
रुद्राक्ष धाम मंदिर प्रांगण में नवनिर्मित दक्षिणमुखी हनुमान की अलौकिक मूर्ति की प्राण-प्रतिष्ठा रविवार को पूरे विधि विधान से रावतपुरा सरकार के संत रविशंकर की उपस्थिति में हुई। मंदिर के शिखर पर क्रेन से धर्म ध्वजा स्थापित की गई। कथावाचक प्रेमभूषण, रावतपुरा सरकार, मुख्य यजमान पूर्व गृहमंत्री, खुरई विधायक भूपेन्द्र सिंह ने परिजनों व श्रद्धालुओं सहित दक्षिण मुखी हनुमान मंदिर के दर्शन किए। इस प्रकार सभी श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ हनुमान मंदिर खोल दिया गया। पहले ही दिवस हजारों की संख्या में भक्तों ने दर्शन किए और प्रसादी ग्रहण की।
श्रीराम कथा में कथा वाचक प्रेममूर्ति प्रेमभूषण ने कहा कि सत्संग तो अपने घर से ही प्रारंभ होना चाहिए। जैसे मां भगवती ने प्रश्न किया और भोले बाबा ने पूरी राम कथा सुना दी। सत्संग का अर्थ होता है सत्य का संग। जिस घर में सत्संग का प्रवेश हो जाता है सत्संग का वातावरण बन जाता है वह घर अपने आप मंदिर के रूप में परिवर्तित हो जाता है। सत्संग मनुष्य को भटकने से बचा लेता है। सत्संग का अवसर देने के लिए भोले बाबा ने मां भगवती की भी खूब प्रशंसा की थी। उन्होंने कहा कि राम कथा मनुष्य को सुखी जीवन के मार्ग और साधन प्रदान करती है। इस कलिकाल में राम कथा मनुष्य को पाप से बचाने के लिए कलमषी वृक्षों को काटने के लिए कुल्हाडी़ का कार्य करती है।
कथा वाचक ने कहा कि भारत की पुण्य भूमि पर ही भगवान का अवतार होता रहा है। कभी अंशावतार तो कभी विशिष्ट अवतार और तो कभी पूर्णावतार के रूप में भगवान इस धरती पर आकर इस धरती को धन्य करते रहे हैं। यह हमारा सौभाग्य है कि हमने इस धरती पर जन्म लिया है। दुनिया के किसी भी देश में भारत के तरह बच्चों को महत्व नहीं मिल पाता है यह हमारा सौभाग्य है कि हमारे भारतवर्ष के बच्चे ममता की छांव में पलते हैं।
प्रेमभूषण ने कहा कि मनुष्य अपने अर्थ और संपत्ति का उत्तराधिकारी तो बना जाता है, लेकिन अपने परमार्थ पथ का उत्तराधिकारी कोई-कोई बना पाता है। अपने जीवन काल में ही हमें अपने परमार्थ पथ का उत्तराधिकारी तैयार करने की आवश्यकता है, तभी तो कई पीढिय़ों तक परमार्थ चलता रहता है। रामजी की भक्ति प्राप्त करने के लिए हमें शिवजी की कृपा प्राप्त करनी पड़ती है। कथावाचक कई सुमधुर भजनों से श्रोताओं को भावविभोर कर दिया।
रावतपुरा सरकार के संत रविशंकर ने श्रीराम कथा का श्रवण किया। मुख्य यजमान भूपेंद्र सिंह ने सपरिवार व्यास पीठ का पूजन किया। राज्य के मंत्री राकेश सिंह व विधायक शैलेंद्र जैन ने भगवान की आरती उतारी। युवा नेता अविराज सिंह ने शिवतांडव स्रोत को कंठस्थ सस्वर सुनाया। कथा में बंडा विधायक वीरेंद्र सिंह, बीना विधायक निर्मला सप्रे, पूर्व सांसद राजबहादुर सिंह, पूर्व विधायक पारुल साहू केसरवानी, कुरवाई से पूर्व विधायक वी सिंह पवार, संजय बापट बीना, खुरई नपा अध्यक्ष नन्ही बाई अहिरवार व जयंत सिंह बुंदेला आदि मौजूद रहे।
Published on:
02 Feb 2026 04:40 pm
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