पटना, Jun 05, 2026

बक्सर में धंसा पुल का स्लैब
Buxar Railway Overbridge:बिहार के बक्सर-बरूना रेलवे स्टेशन खंड के बीच इटाढ़ी गुमटी के समीप लगभग 26.40 करोड़ रुपये की लागत से बनकर तैयार हुआ रेल ओवरब्रिज (ROB) औपचारिक उद्घाटन से पहले ही धंस गया है। महज 10 दिन पहले ही इस पुल पर आम जनता के लिए यातायात शुरू किया गया था, लेकिन इसके एक बड़े स्लैब के अचानक धंस जाने से पूरे प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है।
इस घटना के सामने आने के बाद जहां स्थानीय लोगों में ठेकेदार और विभाग के खिलाफ भारी आक्रोश है, वहीं बक्सर से राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के सांसद सुधाकर सिंह ने इसे लेकर केंद्र और बिहार की डबल इंजन सरकार पर तीखा हमला बोला है। सांसद ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र लिखकर इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने और दोषियों को जेल भेजने की मांग की है।
जानकारी के अनुसार, इटाढ़ी गुमटी की ओर स्थित इस ओवरब्रिज के पांचवें पाये के ऊपर का मुख्य स्लैब अचानक नीचे की तरफ धंस गया। स्लैब के इस तरह अचानक नीचे बैठ जाने के कारण पुल की ऊपरी सतह पर एक फुट से भी अधिक का खतरनाक गैप और दराज साफ दिखाई देने लगा है।
पुल के क्षतिग्रस्त होने की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और रेलवे के तकनीकी अधिकारियों की टीम मौके पर पहुंची। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ओवरब्रिज से भारी और मालवाहक वाहनों के आवागमन पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है। फिलहाल केवल हल्के वाहनों को ही बेहद सीमित और नियंत्रित रूप से गुजरने की अनुमति दी जा रही है।
इस घटना को लेकर बक्सर के राजद सांसद सुधाकर सिंह ने सरकार को आड़े हाथों लिया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रेल मंत्री को टैग करते हुए लिखा कि यह सिर्फ एक पुल का टूटना या धंसना नहीं है, बल्कि भाजपा की तथाकथित डबल इंजन सरकार के भ्रष्टाचार और लापरवाही का जीता-जागता सबूत है।
सांसद ने अपने पत्र में लिखा, 'जिस पुल को जनता की सुविधा के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर बनाया गया था, उसमें इतनी निम्न और घटिया गुणवत्ता की सामग्री का उपयोग हुआ कि वह महज 10 दिनों में ही जवाब दे गया। इस पुल के निर्माण में जिस स्तर की सामग्री का उपयोग किया गया है, वैसी निम्न गुणवत्ता की सामग्री का उपयोग कोई व्यक्ति अपने निजी मकान के निर्माण में भी नहीं करेगा। यह कोई तकनीकी विफलता नहीं, बल्कि भ्रष्टाचार, मिलीभगत और सरकारी धन की खुली लूट का मामला है। जनता के पैसे की लूट और लोगों की सुरक्षा से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर स्वीकार्य नहीं है।'
इस पूरे मामले में स्थानीय जनता के लिए विडंबना यह है कि इस ओवरब्रिज के चालू होने के बाद, रेलवे प्रशासन ने चार दिन पहले यानी 31 मई को बक्सर स्टेशन के पूर्वी दिशा में स्थित इटाढ़ी रेलवे फाटक (एलसी संख्या-70B) को स्थायी रूप से बंद कर दिया था। अब स्थिति यह हो गई है कि ओवरब्रिज स्वयं असुरक्षित और क्षतिग्रस्त साबित हो चुका है और नीचे का मुख्य रेलवे फाटक भी बंद है। इस वजह से शहर की एक बड़ी आबादी पूरी तरह कट गई है और लोगों को आपातकालीन स्थितियों में भी लंबा चक्कर काटना पड़ रहा है।
सांसद सुधाकर सिंह ने रेल मंत्री को लिखे पत्र में यह मांग की है कि जब तक इस पुल की पूरी मरम्मत नहीं हो जाती और इसकी सुरक्षा सुनिश्चित नहीं हो जाती, तब तक 31 मई से बंद किए गए बक्सर स्टेशन के पूर्वी रेल फाटक को तत्काल प्रभाव से फिर से खोला जाए ताकि स्थानीय लोगों को बड़ी राहत मिल सके।
सांसद ने रेल मंत्री से आग्रह किया है कि इस घटना की एक समयबद्ध और उच्चस्तरीय तकनीकी जांच कराई जानी चाहिए। निर्माण कार्य से जुड़े ठेकेदार, प्रोजेक्ट इंजीनियर, गुणवत्ता निरीक्षक तथा संबंधित लापरवाह अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए। उन्होंने मांग की है कि इन सभी दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करते हुए उन्हें तुरंत जेल भेजा जाए, क्योंकि यह सीधे तौर पर जनता की जान से खिलवाड़ और सरकारी खजाने को चूना लगाने का मामला है।
संबंधित विषय:
Updated on: 05 Jun 2026 03:35 pm


कोई कमेंट नहीं है।
पहले कमेंट करने वाले बनें।