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रायपुर-बिलासपुर नेशनल हाईवे 130 … दरारों और अंधेरे से जूझता , सिर्फ दिखावे की स्ट्रीट लाइट

पक्की सड़कों पर दरारें और गड्ढे, गाड़ियों की गड़गड़ाहट के साथ अंधेरों की काली साया। हम बात कर रहे हैं रायपुर-बिलासपुर नेशनल हाईवे 130 की। दिन के समय तो इस नेशनल हाइवे रोड में दरारों के कारण खतरों की आशंका बनी हुई होती है। वहीं, रात के समय यहां खतरा और बढ़ जाता है। कई […]

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रायपुर-बिलासपुर नेशनल हाईवे 130 ... दरारों और अंधेरे से जूझता , सिर्फ दिखावे की स्ट्रीट लाइट

रायपुर-बिलासपुर नेशनल हाईवे 130 ... दरारों और अंधेरे से जूझता , सिर्फ दिखावे की स्ट्रीट लाइट

पक्की सड़कों पर दरारें और गड्ढे, गाड़ियों की गड़गड़ाहट के साथ अंधेरों की काली साया। हम बात कर रहे हैं रायपुर-बिलासपुर नेशनल हाईवे 130 की। दिन के समय तो इस नेशनल हाइवे रोड में दरारों के कारण खतरों की आशंका बनी हुई होती है। वहीं, रात के समय यहां खतरा और बढ़ जाता है। कई जगह पर तो स्ट्रीट लगी हैं, लेकिन वो भी बंद। हाईवे शुरू होते ही अंधेरे का मंजर शुरू हो जाता है और ऊपर से सामने से आते गाड़ियों के कारण रात में गाड़ी चलाना दूभर होता है।

लाइटें बंद पड़ी

पत्रिका की टीम ने रात के समय रायपुर से नांदघाट तक नेशनल हाईवे की पड़ताल की। जहां लगाई गई लाइटें बंद पड़ी हैं। वहीं, जगह-जगह मवेशियों का जमावड़ा भी नजर आया। रात में अंधेेरा, गड्ढा और मवेशी दुर्घटनाओं का बड़ा कारण बन सकते हैं। रात के समय धनेली, सिमगा पहुंचते तक ही कई जगह मवेशी दिखाई दिए।

आधी से ज्यादा लाइटें बंद

नेशनल हाईवे में ज्यादातर स्ट्रीट लाइटें ओवरब्रिज और चौक पर ही लगी हैं। लेकिन आधी से ज्यादा बंद हैं। यह नजारा हाईवे शुरू होने के साथ ही दिखाई देने लगता है। थोड़ा आगे जाने पर सिलतरा चौक में हमेशा लोग रोड क्रॉस करते रहते हैं। वहां भी लाइट के खंभे तो लगे हैं पर लाइट नहीं जलती। यही हाल सांकरा ओवरब्रिज, सिमगा ओवरब्रिज में हैं।

बीच रोड में घूमते मवेशी

नेशनल हाईवे से रोजाना गुजरने वाले लोगों के लिए रोड में मवेशियों का जमावड़ा देखना आम बात है। मवेशी रोड में घूमने के साथ ही बीच रोड में बैठे भी रहते हैं। जिसके कारण भी दुर्घटना होने की संभावना बनी रहती है। वहीं, हाई कोर्ट ने सड़क को मवेशी मुक्त करने की बात कही है लेकिन कोई भी सड़क मवेशी मुक्त नहीं हो पा रही है।

जहां रोड ऊपर-नीचे वहीं अंधेरा

नांदघाट शिवनाथ नदी से पहले लिमतरा मोड़ को खतरे का अड्डा कहना कम नहीं होगा। क्योंकि रोड तो बीच से ही तीन से चार इंच तक ऊपर नीचे हो गया है जो दिन में भी लोगों को परेशान करने के साथ ही डर से भर देता है। रात के समय यहां पूरा अंधेरा होता है। जिसके कारण गाड़ी वाले अक्सर इन दरारों और गड्ढों से धोखा खा जाते हैं। सड़क के दोनों तरफ का हिस्सा खराब हो चुका है और इसमें टायर लगते ही गाड़ी अनबैलेंस हो जाती है।

गाड़ी की स्पीड हो गई कम

सिमगा मेन रोड के पास एक दुकान में कुछ लोग मिले। उनसे जब रोड पर चर्चा हुई तो उनका कहना था कि रात के समय गाड़ी की स्पीड कम हो गई है। क्योंकि रोड में दरारे है और अंधेरा रहता है। जिसके कारण डर लगा रहता है कि कहीं खराब रोड सामने न आ जाए। इसलिए अब नेशनल हाईवे में भी गाड़ी की स्पीड कम करके चलाना पड़ता है। पहले रोड ठीक था तो इन सब की टेंशन नहीं होती थी।