Patrika Logo
Switch to English
होम

होम

वीडियो

वीडियो

प्लस

प्लस

ई-पेपर

ई-पेपर

प्रोफाइल

प्रोफाइल

अलार्म बजा तो मच गई अफरा तफरी, कल्याण अस्पताल में 30 मिनट मॉकड्रिल कर मुस्तैदी को परखा

सीकर. अस्पताल में आगजनी और दुर्घटना से निपटने से बचाव के लिए मंगलवार को सीकर मेडिकल कॉलेज से सबद्ध कल्याण अस्पताल में मॉक ड्रिल हुई। मॉक ड्रिल सुबह दस बजे शुरू होने के बाद करीब 30 मिनट तक चली। इस दौरान आग लगने की स्थिति में मरीजों, स्टाफ और उपकरणों की सुरक्षित निकासी का अभ्यास किया गया।

🌟 AI से सारांश

AI-generated Summary, Reviewed by Patrika

🌟 AI से सारांश

AI-generated Summary, Reviewed by Patrika

पूरी खबर सुनें
  • 170 से अधिक देशों पर नई टैरिफ दरें लागू
  • चीन पर सर्वाधिक 34% टैरिफ
  • भारत पर 27% पार्सलट्रिक टैरिफ
पूरी खबर सुनें

सीकर. अस्पताल में आगजनी और दुर्घटना से निपटने से बचाव के लिए मंगलवार को सीकर मेडिकल कॉलेज से सबद्ध कल्याण अस्पताल में मॉक ड्रिल हुई। मॉक ड्रिल सुबह दस बजे शुरू होने के बाद करीब 30 मिनट तक चली। इस दौरान आग लगने की स्थिति में मरीजों, स्टाफ और उपकरणों की सुरक्षित निकासी का अभ्यास किया गया। ड्रिल में राजस्थान चिकित्सा शिक्षा सोसाइटी (राजमेस) की टीम, फायर बिग्रेड के अधिकारी, अस्पताल स्टॉफ और चिकित्सक शामिल हुए। ड्रिल शुरू होने के साथ ही फायर अलार्म बजाया गया और निर्धारित प्रक्रिया के तहत कर्मचारियों को आग व आपदा के हालात से निपटने के बारे में बताया। प्रायोगिक तौर पर कर्मचारियों का रेस्पोंस टाइम जांचा गया। मॉक ड्रिल में राजमेस की अतिरिक्त निदेशक एकेडमिक डॉ. ममता, जयपुर से आई टीम, कल्याण अस्पताल अधीक्षक डॉ. केके अग्रवाल, डॉ. रामरतन यादव, डॉ. देवेन्द्र दाधीच सहित स्टॉफ शामिल रहा। इसके बाद टीम ने अस्पताल में ओपीडी, साफ-सफाई और नए अस्पताल के निर्माण की प्रगति जानी। टीम ने जनाना अस्पताल में प्रभारी डॉ. राजेश मीणा की अगुवाई में व्यवस्थाएं देखी। टीम बुधवार को सांवली मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण करेगी।

इनका दिया प्रशिक्षण

झालावाड़ के आईसीयू में आग लगने के बाद प्रदेश स्तर से जिला अस्पतालों में आगजनी से निपटने के लिए मॉक ड्रिल की जा रही है। जिसमें आग लगने पर शुरुआती 5 मिनट में की जाने वाली कार्रवाई, शॉर्ट-सर्किट, ऑक्सीजन पाइपलाइन और गैस सिलेंडर से लगने वाली आग पर नियंत्रण की तकनीक, पुल, ऐम, स्कवीज, स्वीप तकनीक से अग्निशमन सिलेंडर का उपयोग, खुद की घबराहट रोकर मरीजों को प्राथमिकता से बाहर निकालने, धूंआ होने पर रैंगकर बाहर निकलने के बारे में जरूरी प्रशिक्षण दिया जा रहा है। विभाग का मानना है कि देश में हर साल अस्पतालों में आग लगने की लगभग करीब दो दर्जन घटनाएं हो जाती है। जिनमें रेस्पोंस टाइम में देरी के कारण जलने और धुएं से मौत का आंकड़ा बढ़ जाता है। इसलिए इस प्रकार का प्रशिक्षण देने से मौत के मामलों में करीब 60 प्रतिशत तक कमी आ सकती है।

ये मिली खामियां......

कल्याण अस्पताल में लगाए गए फायर फाइटिंग सिस्टम से परिसर में ओपीडी से लेकर प्रत्येक वार्ड तक लाइन बिछाई गई है। सिस्टम के तहत अस्पताल मे आग बुझाने के लिए पानी का टैंक है तो लेकिन अस्पताल में नया भवन बनाए जाने के कारण अभी फायर फाइटिंग सिस्टम शुरू नहीं है। इसलिए अस्पताल परिसर में जगह- जगह आग बुझाने वाले सिलेंडर लगाए हुए हैं।

इनका कहना है

अस्पताल में नए भवन के निर्माण के कारण फिलहाल फायर फाइटिंग सिस्टम सक्रिय नहीं है। फायर फाइटिंग सिस्टम की खामियों को नगर परिषद के जरिए पूरा करवाया जाएगा। इसके लिए पत्र लिखा गया है।

डॉ. केके अग्रवाल, अधीक्षक कल्याण अस्पताल, सीकर

राजद के कई बड़े नेता और तेजश्री यादव की पत्नी ने कहा था कि बिहार में खेल होना अभी बाकि है। ऐसा होने के डर से ही नीतीश कुमार ने अपने विधायकों को फ्लोर टेस्ट से पहले विधानसभा के नजदीक चाणक्य होटल में रात को रुकवाया।

अभी चर्चा में
(35 कमेंट्स)

User Avatar

आपकी राय

आपकी राय

क्या आपको लगता है कि यह टैरिफ भारत की अर्थव्यवस्था को प्रभावित करेगा?

लव सोनकर

लव सोनकर

लव सोनकर - 9 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। पिछले 7 सालों से डिजिटल मीडिया से जुड़े हुए हैं और कई संस्थानों में अपना योगदान दि है। कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता ए...और पढ़ें...


ट्रेंडिंग वीडियो

टिप्पणियाँ (43)

राहुल शर्मा
राहुल शर्माjust now

यह एक महत्वपूर्ण मुद्दा है... यह निर्णय वैश्विक अर्थव्यवस्था को प्रभावित करेगा।

राहुल शर्मा
राहुल शर्माjust now

हाँ, ये सोचने वाली चीज़ है

सोनिया वर्मा
सोनिया वर्माjust now

दिलचस्प विचार! आइए इस पर और चर्चा करें।

User Avatar