28 जनवरी 2026,

बुधवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

नाम और धर्म छिपाकर रचाई शादियां, जेवर-नकदी लेकर फरार: संभल पुलिस ने किया ठगी के बड़े नेटवर्क का खुलासा

Sambhal Crime: यूपी के संभल में पुलिस ने शादी के नाम पर युवकों से ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए दो महिलाओं और एक युवक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

3 min read
Google source verification

सम्भल

image

Mohd Danish

Jan 28, 2026

marriage fraud gang busted sambhal

संभल पुलिस ने किया ठगी के बड़े नेटवर्क का खुलासा | Image - FB/@SambhalPolice

Sambhal News: संभल जिले के चन्दौसी क्षेत्र में पुलिस ने शादी के नाम पर अविवाहित युवकों से लाखों रुपये ठगने वाले एक शातिर गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस गिरोह में दो महिलाएं और एक युवक शामिल था, जो फर्जी पहचान और नाम बदलकर युवकों को शादी का झांसा देते थे। पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से नकदी और जेवर बरामद किए हैं। पूरे मामले का खुलासा पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार बिश्नोई ने प्रेसवार्ता में किया, जहां उन्होंने गिरोह की कार्यप्रणाली और अब तक सामने आए पीड़ितों की जानकारी साझा की।

गिरफ्तार आरोपी और उनके फर्जी नामों की कहानी

पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों में काजल उर्फ नूरजहा खातून, पूजा उर्फ आयशा खातून और राजीव शामिल हैं। काजल मूल रूप से पश्चिम बंगाल के लालबाजार क्षेत्र की रहने वाली बताई गई है, जबकि पूजा उर्फ आयशा बरूईपुर क्षेत्र से जुड़ी बताई गई है। दोनों महिलाओं ने पूछताछ में स्वीकार किया कि उन्होंने अलग-अलग पहचान और धर्म के नाम पर शादी कर युवकों को भ्रमित किया। गिरोह का मुख्य सरगना राजीव बताया जा रहा है, जो पूरे नेटवर्क का संचालन करता था और शादियों की सौदेबाजी से लेकर रकम वसूलने तक की योजना बनाता था।

पांच से छह दिन में दुल्हनें होती थीं फरार

एसपी ने बताया कि इस गिरोह की कार्यशैली बेहद सुनियोजित थी। शादी के बाद दुल्हनें कुछ दिन ससुराल में सामान्य व्यवहार करती थीं, जिससे परिवार को किसी तरह का संदेह न हो। जैसे ही मौका मिलता, वे घर में रखे नकदी और कीमती जेवर लेकर फरार हो जाती थीं। इसके बाद चोरी किया गया माल और शादी के नाम पर ली गई रकम को गिरोह के सदस्य आपस में बांट लेते थे। इस तरीके से कई युवकों को लाखों रुपये का नुकसान हुआ है।

पीड़ित की शिकायत से खुला पूरा मामला

पूरे गिरोह का भंडाफोड़ तब हुआ, जब गांव पतरौआ निवासी रामजीमल ने थाने में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि कुछ लोग शादी कराने का झांसा देकर मोटी रकम वसूलते हैं और शादी के कुछ ही दिनों बाद दुल्हनें घर से कीमती सामान लेकर भाग जाती हैं। इस शिकायत के आधार पर पुलिस ने जांच शुरू की और आरोपियों तक पहुंच बनाई। जांच के दौरान कई मामलों में 53 हजार से लेकर 75 हजार रुपये तक की रकम लिए जाने की पुष्टि हुई।

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से पीली धातु की अंगूठी, चैन और 4,700 रुपये नकद बरामद किए हैं। सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।

नाम और धर्म बदलकर रचाई गई शादियों का जाल

पूछताछ में पूजा उर्फ आयशा खातून ने खुलासा किया कि वह पहले से शादीशुदा है और उसके दो बच्चे भी हैं। वहीं काजल उर्फ नूरजहा खातून ने भी नाम और धर्म बदलकर शादियां करने की बात स्वीकार की। दोनों महिलाओं ने बताया कि वे गिरोह के निर्देश पर अलग-अलग जगहों पर जाकर युवकों से शादी करती थीं और तय योजना के तहत कुछ दिनों बाद घर से कीमती सामान लेकर भाग जाती थीं।

तारीखों के साथ सामने आए ठगी के बड़े मामले

पुलिस जांच में सामने आया कि 22 दिसंबर 2025 को भोला नामक युवक से 55 हजार रुपये लेकर उसकी शादी कराई गई। इसके बाद 9 जनवरी 2026 को राजू से 53 हजार रुपये लेकर पूजा उर्फ आयशा से विवाह कराया गया, वहीं उसी दिन परमेश से 75 हजार रुपये लेकर दूसरी पूजा से शादी कराई गई। मोनू मिश्रा से 70 हजार रुपये लेकर ईशिका से विवाह कराया गया। इन सभी मामलों में कुछ ही दिनों बाद दुल्हनें जेवर और नकदी लेकर फरार हो गईं।

घरवालों की सतर्कता से हुआ गिरोह बेनकाब

20 जनवरी को पूजा उर्फ आयशा को पतरौआ रोड पर घर से भागते समय परिवार वालों ने पकड़ लिया। इसी घटना के बाद पूरे गिरोह का भेद खुला और पुलिस तक मामला पहुंचा। इसके बाद चन्दौसी पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए पूरे नेटवर्क को तोड़ दिया।

Story Loader