
Elephant Terror: धरमजयगढ़ वन मंडल में हाथी के हमले से एक ग्रामीण की मौत हो गई। यह घटना तब हुई जब ग्रामीण अपने खेत किसी काम से जा रहा था। इसी समय उसका सामना हाथी से हो गया। मामले की सूचना मिलने के बाद वन अमला मौके पर पहुंचा और शव का पंचनामा कर आगे की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
इस संबंध में मिली जानकारी के अनुसार छाल रेंज अंतर्गत ग्राम खर्रा निवासी जनक राम साहू शनिवार की सुबह पांच बजे अपना खेता जा रहा था। वह कुछ दूर पहुंचा था कि उसके सामने अचानक हाथी आ गया। हाथी से बचते हुए वह मौके से भागने का प्रयास करता कि हाथी ने ग्रामीण पर हमला कर दिया। इससे ग्रामीण की मौके पर ही मौत हो गई। कुछ देर बाद ही वहां इसकी जानकारी अन्य ग्रामीणों को मिली और ग्रामीणों ने इसकी सूचना मृतक के परिजन व वन विभाग को दी। सूचना मिलते ही गांव के अन्य ग्रामीण व वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची, तब तक हाथी वहां से जा चुका था। वन विभाग के कर्मचारियों ने शव का पंचनामा कर लाश पीएम के लिए अस्पताल भिजवाया। वहीं इसकी सूचना पुलिस को भी दी गई।
छाल रेंज में विचरण कर रहा 17 हाथियों का दल
धरमजयगढ़ वन मंडल अंतर्गत आने वाले छाल रेंज में ही 17 हाथियों का दल अलग-अलग क्षेत्रों में विचरण कर रहा है। बताया जा रहा है कि हाटी में 9, गलीमार में 1, लोटान में 1, पुरुंगा में 2, छाल में 1, बनहर में 1, कीदा में 1 व बेहरामार क्षेत्र में 1 हाथी विचरण कर रहा है। इस बात को लेकर क्षेत्र के लोगों में दहशत की स्थिति भी देखी जा रही है।
मुनादी के माध्यम से किया जा रहा जागरूक
इधर वन विभाग के अधिकारियों की माने तो विभागीय टीम हाथियों पर नजर रखी हुई है। प्रभावित क्षेत्रों में मुनादी के माध्यम से लोगों को जागरूक किया जा रहा है। वहीं प्रभावित क्षेत्र के लोगों से यह अपील की जा रही है कि हाथियों से छेड़खानी नहीं किया जाए। इसके पीछे कारण यह बताया जा रहा है कि हाथियों से छेड़खानी किए जाने के बाद गजराज आक्रोशित हो जाते हैं और ज्यादा नुकसान की संभावना रहती है।
Published on:
21 Apr 2024 04:48 pm

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