
वायरल वीडियो स्क्रीन ग्रैब
Bihar News: बिहार के खगड़िया जिले के परबत्ता प्रखंड में विकास योजनाओं के भुगतान को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। परबत्ता प्रखंड प्रमुख रीता देवी और बीडीओ संतोष कुमार पंडित के बीच चल रहा गतिरोध अब सड़क और सोशल मीडिया तक पहुंच गया है। प्रखंड प्रमुख ने बीडीओ पर विकास योजनाओं के भुगतान के एवज में 18 प्रतिशत कमीशन मांगने का सनसनीखेज आरोप लगाया है।
इस विवाद के बीच एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें बीडीओ संतोष कुमार पंडित गुस्से में प्रखंड प्रमुख को चुनौती देते हुए कह रहे हैं, "पेमेंट नहीं करेंगे, जाइए, जिसको कहना है कह दीजिए।" हालांकि वीडियो की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन इलाके में इसे लेकर चर्चा चरम पर है।
विवाद की जड़ पंचायत समिति की उन योजनाओं में है जो करीब आठ महीने पहले ही पूरी हो चुकी हैं। प्रखंड प्रमुख रीता देवी के अनुसार, कोलवारा गांव और नवटोलिया में पोखर निर्माण के साथ-साथ भोरकाठ में पेवर ब्लॉक लगाने का काम होना था, जो कि तकनीकी रूप से संपन्न हो चुका है।
प्रमुख के मुताबिक इन योजनाओं की 60 प्रतिशत राशि का भुगतान बीडीओ के स्तर से किया जा चुका है, लेकिन शेष 40 प्रतिशत राशि के भुगतान में लगातार आनाकानी की जा रही है। प्रमुख का आरोप है कि बीडीओ इस बकाया राशि को जारी करने के लिए 18 प्रतिशत कमीशन की मांग पर अड़े हुए हैं। उनका कहना है कि जब भी वे इस विषय पर बात करती हैं, उन्हें टाल दिया जाता है या सख्त लहजे में जवाब मिलता है।
प्रखंड प्रमुख ने बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया कि बीडीओ ने उन्हें खुली चुनौती दी है। उनके अनुसार, बीडीओ ने स्पष्ट लहजे में कहा कि चाहे आप डीएम, डीडीसी, मुख्यमंत्री या प्रधानमंत्री के पास ही क्यों न चली जाएं, बिना कमीशन के योजना पास नहीं होगी। प्रमुख ने इसे न केवल भ्रष्टाचार बल्कि एक महिला जनप्रतिनिधि के साथ दुर्व्यवहार भी बताया है। उन्होंने अब इस मामले को लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पास जाने और महिला आयोग में शिकायत दर्ज कराने का कड़ा फैसला लिया है।
दूसरी तरफ, बीडीओ संतोष कुमार पंडित ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इन्हें पूरी तरह 'बेबुनियाद' करार दिया है। बीडीओ का कहना है कि संबंधित योजनाओं की जांच प्रक्रिया अभी चल रही है और जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती, वे किसी भी प्रकार का भुगतान नहीं करेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रखंड प्रमुख उन पर गलत दस्तावेजों और प्रक्रिया के विरुद्ध जाकर हस्ताक्षर करने का अनावश्यक दबाव बना रहे हैं।
बीडीओ के मुताबिक, उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है और वे केवल वही करेंगे जो नियम सम्मत होगा। उनके मुताबिक, जब तक कागजी औपचारिकताएं और तकनीकी सत्यापन पूरा नहीं हो जाता, तब तक बकाया राशि जारी करना संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि नियम सबके लिए बराबर हैं और उसका पालन करते हुए हु राशि जारी की जाएगी।
वायरल हो रहा वीडियो IT बिल्डिंग में ऑपरेटर के कमरे के पास का बताया जा रहा है। क्लिप में एक अधिकारी गुस्से में पेमेंट करने से मना करते दिख रहे हैं। स्थानीय प्रशासन ने कहा है कि वह मामले को गंभीरता से लेगा। अधिकारियों का कहना है कि अगर शिकायत मिलती है, तो तथ्यों की जांच की जाएगी। वायरल वीडियो और मिली शिकायतों की पूरी जांच की जाएगी। जांच के बाद ही यह साफ होगा कि देरी प्रोसिजरल है या आरोप सही हैं।
राजद के कई बड़े नेता और तेजश्री यादव की पत्नी ने कहा था कि बिहार में खेल होना अभी बाकि है। ऐसा होने के डर से ही नीतीश कुमार ने अपने विधायकों को फ्लोर टेस्ट से पहले विधानसभा के नजदीक चाणक्य होटल में रात को रुकवाया।

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लव सोनकर
लव सोनकर - 9 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। पिछले 7 सालों से डिजिटल मीडिया से जुड़े हुए हैं और कई संस्थानों में अपना योगदान दि है। कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता ए...और पढ़ें...
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Published on:
13 Feb 2026 04:48 pm
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