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Bhilai News: दुर्ग आईटी पार्क अब आईआईटी भिलाई की निगरानी में,40 कंपनियों से एमओयू, मिलेंगे रोजगार के अवसर

Bhilai News: कंपनियां अपने प्रोजेक्ट से जुड़े अनुसंधान, तकनीकी परीक्षण और कंप्यूटिंग संसाधनों का उपयोग रियायती दरों पर कर सकेंगी। आईटी पार्क के लिए शुक्रवार को 40 आईटी और सॉफ्टवेयर कंपनियों के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए।

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Bhilai News: दुर्ग आईटी पार्क अब आईआईटी भिलाई की निगरानी में,40 कंपनियों से एमओयू, मिलेंगे रोजगार के अवसर

Bhilai News: दुर्ग में स्थापित आईटी पार्क का संचालन अब आईआईटी भिलाई की निगरानी में किया जाएगा। इस आईटी पार्क की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यहां कार्यरत कंपनियों को आईआईटी भिलाई के साथ सीधे तकनीकी और शोध सहयोग का अवसर मिलेगा। कंपनियां अपने प्रोजेक्ट से जुड़े अनुसंधान, तकनीकी परीक्षण और कंप्यूटिंग संसाधनों का उपयोग रियायती दरों पर कर सकेंगी। आईटी पार्क के लिए शुक्रवार को 40 आईटी और सॉफ्टवेयर कंपनियों के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए।

यह कार्यक्रम पीडब्ल्यूडी कार्यालय, दुर्ग में आयोजित हुआ, जिसमें मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय उपस्थित रहे। आईटी पार्क में कुल 48 कमरे तैयार किए गए हैं। पहले चरण में 40 कंपनियों के साथ संचालन शुरू किया जा रहा है। ये कंपनियां सूचना प्रौद्योगिकी, सॉफ्टवेयर विकास, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा साइंस और डिजिटल सेवाओं से जुड़े कार्य करेंगी। कार्यक्रम में राज्य मंत्री तोखन साहू, उप मुख्यमंत्री अरुण साव व विजय शर्मा तथा स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव भी शामिल रहे।
इंजीनियरिंग छात्रों को मिलेगा सीधा लाभ

आईटी पार्क से छत्तीसगढ़ के इंजीनियरिंग छात्रों को सीधा फायदा मिलने की उम्मीद है। आईटी, कंप्यूटर साइंस, एआई और डेटा साइंस के छात्रों को राज्य में ही इंटर्नशिप, प्रोजेक्ट वर्क और रोजगार के अवसर मिल सकेंगे। इससे युवाओं का अन्य राज्यों में पलायन कम होगा। आईटी पार्क के शुरू होने से भिलाई-दुर्ग क्षेत्र में आईटी गतिविधियों को गति मिलने के साथ स्थानीय स्टार्टअप्स और छोटी कंपनियों को भी मंच मिलेगा।

कंपनियों को मिलेंगी ये सुविधाएं

आईआईटी भिलाई के साथ हुए सहयोग के तहत कंपनियां प्रयोगशालाओं, तकनीकी उपकरणों, हाई-स्पीड कंप्यूटिंग सिस्टम, सर्वर और जीपीयू जैसी सुविधाओं का उपयोग सब्सिडी दर पर कर सकेंगी। इसके साथ ही आईआईटी के फैकल्टी और तकनीकी विशेषज्ञों से मार्गदर्शन मिलेगा। कंपनियां प्रोफेसरों और शोधार्थियों के साथ मिलकर प्रोजेक्ट पर काम कर सकेंगी, वहीं छात्रों को इंटर्नशिप और उद्योग-आधारित प्रशिक्षण का अवसर मिलेगा।

किराया और व्यवस्थाएं

आईटी पार्क में कार्यालयीन स्थान 20 रुपए प्रति स्क्वायर फीट की दर से उपलब्ध कराया जा रहा है। प्रति कमरे 500 रुपए मेंटेनेंस शुल्क तय किया गया है। बिजली, इंटरनेट और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। आईटी पार्क का संचालन जिला प्रशासन और आईआईटी भिलाई के साझा समन्वय से किया जाएगा।

इन कंपनियों के साथ हुआ एमओयू
ऑगटेक नेक्स्टवेल्थ, जैन सॉफ्टवेयर प्राइवेट लिमिटेड, एआरपीएन कंसल्टिंग सर्विसेज, इन्फिनेट टेक्नोलॉजी, टेक्नोडार्क इंडिया प्रिज़्म एलएलपी, स्थनावे टेक्नोलॉजीज, टेक्नोविब स्फेयर प्राइवेट लिमिटेड, क्वालआई टेक्नोलॉजी प्राइवेट, एलबीडी टेक्नो टेक्नोलॉजीज, टेको नेट प्राइवेट लिमिटेड, बीएस डिजिटल टेक्नोलॉजी, साइफाई टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड, स्मार्टएक्स एडवांस्ड सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड,डीज़ेडएआई लैब्स, लिंक आइडियाज़ टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड, रिकॉग्निक्सिट, मूनो एआई प्राइवेट लिमिटेड, क्वर्ट आईटी एलएलपी, आत्मिक भारत इंडस्ट्रीज़ प्राइवेट लिमिटेड, ताडोबा सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड,
एक्सो-सोलर प्राइवेट लिमिटेड, न्यूट्रीफिट, द केयर डायनेमिक्स इंडस्ट्रीज़ प्राइवेट लिमिटेड, प्रिशिता वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड, विस्किट इंजीनियरिंग लिमिटेड, वाइल्डलाइफ एनवायरनमेंट वसुंधरा फाउंडेशन, सस्टेनेबल इंडिया और जीनियस 36 शामिल हुई हैं।

दुर्ग का आईटी पार्क राज्य के विकास में अहम भूमिका निभाएगा। इससे आईटी कंपनियों, स्टार्टअप्स और युवाओं को काम करने के अच्छे अवसर मिलेंगे। सरकार का प्रयास है कि छत्तीसगढ़ को तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में आगे बढ़ाया जाए और उद्योगों के लिए बेहतर सुविधाएं दी जाएं।

विष्णुदेव साय, मुख्यमंत्री

आईटी पार्क को केवल दफ्तरों तक सीमित नहीं रखा गया है, बल्कि इसे शोध, तकनीकी विकास और कौशल प्रशिक्षण का केंद्र बनाया जाएगा। आईआईटी और उद्योगों के साथ मिलकर काम करने से छात्रों को सीखने का मौका मिलेगा और कंपनियों को प्रशिक्षित युवा मिलेंगे।

-राजीव प्रकाश, डायरेक्टर आईटी भिलाई