
विक्रमशीला सेतु पर महिला और दरोगा (फोटो- स्क्रीन ग्रैब)
बिहार के भागलपुर में गंगा नदी पर बने विक्रमशिला पुल की रेलिंग के पास एक महिला अपनी छह महीने की बच्ची को गोद में लिए खड़ी थी। वह अपनी जान देने के लिए नदी में कूदने वाली थी, तभी डायल-112 टीम का एक सब-इंस्पेक्टर फरिश्ते की तरह आया और दो जिंदगियों को मौत के मुंह से बचा लिया।
महिला काफी देर से पुल की रेलिंग के पास खड़ी थी। उसका एक पैर रेलिंग पर था और दूसरा नदी की तरफ। वहां से गुजर रहे लोग असहज तो थे, लेकिन कोई भी मदद के लिए आगे नहीं आया। इसी बीच, सब-इंस्पेक्टर सिकंदर कुमार, जो ड्यूटी खत्म करके घर लौट रहे थे, उन्होंने उस महिला को देखा। उन्हें स्थिति की गंभीरता का एहसास हुआ। उन्होंने तुरंत अपनी गाड़ी रोकी और बिना समय बर्बाद किए महिला की तरफ दौड़े।
स्थिति को देखते हुए, सब-इंस्पेक्टर ने सबसे पहले बच्ची को महिला की गोद से अपने पाद सुरक्षित ले लिया। बच्ची को अपनी छाती से लगाकर, उन्होंने महिला से बात करना शुरू किया और हाथ जोड़कर उसे समझाने लगे। वीडियो में साफ सुना जा सकता है कि सब-इंस्पेक्टर कह रहे हैं, "बाप…रे…बाप… आप ऐसा क्यों कर रही थी, दीदी? यह गलत है, बहुत गलत है। जान देने से कुछ नहीं मिलता। जिंदगी बहुत कीमती है। लड़ना सीखिए, आपको लड़ना होगा, दीदी, लड़ना सीखिए।" हालांकि, इस दौरान महिला सिर्फ रो रही थी।
महिला लगातार रो रही थी। वह तनाव में थी और किसी भी सवाल का जवाब देने की हालत में नहीं लग रही थी। सब-इंस्पेक्टर ने धैर्य से उसे लगभग 10 से 20 मिनट तक समझाया। उन्होंने परिवार, बच्चे के भविष्य और जिंदगी के महत्व के बारे में बात की। उन्होंने उसे भरोसा दिलाया कि हर समस्या का समाधान होता है और मदद उपलब्ध है। दरोगा के बहुत समझाने-बुझाने के बाद, महिला आखिरकार मान गई और उसने अपनी जान देने का इरादा छोड़ दिया।
दरोगा और महिला को देखकर पुल पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। कई लोग वीडियो बनाते दिखे, जबकि दूसरे महिला को हिम्मत दे रहे थे। लेकिन इस पूरे सीन में मुख्य व्यक्ति वह दरोगा थे, जिसने संवेदनशीलता और हिम्मत से स्थिति को संभाला। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया और लोगों ने अधिकारी की खूब तारीफ की।
Updated on:
04 Feb 2026 01:20 pm
Published on:
04 Feb 2026 01:16 pm
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