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Pali News : गूगल ने पूरी की फ्रांसीसी दंपति की ख्वाहिश, 30 साल बाद पहुंचे राजस्थान के सोड़ावास गांव

Pali News : फ्रांस निवासी गिरार्ड और उनकी पत्नी शोलेज साल 1995 में राजस्थान के पाली जिले के सोड़ावास गांव में गए थे। सोड़ावास गांव की यादें वो दम्पति कभी भूला नहीं सके। उनका मन एक बार फिर सोड़ावास गांव आने को कर रहा था। पर अब वह उसका रास्ता व पता दोनों भूल गए थे। इस मौके पर गूगल ने उनकी मदद की।

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Google fulfilled French couple wish finally reached Rajasthan this Pali Sodawas village after 30 years

फोटो पत्रिका

Pali News : फ्रांस निवासी गिरार्ड और उनकी पत्नी शोलेज साल 1995 में राजस्थान के पाली जिले के सोड़ावास गांव में गए थे। सोड़ावास गांव की यादें वो दम्पति कभी भूला नहीं सके। उनका मन एक बार फिर सोड़ावास गांव आने को कर रहा था। पर अब वह उसका रास्ता व पता दोनों भूल गए थे। इस मौके पर गूगल ने उनकी मदद की।

गिरार्ड की बेटी ने अपने पिता की इच्छा को पूरा करने का बीड़ा उठाया। उनकी बेटी ने गूगल की मदद से गांव को ढूंढ निकाला। बेटी पहले वर्ष 2025 में अपने पति के साथ राजस्थान के पाली जिले के सोड़ावास गांव आई। पता मिलने के बाद गिरार्ड को 4700 किमी दूर बसे इस सोड़ावास गांव की यादें बुलाने लगी। 15 जनवरी को गिरार्ड और उनकी पत्नी शोलेज सोड़ावास गांव आए, जहां एक बार फिर वो अपने गुजरे पलों को फिर से जी सके।

30 वर्ष बाद जब दोबारा सोड़ावास पहुंचे तो गिरार्ड दंपति चौंक गए

गिरार्ड दंपति 30 वर्ष बाद दोबारा सोड़ावास पहुंचे। तो गांव की बदली तस्वीर देखकर वे चौंक गए। अब गांव में कच्चे घर की जगह पक्की इमारते और आधुनिक सुविधाएं थी। हालांकि समय के साथ विकास हुआ था, लेकिन गांव की संस्कृति और लोगों का अपनापन आज भी वैसा ही था जैसा 30 साल पहले, जिसने दंपति को भावुक कर दिया।

चाय के लिए अपने घर आने का ग्रामीण ने दिया न्योता

कहानी कुछ ऐसे शुरू हुई। साल 1995 में फ्रांस निवासी गिरार्ड और उनकी पत्नी शोलेज अपने तीन बच्चों के साथ भारत घूमने आए थे। उन्होंने एक रिक्शा खरीदी। पूरा परिवार इसी रिक्शे से राजस्थान भ्रमण करने लगा। रणकपुर दर्शन के बाद पाली लौटते समय उनका सफर सोड़ावास गांव से होकर गुजरा, जहां भोपाल सिंह नामक ग्रामीण ने उन सब को चाय के लिए अपने घर आने का न्योता दिया।

अपना रिक्शा गांव को कर दिया गिफ्ट

इस आग्रह को दंपति टाल नहीं सके और गांव पहुंचे। जहां ग्रामीणों ने उनका जमकर स्वागत किया। पूरा परिवार एक महीने तक सोड़ावास गांव में रुका। उन्होंने इस दौरान गांव की संस्कृति, परम्पराएं, खान-पान और जीवनशैली को बहुत करीब से देखा। जब जाने का वक्त आया तो उन्होंने अपना रिक्शा गांव को ही गिफ्ट कर दिया।

उनके दिल में बसता है भारत-गिरार्ड

मौजूदा वक्त में गिरार्ड 85 वर्ष तो उनकी पत्नी शोलेज 73 वर्ष की हैं। गिरार्ड कहते हैं कि भारत उनके दिल में बसता है। यहां की संस्कृति में सच्चा अपनापन झलकता है। गांव का शांत वातावरण उन्हें मानसिक सुकून देता है। अब उनकी इच्छा है कि जीवन की शेष सांसें भी भारत में ही लें।

गिरार्ड ने फ्रांस में बनवाया मंदिर

सबसे आश्चर्यजनक बात यह है कि गिरार्ड ने सोड़ावास के मंदिर और लोगों की धार्मिक आस्था से प्रेरित होकर फ्रांस में एक मंदिर बनवाया है, जहां वे प्रतिदिन पूजा करते हैं। गिरार्ड पेशे से आर्टिस्ट हैं।