
रतलाम के मेडिकल कॉलेज में है लंबे समय से इंतजार
रतलाम. रतलाम के मेडिकल कॉलेज में सबकुछ तैयार है, बेड, ऑक्सीजन लाइन, उपकरण, डॉक्टर और तमाम संसाधन और सुविधाएं। बस इंतजार है तो इसके संचालन होने का। शुरू होने में महज एक कदम की आड़ आ रही है और वह फायर एनओसी की। फायर एनओसी के लिए मेडिकल कॉलेज की तरफ से छह माह पहले से प्रक्रिया की जा चुकी है, किंतु अब तक यह नहीं मिल पाई है। हालात यह है कि इतनी लंबी जद्दोजहद के बाद करीब चार करोड़ की लागत वाला 54 बेड का एसएनसीयू और पीआईसीयू शुरू होने के इंतजार में ही है। कब तक एनओसी मिलेगी और कब इसे शुरू किया जा सकेगा इसे लेकर कॉलेज प्रबंधन भी पूरी तरह आश्वस्त नहीं है।
मेडिकल कॉलेज में पीआईसीयू और एसएनसीयू का काम पूरा हो चुका है। यहां इमरजेंसी लाइट के लिए जनरेटर से केबल जोडऩा थी। काफी समय से केबल नहीं होने से काम अटक गया था। कॉलेज प्रबंधन ने वरिष्ठ अधिकारियों से इसकी स्वीकृति लेकर यह कैबल भी डाल दी है। अब यहां फायर एनओसी ने इसकी शुरुआत अटका दी।
मेडिकल कॉलेज में बनकर तैयार हुई एसएनसीयू और पीआईसीयू संभाग के किसी भी सरकारी या निजी अस्पताल में सबसे ज्यादा बेड की इकाई है। इतने बेड किसी निजी या सरकारी अस्पताल में भी उपलब्ध नहीं है। जिला अस्पताल के एसएनसीयू में भी इतने बेड नहीं है। अभी मेडिकल कॉलेज में एसएनसीयू में 20 बेड उपलब्ध है।
प्रदेशभर के मेडिकल कॉलेजों में इस तरह की यूनिट तैयार की गई है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) की ईसीआरपी योजना के तहत इसके निर्माण की राशि स्वीकृत हुई थी। करीब एक साल से इसका निर्माण चलता रहा। अब जबकि यह पूरी हो गई है तो इसे शुरू नहीं किया जा सका है। पूरे क्षेत्र के नवजात शिशुओं के लिए बड़ी सुविधा है।
मेडिकल कॉलेज में सर्जिकल एनआईसीयू की भी सुविधा जरुरी है। नए स्थान पर बने एसएनसीयू में स्थानांतरित होता है, तो सर्जिकल एनआईसीयू भी शुरू किया जा सकता है। एसएनसीयू और पीआईसीयू को नई जगह शिफ्ट नहीं किया जा सकता है सर्जिकल यूनिट नहीं बन पाएगी। इसमें छोटे बच्चे के ऑपरेशन के बाद इसमें रखने की सुविधा होगी।
- जन्म से लेकर 14 साल तक के क्रिटिकल बीमारी वाले बच्चों को इसमें रखा जाता है।
- सेंट्रल ऑक्सीजन लाइन की सुविधा
- पोर्टेबल एक्सरे की सुविधा
- बच्चे को इलाज के बाद स्टेबल करने के लिए यूनिट
- क्रिटिकल बच्चों के लिए सक्शन मशीन
- हर पलंग पर वार्मर की व्यवस्था
एसएनसीयू बेड - 25
पीआईसीयू बेड - 12
एचडीयू बेड - 10
आब्जर्वेशन यूनिट बेड - 06
कुल बेड की संख्या 54
लागत - चार करोड़
हमारा एसएनसीयू और पीआईसीयू बनकर तैयार है। इसमें इमरजेंसी केबल भी डाली जा चुकी है। हमने इसके फायर एनओसी के लिए अप्लाई भी कर दिया है। यह एनओसी भोपाल से मिलनी है। हम इसका इंतजार कर रहे हैं।
डॉ. अनिता मुथा, डीन, मेडिकल कॉलेज
Published on:
28 Jan 2026 10:58 pm
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