
पुलिस ने अविमुक्तेश्वरानंद के शिष्य को पीटा, PC- Patrika
प्रयागराज: प्रयागराज में मौनी अमावस्या पर शाही स्नान करने पहुंचे शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की पालकी पुलिस ने रोक दी। पुलिस ने शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को पैदल संगम में स्नान करने जाने के लिए कहा, लेकिन शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के शिष्य नहीं माने और पालकी को खींचकर संगम की ओर ले जाने लगे। इस पर पुलिस प्रशासन और अविमुक्तेश्वरानंद के शिष्यों के बीच धक्का-मुक्की हुई। पुलिस शिष्यों को हिरासत में लेकर गई। वहां एक शिष्य को चौकी में ले जाकर घसीटा और पीटा।
शिष्य की पिटाई को लेकर शंकराचार्य नाराज हो गए और रिहाई के लिए अड़ गए। इस पर लगभग 2 घंटे तक गहमा-गहमी चली। पुलिस ने शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के कई और समर्थकों और शिष्यों को हिरासत में ले लिया।
इस दौरान शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की पालकी को खींचकर संगम क्षेत्र से लगभग 1 किलोमीटर दूर ले जाया गया। इस दौरान पालकी का क्षत्रप भी टूट गया। शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद स्नान भी नहीं कर पाए।
शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद धरने पर बैठ गए हैं और उनका कहना है कि जब तक प्रशासन उन्हें ससम्मान स्नान के लिए नहीं ले जाएगा। तब तक वह स्नान नहीं करेंगे।
शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा, 'बड़े-बड़े अधिकारी हमारे संतों को मार रहे थे। पहले तो हम लौट रहे थे, लेकिन अब स्नान करेंगे और कहीं नहीं जाएंगे। वे हमें रोक नहीं पाएंगे। इनको ऊपर से आदेश होगा कि इन्हें परेशान करो। यह सरकार के इशारे पर हो रहा है, क्योंकि वे हमसे नाराज हैं। जब महाकुंभ में भगदड़ मची थी, तो मैंने उन्हें जिम्मेदार ठहराया था। अब वे बदला निकालने के लिए अधिकारियों से कह रहे होंगे।'
डीएम ने कहा शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद बिना इजाजत के पालकी से संगम में स्नान करने के लिए जा रहे थे। उस समय काफी भीड़ थी, जिसकी वजह से उन्हें रोका गया। उनके शिष्यों ने कई बैरियर तोड़ और पुलिस से धक्का-मुक्की भी की। हम इस पूरे मामले की जांच कर रहे हैं।
Updated on:
18 Jan 2026 05:41 pm
Published on:
18 Jan 2026 05:40 pm
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