14 फ़रवरी 2026,

शनिवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Valentine Survey 2026 : Gen Z स्वाइपिंग कल्चर से करना चाहती है तौबा, क्यों ओल्ड स्कूल लव की लौटना चाहती युवा पीढ़ी

Valentine Survey 2026 : एआई रोमांस से लेकर डेटिंग ऐप्स से 10 में से 9 युवा पीछा छुड़ाना चाहती है और वह फिर से पारंपरिक तरीके से प्रेम में डूबना चाहती है। लेकिन सर्वे में यह सामने आया कि 46 फीसदी युवा प्रेम पाने का कोई और तरीका ही नहीं जानती है। युवा पीढ़ी ने पत्रिका से अपनी फीलिंग शेयर की। आप भी पढ़िए।

Google source verification
पूरी खबर सुनें
  • 170 से अधिक देशों पर नई टैरिफ दरें लागू
  • चीन पर सर्वाधिक 34% टैरिफ
  • भारत पर 27% पार्सलट्रिक टैरिफ
पूरी खबर सुनें
Gen Z prefers old school love over swipe culture Valentine day survey

जेन जी डेटिंग ऐप्स से उकताने लगे हैं।

Valentine Survey : आज वैलेंटाइन डे (valentine Day) है। जेन जी की एक बड़ी आबादी बीते एक सप्ताह से प्रपोज डे, चॉकलेट डे रोज डे, प्रॉमिस डे से लेकर किस डे में अपने-अपने कार्यक्रमों में व्यस्त हुई पड़ी है। एआई रोमांस से लेकर डेटिंग ऐप्स (Dating Apps) भी पार्टनर ढूंढने में मददगार साबित हो रही है। हालांकि, ब्रिटेन में हुए एक सर्वे में यह बताया गया कि 28 वर्ष से कम उम्र के 78 फीसदी युवा ऑनलाइन और ऐप्स से उकताने से लगे हैं। जानिए क्या हे भारत में हाल?

Old School Love : ब्रिटेन में 2,080 ऐसे वयस्कों जो किसी रिश्ते में हैं या डेटिंग के लिए तैयार हैं, पर सर्वे किया गया। सर्वे में यह पाया गया कि 28 वर्ष से कम उम्र के 78% युवाओं की इच्छा है कि वे अपने सच्चे प्यार से पारंपरिक तरीके से मिल पाते, जैसे पुराने समय में लोग मिला करते थे। यह बात भारत की युवा पीढ़ी भी महसूस करने लगी है।

इस बारे में पूछे जाने पर अलवर में कॉलेज में पढ़ा रही इति शर्मा ने पत्रिका से बताया कि ऑनलाइन प्रेम, एआई रोमांस, डेटिंग ऐप्स से अच्छा ओल्ड स्कूल लव होता है। बॉडी लैंग्वेज, आंखों में देखना, हंसी, बात करने का तरीका, ये सब स्क्रीन पर उस तरह से उभरकर नहीं आ पाता। ऐप में सिर्फ फोटो और बायो देखकर फैसला करना होता है, जो कई बार सही साबित नहीं होता।

74% युवाओं ने पुराने जमाने की मुहब्बत को माना बेहतर

वहीं ब्रिटेन में हुए फ्रोजन स्नैक ब्रांड ट्रू फ्रू द्वारा कराए गए अध्ययन में शामिल 74% युवाओं का मानना है कि आज की “स्वाइपिंग कल्चर” (Swiping Culture) में पुराने जमाने के रोमांटिक अंदाज़ मिसाल के तौर पर हाथ से लिखे खत या अचानक किए गए प्यार भरे सरप्राइज़ जैसी वह बात नहीं रही। लगभग हर 10 में से एक (9%) जेन ज़ी वयस्क तो ऑनलाइन डेटिंग को लेकर नाराज़गी तक जताते हैं, लेकिन 46% का कहना है कि उन्हें प्यार पाने का कोई और तरीका ही नहीं पता।

वहीं जयपुर में एक कंपनी की एचआर मैनेजर अपूर्व सिंह ने बताया कि मुझे खासतौर पर भारत में डेटिंग ऐप्स की अवधारणा कहीं न कहीं गलत लगती है। अधिकतर लोग ऐसी चीज़ की तलाश में होते हैं, जिसके बारे में वे खुद ही साफ नहीं होते। ऊपर से अनगिनत विकल्पों की आसान उपलब्धता उन्हें वास्तविकता से दूर ले जाती है। मैं तो किसी से अपने सामाजिक दायरे के माध्यम से मिलना ज्यादा पसंद करूंगी, बजाय इसके कि डिजिटल दुनिया की उस आड़ में भरोसा करूं, जिस पर डेटिंग के मामले में पूरी तरह विश्वास करना मुश्किल है।

वैलेंटाइन पर सरप्राइज में भिजवा सकते हैं कई तरह के उपहार

फ्रोजन स्नैक ब्रांड ट्रू फ्रू ने वैलेंटाइन डे के मौके पर अपनी देशव्यापी “Trü Love Hotline” शुरू की है। इसके जरिए लोग अपने खास व्यक्ति को व्हाइट और मिल्क चॉकलेट में डूबी स्ट्रॉबेरी सरप्राइज़ के रूप में भिजवा सकते हैं।

वहीं जब मुंगेर, बिहार के युवक अमन से सरप्राइज गिफ्ट के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, 'मैंने तो अपने फ्रैंड के हाथों अपनी गर्लफ्रैंड को फूल और कार्ड भेज दिया है। 14 फरवरी को मुलाकात होगी तो बाइक पर घूमेंगे और साथ में किसी रेस्टोरेंट में लंच करेंगे।' उनसे जब पूछा कि गर्लफ्रैंड कहां मिली? इसके जवाब में उन्होंने कहा,'मिली तो फेसबुक के जरिए लेकिन एक हफ्ते की चैटिंग के बाद हमलोग रेस्टोरेंट मिले। पिछले पांच साल से हमदोनों एक दूसरे से प्यार करते हैं।

21% लोग Dating Apps डिलीट कर दोबारा करते हैं डाउनलोड

सर्वे में यह भी सामने आया कि 83% लोग किसी पसंदीदा व्यक्ति से आमने-सामने बात करने या अपनी सच्ची भावनाएं व्यक्त करने में झिझक महसूस करते हैं। वहीं 21% लोग अक्सर डेटिंग ऐप्स डिलीट कर देते हैं, लेकिन कुछ ही दिनों में उन्हें फिर से डाउनलोड कर लेते हैं।

'डेटिंग ऐप्स नकली लगने लगते हैं'

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर की डॉक्टर कोमल खत्री का अनुभव भी कुछ हद तक सर्वे में शामिल 21 फीसदी लोगों से मिलता-जुलता है। वह कहती हैं, 'कभी-कभी डेटिंग ऐप्स बिल्कुल नकली-सा लगने लगते हैं। ये भावनाओं का एक तरह का जुआ बन जाते हैं। लोग पहले गहरा जुड़ाव महसूस करते हैं, फिर बिना ज्यादा सोचे एक-दूसरे को अनमैच भी कर देते हैं और फिर उसी ऐप पर लौट आते हैं, अपने “सच्चे प्यार” की तलाश में। मगर हकीकत में ऐसा सच्चा प्यार बहुत कम मिलता है। डेटिंग ऐप्स किसी की असली भावनाओं, सच्ची पसंद या गहरी खुशी को पूरी तरह से नहीं उजागर कर पाते।'

34 फीसदी लोगों का रोमांस से उठ चुका है भरोसा

करीब एक-तिहाई (34%) का मानना है कि “रोमांस अब खत्म हो चुका है”, जबकि 44% चाहते हैं कि आज की डेटिंग दुनिया में अचानक किए जाने वाले स्नेहपूर्ण सरप्राइज़ आम हों।

डिजिटल युग में सच्चा प्यार पाना मुश्किल

आधे (50%) उत्तरदाताओं का मानना है कि डिजिटल युग से पहले सच्चा प्यार पाना ज्यादा आसान था। 74% युवा चाहते हैं कि वे उस दौर में लौट सकें ताकि कालातीत रोमांटिक इशारों का अनुभव कर सकें।

62% जेन ज़ी की चाहत, मिलकर करें डेटिंग का फैसला

तकनीक से घिरी दुनिया में बड़े होने के बावजूद, 62% जेन ज़ी चाहते हैं कि उन्हें आमने-सामने डेट के लिए पूछा जाए- न कि टेक्स्ट मैसेज (19%) या सोशल मीडिया (6%) के जरिए।

  • 40% लोग सरप्राइज़ में फूलों का गुलदस्ता पाना पसंद करेंगे
  • 35% हाथ से लिखा पत्र अपने प्रेमी या प्रेमिका से पाने की रखते हैं चाहत
  • 22% चॉकलेट में लिपटी स्ट्रॉबेरी का तोहफा पाना पसंद करेंगे।

रोमांटिक इशारों को भी कुछ लोग देते हैं प्राथमिकता

OnePoll.com के जरिए कराए गए सर्वे में 24% लोगों ने योजनाबद्ध रोमांस (7%) के बजाय अचानक किए गए रोमांटिक इशारों को प्राथमिकता दी। 51% का कहना है कि कम समय के लिए लेकिन सोच-समझकर किए गए प्रेमपूर्ण कार्य उनके लिए भव्य और दिखावटी इशारों से ज्यादा मायने रखते हैं।

भारत में डेटिंग ऐप्स के सर्वे क्या कहते हैं?

  • लगभग 60% यूज़र्स अपने रिश्ते को जल्दी स्पष्ट रूप से डिफ़ाइन करना चाहते हैं।
  • 73% Gen Z सिंगल्स किसी दूसरे शहर के व्यक्ति के साथ डेटिंग के लिए खुले हैं।
  • 63% Gen Z सिंगल्स अंतरराष्ट्रीय मैचिंग पर भी विचार कर सकते हैं।
  • 29% का मानना है कि रिश्तों के लिए किसी तय टाइमलाइन का पालन ज़रूरी नहीं।
  • करीब 46% Gen Z लड़कियां अब विषाक्त (toxic) व्यवहार को बर्दाश्त नहीं करतीं।

राजद के कई बड़े नेता और तेजश्री यादव की पत्नी ने कहा था कि बिहार में खेल होना अभी बाकि है। ऐसा होने के डर से ही नीतीश कुमार ने अपने विधायकों को फ्लोर टेस्ट से पहले विधानसभा के नजदीक चाणक्य होटल में रात को रुकवाया।

अभी चर्चा में
(35 कमेंट्स)

User Avatar

आपकी राय

आपकी राय

क्या आपको लगता है कि यह टैरिफ भारत की अर्थव्यवस्था को प्रभावित करेगा?

लव सोनकर

लव सोनकर

लव सोनकर - 9 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। पिछले 7 सालों से डिजिटल मीडिया से जुड़े हुए हैं और कई संस्थानों में अपना योगदान दि है। कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता ए...और पढ़ें...


ट्रेंडिंग वीडियो

टिप्पणियाँ (0)

पत्रिका ने चुना

टिप्पणियाँ (0)

पत्रिका ने चुना
कोई टिप्पणी नहीं है। पहले टिप्पणी करने वाले बनें!