
राजिम कल्प कुंभ का भी आज से शुभारंभ (photo source- Patrika)
Magh Purnima 2026: स्नान-दान, व्रत पूजन की विशेष तिथि माघ पूर्णिमा रविवार को है। पंडितों के अनुसार इस पुण्य तिथि पर रवि पुष्य और सर्वार्थ सिद्धि योग में हजारों श्रद्धालु पुण्य की डुबकी लगाकर विशेष फल प्राप्त करेंगे। राजधानी के पवित्र धार्मिक स्थल महादेवघाट में सुबह से आस्था का मेला लगेगा और राजिम त्रिवेदी संगम पर कल्प कुंभ शुरू होगा। जिसका समापन महाशिवरात्रि पर्व पर होगा।
पं. चन्द्रभूषण शुक्ला ने बताया कि माघ मास की ऐसी विशेषता है कि पवित्र नदियों में स्नान करना गंगाजल के समान होता है। इस मास की प्रत्येक तिथि पर्व होती है, इसलिए प्रयागराज में गंगा स्नान के लिए दूर-दूर से श्रद्धालु जाते हैं। माघ मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या मौनी अमावस्या के रूप में प्रसिद्ध है। माघी पुन्नी के लिए भगवान श्रीहरि की पूजा-अर्चना का फल प्राप्त होता है। इस तिथि का व्रत मनोकामना पूर्ति, धन-धान्य और मोक्ष का मार्ग प्रशस्त करता है। इस दिन तिल, गुड़, कंबल और कपड़ों का दान विशेष फलदायी माना गया है।
मां महामाया मन्दिर के ज्योतिषी पंडित मनोज शुक्ला ने बताया कि इस बार माघी पूर्णिमा पर रवि पुष्य, सर्वार्थ सिद्धि और मकर राशि में चतुग्र्रही योग का अद्भुत संगम बन रहा है। इस दिन स्नान, दान और विशेषकर विष्णु-लक्ष्मी की पूजा करने से सुख-समृद्धि बढ़ती है।
मान्यता है कि इस दिन स्वयं भगवान विष्णु गंगाजल में विराजते हैं। इसलिए पवित्र नदियों में स्नान का फल कई गुना बढ़ जाता है। पूर्णिमा तिथि 2 फरवरी सुबह तक रहेगी। सर्वार्थ सिद्धि व रवि पुष्य योग में खरीदारी और नए कार्यों की शुरुआत के लिए अत्यंत शुभ है। सौभाग्य योग और शोभन योग भी है।
Published on:
01 Feb 2026 09:06 am
