा में खून भर गया था।
इससे बुजुर्ग की हालत चिंताजनक हो गई थी। कार्डियो थोरेसिक एंड वैस्कुलर सर्जन डॉ. अजय चौरसिया ने मरीज के हार्ट के दीवार की रिपेयरिंग की। यही नहीं कोरोनरी बायपास सर्जरी भी की गई। इसके पहले कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. अक्षत ने मरीज का इको टेस्ट व एंजियोग्राफी किया तो पता चला कि केस अत्यंत दुर्लभ व क्रिटिकल है। दीवार फटने के कारण ब्लीडिंग हो रही थी। तत्काल इलाज नहीं मिलने पर मरीज की स्थिति बिगड़ सकती थी।
सांस को सुचारू करने वेंटीलेटर सपार्ट पर रखा
जब मरीज को इट्सा अस्पताल लाया गया तो इमरजेंसी मेडिसिन विभाग की डॉ. ऋचा ने ट्यूब लगाकर मरीज की सांस को सुचारू किया, वेंटीलेटर चालू किया। तत्काल कार्डियोलॉजिस्ट को सूचित किया गया। जांच से पता चला कि मरीज को तीन प्रमुख रक्त वाहिकाओं से जुड़ी गंभीर हार्ट रोग है। अत्यधिक जोखिम के बावजूद मरीज को जटिल सर्जरी के लिए ओटी ले जाया गया।
क्रिटिकल केयर टीम का वर्क मरीज को रखा स्टेबल
सर्जरी के बाद मरीज को विशेष देखभाल की जरूरत थी। डॉ. बरनवाल ने बताया कि मरीज को आईसीयू की जरूरत थी। इसमें क्रिटिकल केयर टीम डॉ. राहुल, डॉ. मिलिंद और डॉ. रमन मरीज को विशेष निगरानी में रखे। डॉ. नीतिका वीरेंद्र सहाय के नेतृत्व में दी गई एनेस्थीसिया सहायता ने सर्जरी के दौरान और बाद में रोगी की स्थिति को स्थिर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। न्यूरोलॉजी संबंधी जानकारी न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. अभिजीत कुमार कोहाट ने दी।
सीपीआर की प्रमुख भूमिका ज्यादातर लोगों को नहीं आता
डॉ. बरनवाल व डॉ. अक्षत ने बताया कि बुजुर्ग को अस्पताल जीवित पहुंचाने में सीपीआर की प्रमुख भूमिका रही। आपात स्थितियों में जान बचाने में सीपीआर की प्रमुख भूमिका होती है। इस मामले में इट्सा अस्पताल लोगों को जागरूक भी करेगा। कई लोगों को सीपीआर देने नहीं आता। विशेष ट्रेनिंग देकर सीपीआर देना सिखाया जाएगा।
Published on:
11 Feb 2026 12:25 am
