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Rajasthan's Girls Military Academy: प्रदेश में इसी सत्र से शुरू होने वाली बालिका सैन्य अकादमी का संचालन मिलिट्री स्कूलों की तर्ज पर होगा। प्रदेश में सीकर व बीकानेर में इस साल शुरू होने वाली बालिका सैन्य अकादमी के लिए सरकार अलग से स्कूल भी शुरू करेगी। पहले इनका संचालन सरकारी स्कूलों के साथ होना था, लेकिन अब सरकार ने युवाओं को शुरूआत से सेना से जोड़ने के लिए मिलिट्री स्कूलों की तर्ज पर संचालन करने की तैयारी कर ली है। राज्य सरकार ने इस संबंध में प्रस्ताव भी तैयार कर लिया है।
खास बात यह है कि सीकर जिले में बालिकाओं के साथ बालकों के लिए सैन्य अकादमी का संचालन होगा। इसके लिए महाराव शेखाजी संस्थान पदाधिकारियों की ओर से मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से कई दौर की वार्ता हो चुकी है। फिलहाल यहां तैयार बालक सैन्य अकादमी के भवन से बालिका सैन्य अकादमी की शुरूआत होगी। यदि सरकार की ओर से इस साल ही बालक सैन्य अकादमी को मंजूरी दी जाती है बालिका सैन्य अकादमी के लिए अलग से भवन तलाश जाएगा।
सीकर व बीकानेर में शुरू होने वाली बालिका सैन्य अकादमी में कक्षा छह में बेटियों को प्रवेश मिलेगा। इसके लिए सरकार की ओर से प्रवेश परीक्षा कराई जाएंगी। पिछले दिनों शिक्षा विभाग की ओर से सीकर व बीकानेर में खुलने वाले बालिका सैन्य स्कूल के लिए आवेदन मांगे गए थे। प्रदेश के दो सैन्य स्कूलों की प्री परीक्षा के लिए लगभग 13 हजार आवेदन आए है।
सीकर जिले में बालिका सैन्य अकादमी का संचालन फिलहाल मोहनपुरा गांव में बने महाराव शेखाजी सैन्य अकादमी भवन से होगा। बालिका सैन्य अकादमी को यह भवन अस्थाई तौर पर दिया जाएगा। यही से बालक सैन्य अकादमी का संचालन भी शुरू होगा। यदि सरकार से इसी साल बालक सैन्य अकादमी को मंजूरी मिली तो बालिका सैन्य अकादमी किसी भवन में शिफ्ट हो सकता है, लेकिन दोनों का स्थायी संचालन यही से होना है।
महाराव शेखाजी संस्थान को केन्द्र व राज्य सरकार को दो प्रोजेक्ट दिए गए थे। इसमें बालक व बालिका सैन्य अकादमी का प्रस्ताव शामिल था। पहले चरण में बालक सैन्य अकादमी शुरू होनी थी, लेकिन इसके लिए पिछली सरकार के समय स्कूल के लिए एमओयू नहीं हो सका था। इस बीच राज्य सरकार ने बेटियों में सेना के बढ़ते जुनून को लेकर बालिका सैन्य अकादमी की घोषणा कर दी।
एकेडमी में युवाओं को छात्रावास से लेकर तैराकी की सुविधा मिल सकेगी। एकेडमी में कम्प्यूटर लैब, छात्रावास, पुस्तकालय, तरणताल व प्रशिक्षण के लिए खेल मैदान आदि सुविधा क्षेत्र है।
सरकार की ओर से पहले दसवीं पास विद्यार्थियों को एकेडमी में दाखिला देने की तैयारी थी, लेकिन अब छठी कक्षा से प्रवेश देने पर मुहर लगी है।
शेखावाटी के सैनिकों ने हर युद्ध में दुश्मन को ललकारने का काम किया है। संस्थान का लंबे समय से विजन है कि यहां धरती पर सैन्य अकादमी का संचालन हो जिससे युवाओं में सरहद पर जाने की परम्परा लगातार जारी रही। महाराव शेखाजी संस्थान ने दो फेज का प्रस्ताव दिया था। सरकार ने पहले चरण में बालिका सैन्य अकादमी में प्रवेश के लिए आवेदन ले लिए है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सैन्य अकादमी के लिए मिलिट्री स्कूलों की तर्ज पर अलग से से स्कूलों के संचालन की चर्चा हुई है। संस्थान का प्रयास है कि बालक सैन्य अकादमी का संचालन भी इसी सत्र से शुरू हो।
राव राजेन्द्र सिंह, अध्यक्ष, महाराव शेखाजी संस्थान, सीकर
Updated on:
04 Feb 2026 02:56 pm
Published on:
04 Feb 2026 02:55 pm
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