
एक ही घर में मिली 5 लाशें। फोटो सोर्स-AI
5 Dead Bodies In One House: सहारनपुर कौशिक विहार की संकरी गली में लोगों की नजरें एक किराए के मकान की ओर टिकी थीं। घर का मुख्य दरवाजा बंद था, लेकिन बाहर बेचैन भीड़ जमा थी। किसी को भरोसा नहीं हो रहा था कि इसी घर में रातोंरात पूरा परिवार खत्म हो चुका है। पुलिस की पीली पट्टी घर के दरवाजे के पास खिंची हुई है।
आस-पास के घरों में रहने वाले लोग रात के घटनाक्रम को याद कर घबरा जाते हैं। बगल में रहने वाले एक बुजुर्ग बताते हैं कि रात के करीब 2 बजे 3-4 धमाके जैसी आवाज आई। लगा कोई बाइक का साइलेंसर फटा होगा या पटाखे फूटे होंगे। हमारे यहां तो लोग रात में भी आते-जाते रहते हैं, इसलिए किसी ने नहीं सोचा कि इतनी बड़ी घटना होगी।
सुबह जब किसी को पास में रहने वाले संग्रह अमीन अशोक राठी घर से कोई आवाज, हलचल या दरवाजा खुलने की आहट नहीं मिली तो शक बढ़ा। पड़ोसियों ने अशोक राठी के जीजा जयवीर को बुलाया और फिर छत के रास्ते लोग अंदर गए। कमरे में संग्रह अमीन अशोक राठी (40), मां विद्यावती (70), पत्नी अंजिता (35), बेटे कार्तिक (16) और देव (13) के शव पड़े मिले। पुलिस की जांच में सामने आया कि रात में अशोक ने परिवार के सदस्यों को गोली मारकर खुद भी गोली मार ली। वह काफी समय से अवसाद में था।
दरअसल, अशोक राठी नकुड़ तहसील में संग्रह अमीन (Collection Amin) के पद पर तैनात थे। मूलरूप से नकुड़ के गांव खारीबांस निवासी अशोक राठी करीब 2 साल से सरसावा में अपने परिवार के साथ ही रह रहे थे। इससे पहले वह सरसावा की टीचर कॉलोनी में रहते थे। हालांकि बाद में कौशिक विहार कॉलोनी में उन्होंने अपने गांव के ही मांगेराम का मकान किराये पर ले लिया। मकान का नीचे वाला हिस्सा खाली था और वह ऊपर वाले तल में रहते थे। अशोक की बहन पिंकेश सावन विहार कॉलोनी में ही रहती है।
मंगलवार सुबह पिंकेश ने अशोक के मोबाइल पर फोन किया तो किसी ने फोन नहीं उठाया। जिसके बाद पिंकेश ने अपने बेटे प्रीत को भाई के घर तुरंत भेजा। प्रीत को मामा के घर का दरवाजा बंद मिला तो प्रीत ने अपने पिता जयवीर को सूचना दी। जब दोनों रसोई की खिड़की तोड़कर घर के अंदर घुसे तो उनकी आंखे फटी की फटी रह गई।
घर के अंदर का नजारा देखकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। सभी की लाशें बिस्तर में पड़ी थी। अशोक राठी के सीने और कनपटी में गोली लगी थी, जबकि अन्य लोगों के के माथे पर सटाकर गोली लगने के निशान थे। हालांकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सीने में भी गोली लगने की पुष्टि हुई है। 3 देसी पिस्टल अशोक राठी के पास से मिली हैं। मौके पर 8 से 10 कारतूस के खोखे मिले हैं। DIG अभिषेक सिंह, DM मनीष बंसल, SSP आशीष तिवारी मामले की जांच में जुट गए हैं।
पुलिस की जांच में सामने आया कि अशोक और उसकी मां गांव के मकान में रहना चाहते थे, लेकिन पत्नी और बच्चों की सरसावा में बनाए नए मकान में रहने की इच्छा थी। 1 फरवरी को नए मकान में शिफ्टिंग की तैयारी चल रही थी। इसी बात को लेकर परिवार में विवाद था। तहसील में अशोक के पिता सुरेंद्र संग्रह अमीन थे। पिता के निधन के बाद अशोक मृतक आश्रित कोटे से नौकरी में लगे थे।
पुलिस की माने तो अशोक राठी पिछले कई सालों से अवसाद में था। उसका इलाज चंडीगढ़ PGI में चल रहा था। पिछले साल एक महीने तक वह PGI में भर्ती था। शुरूआती जांच में यह बात भी सामने आ रही है कि अशोक ने मां, पत्नी और दोनों बेटों को नींद की गोली खिलाई और इसके बाद उन्हें गोली मार दी। इसके बाद खुद को भी मौत के हवाले कर दिया।
पुलिस की जांच में खुलासा हुआ है कि अशोक ने गोली मारने से पहले अपनी बहन पिंकेश और मोना को WhatsApp पर ऑडियो मैसेज भेजे थे। जिसमें अशोक कह रहा है, '' मैं मजबूर था। अगर मैं अकेला मरता तो इन्हें कौन संभालता। इसमें किसी की कोई गलती नहीं।'' DIG अभिषेक सिंह के मुताबिक, जांच में खुलासा हुआ है कि अशोक ने पहले परिवार के सदस्यों को गोली मारी और फिर खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। मामले की जांच की जा रही है।
Updated on:
21 Jan 2026 10:35 am
Published on:
21 Jan 2026 10:33 am
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