
केंद्रीय बजट से छत्तीसगढ़ में असर (photo source- Patrika)
Budget 2026: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में वित्त वर्ष 2026-27 का यूनियन बजट पेश किया। यह उनका लगातार 9वां बजट और मोदी सरकार का 15वां आम बजट रहा। बजट को लेकर छत्तीसगढ़ समेत पूरे देश के आम लोगों की निगाहें इस बात पर टिकी रहीं कि रोज़मर्रा की ज़िंदगी में क्या सस्ता होगा और किन चीज़ों पर खर्च बढ़ेगा।
बजट के बाद खेल-कूद से जुड़े सामान सस्ते होंगे। छत्तीसगढ़ जैसे राज्य में, जहां ग्रामीण और आदिवासी इलाकों से बड़ी संख्या में युवा खेलों से जुड़ रहे हैं, इससे खिलाड़ियों और स्पोर्ट्स अकादमियों को सीधा फायदा मिलेगा। स्कूल-कॉलेज स्तर पर खेल सामग्री की उपलब्धता भी आसान होगी।
वित्त मंत्री ने बजट भाषण में बताया कि कैंसर की 17 दवाएं और 7 गंभीर बीमारियों की दवाएं अब सस्ती होंगी। छत्तीसगढ़ जैसे राज्य में, जहां बड़ी आबादी सरकारी अस्पतालों और सीमित आय पर निर्भर है, यह फैसला गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है।
बजट के बाद बीड़ी सस्ती हुई है, जबकि सिगरेट की कीमतों में कोई राहत नहीं दी गई। छत्तीसगढ़ के ग्रामीण और श्रमिक वर्ग में बीड़ी का अधिक चलन है, ऐसे में इसका असर सीधे आम उपभोक्ताओं पर पड़ेगा।
लेदर के जूते और अन्य चमड़े से बने प्रोडक्ट सस्ते होंगे। इससे छत्तीसगढ़ के छोटे व्यापारियों और उपभोक्ताओं दोनों को राहत मिलने की उम्मीद है।
इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) की बैटरियां: बजट के बाद सस्ती होंगी। छत्तीसगढ़ में तेजी से बढ़ रहे इलेक्ट्रिक वाहन और मोबाइल उपयोगकर्ताओं के लिए यह एक सकारात्मक संकेत है।
बायोगैस मिक्स्ड CNG सस्ती होगी
माइक्रोवेव ओवन जैसे इलेक्ट्रॉनिक प्रोडक्ट्स सस्ते होंगे
सोलर से जुड़े उपकरण और कपड़े भी सस्ते होने की उम्मीद है
इसका असर शहरी और ग्रामीण—दोनों क्षेत्रों के घरेलू बजट पर पड़ेगा।
छत्तीसगढ़ के उपभोक्ताओं को कुछ चीज़ों में बढ़ी कीमतों के लिए भी तैयार रहना होगा—शराब महंगी होगी
स्क्रैप और खनिज महंगे होंगे (जिसका असर उद्योगों पर पड़ सकता है)
Future Option Trading की लागत बढ़ेगी
यह बजट आम आदमी, मरीजों, युवाओं और उपभोक्ताओं को राहत देने वाला नजर आता है, जबकि नशा, सट्टा और खनन जैसे क्षेत्रों में सख्ती के संकेत भी देता है। छत्तीसगढ़ जैसे राज्य के लिए, जहां स्वास्थ्य, खेल, ऊर्जा और रोजगार अहम मुद्दे हैं, यह बजट मिश्रित लेकिन राहत-केंद्रित माना जा सकता है।
Updated on:
01 Feb 2026 02:51 pm
Published on:
01 Feb 2026 02:34 pm
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