
Shivraj Singh Chouhan said that farmers will benefit from the US and EU trade deal (Patrika File Photo)
Shivraj Singh Chouhan- एमपी के सीहोर में राष्ट्रीय दलहन आत्मनिर्भरता मिशन के लिए राष्ट्रीय परामर्श एवं रणनीति सम्मेलन आयोजित किया गया। अमलाहा के खाद्य दलहन अनुसंधान केंद्र में आयोजित सम्मेलन में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराजसिंह चौहान, एमपी के सीएम मोहन यादव व देश के कई राज्यों के कृषि मंत्री शामिल हुए। राज्यों के कृषि मंत्रियों को मिशन का बजट स्वीकृति-पत्र दिया गया। राष्ट्रीय दलहन मिशन में मध्यप्रदेश को 354 करोड़ रुपए की बजट राशि मिली। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि दलहन उत्पादन में मध्यप्रदेश देश में पहले स्थान पर है, जिससे इस मिशन का सर्वाधिक लाभ हमारे किसानों को ही मिलेगा। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराजसिंह चौहान Shivraj Singh Chouhan ने कहा कि दलहन उत्पादन बढ़ाकर आत्मनिर्भर बनना हमारा लक्ष्य है। भारत अमेरिका ट्रेड डील का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इसमें देश के किसानों के हितों की रक्षा की गई है। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराजसिंह चौहान ने कहा कि अमेरिका और ईयू ट्रेड डील से किसानों को लाभ होगा। उन्होंने खासतौर पर एमपी के गेहूं का जिक्र करते हुए कहा कि इसका दुनियाभर में डंका बजेगा। प्रदेश के गेहूं उत्पादक किसानों को इसका जर्बदस्त फायदा मिलेगा।
सम्मेलन में सीएम डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराजसिंह चौहान ने राष्ट्रीय दलहन मिशन के पोर्टल का शुभारंभ किया। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के बुलेटिन एवं इकार्डा की पुस्तिका का विमोचन, इकार्डा के नवनिर्मित प्रशासनिक भवन, प्रशिक्षण केन्द्र तथा अत्याधुनिक प्लांट टिशु कल्चर प्रयोगशाला का लोकार्पण किया।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश भारत का फूड बॉस्केट है। अब प्रदेश में दलहन फसलों का उत्पादन तेजी से बढ़ाएंगे। इसके लिए हम केन्द्र सरकार के साथ हम-कदम होकर काम करेंगे। उन्होंने किसानों से दलहनों की उत्पादकता और पोषण बढ़ाने के लिए आगे आने को कहा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि भावांतर भुगतान योजना से सोयाबीन की उपज की 1500 करोड़ रूपए से अधिक राशि किसानों के खातों में पहुंची है।
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराजसिंह चौहान ने कहा कि अमेरिका और यूरोप के 27 देशों से हमारा समझौता हुआ है। उन्होंने कहा अमेरिका के साथ कृषि समझौते में किसानों के हितों की रक्षा की गई है।
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराजसिंह चौहान ने कहा कि देश के बासमती चावल और मसालों को 18 प्रतिशत टैरिफ से लाभ मिलेगा। टेक्सटाइल निर्यात बढ़ने से कपास उत्पादक किसानों को फायदा होगा। सीहोर का शरबती गेहूं दुनिया में धूम मचाएगा। किसानों को आर्थिक लाभ होगा।
शिवराजसिंह चौहान ने कहा कि देश को दलहन में आत्मनिर्भर बनाना है। दाल हमें विदेश से आयात करना पड़े यह देश के हित में नहीं है। उन्होंने राज्य सरकार को बधाई देते हुए कहा कि हमारा मध्यप्रदेश आज भी दलहन उत्पादन में अग्रणी है। केन्द्रीय कृषि मंत्री ने देश में चना, मसूर और उड़द का उत्पादन बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि इकार्डा के माध्यम से दलहन फसलों के उन्नत बीज तैयार किए जाएंगे।
केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराजसिंह चौहान ने कहा कि देश का कृषि मंत्रालय अब दिल्ली से नहीं, गांव और खेतों से चल रहा है। हमारे कृषि वैज्ञानिक प्लांट टिशू कल्चर के माध्यम से मसूर सहित अन्य दलहन फसलों की नई और उन्नत किस्में तैयार हो रही हैं। किसानों को ज्यादा उत्पादन वाले और रोग रहित बीच उपलब्ध कराना है। दलहन आत्म निर्भरता मिशन के अंगर्तग दालों के कलस्टर बनाए जाएंगे। प्रगतिशील और आदर्श किसानों को एक हैक्टेयर में दलहन उत्पादन के लिए 10 हजार रुपए का प्रोत्साहन दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार सभी दलहन फसलों की शत-प्रतिशत खरीदी करेगी। प्रदेश के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री एदल सिंह कंषाना ने कहा कि राज्य सरकार किसान कल्याण के लिए कार्य कर रही है।
Published on:
07 Feb 2026 06:41 pm
बड़ी खबरें
View Allसीहोर
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
