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रेड जोन में है एमपी का ये जिला, ‘1394 गांवों’ की मैपिंग नहीं

MP News: 19 जनवरी को समीक्षा की गई थी। जिसमें लगभग 30 जिलों में गणना का काम प्रारंभ ही नहीं हुआ है।

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सतना

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Astha Awasthi

Feb 01, 2026

Minor Irrigation Census

Minor Irrigation Census प्रतिकात्मक फोटो (Photo Source - Patrika)

MP News: सातवीं लघु सिंचाई गणना का कार्य प्रारंभ है। इसमें सभी लघु सिंचाई योजनाओं (2000 हेक्टेयर तक के कमान क्षेत्र वाली भूजल और सतही जल प्रणालियां) और जल निकायों (तालाब, पोखर, झील) के आंकड़े इकट्ठा किए जाने है। इसके लिए मार्च 2025 में प्रशिक्षण दिया जा चुका लेकिन सतना जिले में अभी तक एक भी पटवारी ने गिनती तक शुरू नहीं की है।

विगत सप्ताह की गई समीक्षा में शून्य प्रगति वाले जिलों में सतना जिला भी शामिल है जिसे शासन स्तर पर रेड जोन में शामिल किया गया है। इस मामले में संचालक कृषि ने आपत्ति जाहिर करते हुए कलेक्टर को प्रगति संतोषजनक स्थिति में लाने निर्देशित किया है।

विलेज मैपिंग प्रारंभ नहीं

सतना जिले में कुल 1394 गांव है। लेकिन एक भी गांव में पटवारियों ने विलेज मैपिंग प्रारंभ नहीं की है। विलेज मैपिंग के दौरान गांव के स्तर पर सिंचाई के साधनों की पहचान की जाती है। इसमें ट्यूबवेल, डगवेल (कुआं), सतही लिफ्ट सिंचाई, तालाब, पोखर सहित अन्य जल निकायों की भौतिक रूप से पहचान की जाती है। इसके बाद मोबाइल ऐप के माध्यम से पानी के स्रोतों के अक्षांश-देशांतर और उनकी तस्वीरें ली जाती है। लेकिन यह कार्य प्रारंभ नहीं हो सका है और सतना जिले की प्रगति शून्य बताई गई है। यही स्थिति गैहर जिले की है। यहां के कुल 638 गांवों में भी प्रगति शून्य है।

छठवीं गणना में हुआ था बड़ा फर्जीवाड़ा

छठवीं लघु सिंचाई संगणना एवं जल निकायों की गणना संदर्भ-वर्ष 2017-18 के आधार पर की गई। थी जिसमें सतना में बड़ा फर्जीवाड़ा पाया गया था। पटवारियों ने अपने सर्वे में जिले में 54 जल निकाय बताए थे। लेकिन जब रिमोट सेंसिंग डाटा से सत्यापन किया था तो इनकी संख्या 2325 मिली। गायब मिले 2271 जल निकायों का सत्यापन कर फीडिंग करवाई गई थी।

19 जनवरी को समीक्षा की गई थी। जिसमें लगभग 30 जिलों में गणना का काम प्रारंभ ही नहीं हुआ है। यह लापरवाही अत्यंत आपत्तिजनक है। कलेक्टरों को कहा गया है कि वे इसकी समीक्षा कर कार्य प्रगति में लाएं।- अजय गुप्ता, संचालक कृषि