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गोचर भूमि मुक्त कराने की मांग को लेकर खिमलासा में किया चक्काजाम

बीना. गोचर भूमि मुक्त कराने गंभीर आपराधिक घटनाओं में कार्रवाई को लेकर मंगलवार को खिमलासा में गोसेवकों ने चक्काजाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने देवल गो—अभयारण्य का कार्य शीघ्र शुरू करने की मांग की, जिसकी कुल भूमि 3614 एकड़ है व गोचर भूमि से अतिक्रमण हटाने की मांग उठाई।इस दौरान गोसेवकों ने चांदामऊ की घटना, खिमलासा […]

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Road blockade in Khimlasa demanding release of grazing land

प्रदर्शन करते हुए

बीना. गोचर भूमि मुक्त कराने गंभीर आपराधिक घटनाओं में कार्रवाई को लेकर मंगलवार को खिमलासा में गोसेवकों ने चक्काजाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने देवल गो—अभयारण्य का कार्य शीघ्र शुरू करने की मांग की, जिसकी कुल भूमि 3614 एकड़ है व गोचर भूमि से अतिक्रमण हटाने की मांग उठाई।
इस दौरान गोसेवकों ने चांदामऊ की घटना, खिमलासा थाना क्षेत्र में चार वर्षीय मासूम के साथ हुए बलात्कार के आरोपी पर सख्त कार्रवाई कर उसका मकान ध्वस्त करने, अशोक पटेल जरुआखेड़ा में हुए जानलेवा हमले के दोषियों पर कठोर कार्रवाई करने और उन्हें संरक्षण देने के आरोप में नरयावली थाना प्रभारी की जांच की मांग की गई। इसके अलावा मालथौन में ब्लैकमेल कर वीडियो वायरल किए जाने और आत्महत्या के मामले में फिर से जांच कर उचित कार्रवाई की की जाए। इस आंदोलन में मालथौन बजरंग दल, पथरिया, करमपुर, बसाहरी, इनायतपुर, खुरई, बीना और कुरवाई सहित यूपी के बिर्धा, ललितपुर से लोग शामिल हुए।

152 ज्ञापन के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई
गोसेवकों का कहना है कि 152 ज्ञापन देने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है, इसलिए चक्काजाम करना पड़ा। जाम के दौरान खिमलासा थाना प्रभारी राधेश्याम पटेल ने लिखित आश्वासन दिया। वहीं, कलेक्टर संदीप जीआर और खुरई एसडीएम मनोज चौरसिया से फोन पर चर्चा के बाद 45 दिन में गोचर भूमि से अतिक्रमण हटाने का आश्वासन मिलने के बाद लोगों ने जाम खोला।