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1980 से पहले की सादी थाली से जंक फूड तक का सफर, जानें कैसे शुगर रिस्क बढ़ाती गई भारतीय थाली

Diabetes Reversible: शुगर कैसे आपको अपनी गिरफ्त में लेती गई, डायबिटिक होने का ये सफर दो से तीन दिन का नहीं, बल्कि लंबा समय और बड़े बदलाव है... आपकी पीढ़ियों जितना बड़ा बदलाव…पढ़े एक लाइफस्टाइल डिजीज बनने की कहानी और आपकी थाली का कनेक्शन का सीधा कनेक्शन...

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Diabetes reversible episode 4 patrika series health alert

Diabetes reversible episode 4 patrika series health alert(photo:AI)

Diabetes reversible: पिछले तीन भागों में आपने खतरे की घंटी सुनी और शरीर के उन संकेतों को जाना जो 5-10 साल पहले ही आपको अलर्ट देना शुरु कर देते हैं, संभलिए शुगर दरवाजे पर पहुंच रही है। लेकिन जब हम नहीं जागे तो वो दरवाजे पर आ खड़ी हुई और फिर आपको, आपके परिवार के अन्य सदस्यों को नाते-रिश्तेदारों को अपनी गिरफ्त में लेती गई लेकिन ये सफर दो से तीन दिन या एक दिन का नहीं, बल्कि शुगर जैसी साइलेंट किलर बीमारी को शरीर में पनपने में लंबा समय बड़ा बदलाव लगा है। आपकी पीढ़ियों जितना बड़ा बदलाव…लेकिन क्या आप जानते हैं कि इसके लाइफस्टाइल डिजीज बनने की कहानी और आपकी थाली का कनेक्शन पढ़ें कैसे शुगर बन गई एक लाइफस्टाइल डिजीज…?

'लाइफस्टाइल डिजीज' भर नहीं रह गई शुगर

मध्यप्रदेशसमेत पूरे भारत में डायबिटीज अब 'लाइफस्टाइल डिजीज' भर नहीं रह गई, बल्कि यह एक सामाजिक बदलाव की कहानी बन गई है। 1980 से पहले की भारतीय थाली और 2026 के जंक फूड कल्चर के बीच की दूरी सिर्फ 40-45 साल की है। लेकिन बदलाव…बदलाव पीढ़ियों जितना बड़ा… पढ़ें संजना कुमार की रिपोर्ट...पत्रिका का यह एक्सप्लेनर समझने की कोशिश भर है कि हमारी प्लेट में ऐसा क्या बदला, जिसने डायबिटीज के खतरे को बढ़ा दिया।

1980 से पहले, थाली में सादगी, और कड़ी मेहनत

  • उस दौर की भारतीय थाली स्थानीय और मौसमी थी।
  • बाजरा, ज्वार, रागी जैसे मोटे अनाज
  • हाथ से कुटा चावल
  • घर की दाल
  • मौसमी सब्जियां
  • छाछ या दही
  • गुड़, वो भी सीमित
  • तली चीजें रोज नहीं, त्योहारों तक सीमित थीं।
  • मिठाई-किसी खास अवसर पर
  • सबसे अहम और जरूरी काम- पहले के लोग शारीरिक श्रम ज्यादा करते थे। खेतों में उनका दिनभर बीतता कम, साइकिल, पैदल चलना हर दिन का हिस्सा था।
  • फाइबर अधिक, प्रोसेस्ड फूड कम-यही उस थाली की ताकत थी।

1990 के बाद मिला सुविधा का स्वाद

  • उदारीकरण के बाद भारत में फूड मार्केट में तेज और बड़ा बदलाव दिखा
  • बहुराष्ट्रीय ब्रांड्स ने शहरी भारत में कदम रखा।
  • इंस्टेंट फूड जैसे पैक्ड फूड घरों में आम हो गया।
  • ऑनलाइन फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म ने 'जो चाहो, जब चाहो' वाला मॉडल स्थापित कर दिया। खाना अब परम्परा नहीं, सुविधा बन गया।

प्लेट में क्या-क्या बदला?

  • 1980 की थाली -2026 की प्लेट
  • मोटा अनाज-रिफाइंड आटा
  • घर का खाना-पैकेज्ड/प्रोसेस्ड फूड
  • छाछ/दही-शुगर ड्रिंक्स
  • सीमित मिठाई-रोजाना डेजर्ट/स्नैक्स
  • ज्यादा श्रम- ज्यादा स्क्रीन टाइम

डायबिटीज का कनेक्शन

  • रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट, बार-बार स्नैकिंग और कम गतिविधि इंसुलिन रेजिस्टेंस को बढ़ाते हैं।
  • पहले डायबिटीज 60+ उम्र में आम थी, इसे बुजुर्गों को होने वाली बीमारी माना जाता था। लेकिन आज ये 25-35 वर्ष में भी प्री-डायबिटीज और आजकल टाइप-2 डायबिटीज के केस भी सामने आ रहे हैं। बच्चों में मोटापा और हाई शुगर ट्रेंड एक नई चेतावनी है।

1977 की अमरीका डाइट प्लान रिपोर्ट के बाद क्या हुआ था

1977 में अमेरिका की सीनेट कमेटी ने 'Dietary Goals for the United States' जारी किए। कमेटी का नेतृत्व सीनेटर George McGovern कर रहे थे।

इसमें मुख्य सुझाव थे

  • फैट कम करें
  • सैचुरेटेड फैट घटाएं
  • कार्बोहाइड्रेट बढ़ाएं
  • रेड मीट सीमित करें
  • इसके बाद 'लो-फैट' ट्रेंड पूरी दुनिया में फैला।
  • फूड इंडस्ट्री ने लो-फैट प्रोडक्ट बनाए, लेकिन स्वाद के लिए उनमें अक्सर ज्यादा चीनी और रिफाइंड कार्ब जोड़े गए
  • भारत ने यह गाइडलाइन आधिकारिक रूप से नहीं अपनाई, लेकिन 1990 के बाद ग्लोबल मार्केटिंग और पैकेज्ड फूड के जरिए 'लो-फैट, हाई-कार्ब' सोच यहां भी पहुंची। हमारी पहले से कार्ब-हैवी थाली में जब रिफाइंड कार्ब और मीठे पेय जुड़े, तो कुल ग्लाइसेमिक लोड बढ़ गया।

अब आप यही सोच रहे हैं कि क्या सिर्फ जंक फूड शुगर के लिए जिम्मेदार है? तो इसका जवाब है नहीं… लेकिन हां ये एक बड़ा ट्रिगर जरूर है।

क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स

भोपाल एम्स के डायबिटीज एक्सपर्ट डॉ. अल्पेश गोयल के मुताबिक आज हमारी पारंपरिक थाली के साथ ही हम जंक फूड को एड कर चुके हैं। 1977 के हाई कार्ब फूड हमारी दैनिक जीवन शैली का हिस्सा बन चुके हैं। वहीं एक्सरसाइज के लिए अब अगल से समय निकालना मुश्किल होता है। लोग पैदल चलने भर को काफी मानते हैं। लेकिन यह भ्रांति है कि हम पैदल घूम कर 20 मिनट की एक्ससाइज करके शुगर से दूर रह सकते हैं।

डायबिटीज रिवर्सिबल के एपिसोड 4 में अभी इतना ही काफी... अगले एपिसोड्स में हम आपको बताएंगे शुगर कैसे करती है अटैक? क्या सिर्फ चीनी खाने होती है शुगर...? जानने के लिए हेल्थ के इस सफर में जुड़े रहें patrika.com के साथ।

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लव सोनकर

लव सोनकर

लव सोनकर - 9 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। पिछले 7 सालों से डिजिटल मीडिया से जुड़े हुए हैं और कई संस्थानों में अपना योगदान दि है। कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता ए...और पढ़ें...


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