
सांकेतिक तस्वीर, मेटा एआइ
Vocational Teacher Salary Issue: सीकर जिले में सरकारी स्कूलों के बच्चों को रोजगार के लिए तैयार कर रहे व्यावसायिक शिक्षक (वीटी) खुद आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। प्लेसमेंट एजेंसियां उन्हें 10-11 महीने से वेतन नहीं दे रही। इस सत्र में 1500 रुपए वेतन बढ़ाने की सरकारी घोषणा का लाभ भी उन्हें नहीं मिला है।
यही नहीं, अगले महीने पूरी हो रही उनकी संविदा अवधि को लेकर भी राजस्थान शिक्षा परिषद ने अब तक स्थिति साफ नहीं की है। लिहाजा आर्थिक संकट से जूझने के साथ व्यावसायिक शिक्षकों के जहन में भविष्य की चिंता भी गहरा रही है।
प्रदेश में 2015 में सरकारी स्कूलों में व्यावसायिक शिक्षा शुरू हुई थी। इसके लिए सरकार प्लेसमेंट एजेंसियों के जरिये वीटी नियुक्त करती है। इस साल चार हजार स्कूलों में इलेक्ट्रॉनिक्स, हार्डवेयर, ब्यूटी-वेलनेस, कंप्यूटर-आइटी व फैशन डिजाइनिंग सहित 16 ट्रेड के 5155 वीटी नियुक्त किए थे। जिनमें से सैकड़ों शिक्षकों को योग्यता व अन्य मापदंडों के आधार पर बीच में ही निकाल दिया गया।
पत्रिका पड़ताल में वीटी को समय पर वेतन नहीं मिलने की दो बड़ी वजह सामने आई है। पहली कमी तो प्लेसमेंट एजेंसियों की है, जो खुद ही वीटी के वेतन की मांग समसा में चार-चार महीने की देरी से भेजती है। फिर जब फाइल पहुंचे तो सरकार की ओर से समय पर बजट नहीं मिल पाता। ऐसे में वीटी का वेतन का इंतजार 10-10 महीने तक लंबा खिंच रहा है।
वेतन नहीं मिलने से व्यावसायिक शिक्षकों की आर्थिक व मानसिक परेशानी बढ़ती जा रही है। उनका कहना है कि सरकार को खुद ही संविदा व नियमित आधार पर नियुक्ति कर उनके नियमित भुगतान की व्यवस्था करनी चाहिए।
राउमावि गुरारा में वीटी निर्मला स्वामी ब्यूटी एंड वेलनेस ट्रेड की प्रशिक्षक हैं। उन्हें पिछले 11 महीने से वेतन नहीं मिला है। समय पर वेतन नहीं मिलने से उनकी आर्थिक स्थिति प्रभावित हो रही है।
मारु स्कूल में ब्यूटी व वेलनेस ट्रेड में नियुक्त वीटी रीना शर्मा को अभी तक अप्रेल 2025 तक का भुगतान हुआ है। उन्हें पिछले 10 महीने के वेतन का इंतजार है।
प्लेसमेंट एजेंसियों से वीटी के वेतन की मांग के हिसाब से सरकार बजट जारी करती रहती है। जैसे ही बजट आता है, वैसे ही संबंधित एजेंसियों को जारी कर दिया जाता है। वीटी को 10 से 11 महीने का वेतन नहीं मिलने की कोई शिकायत अब तक नहीं मिली है।
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लव सोनकर
लव सोनकर - 9 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। पिछले 7 सालों से डिजिटल मीडिया से जुड़े हुए हैं और कई संस्थानों में अपना योगदान दि है। कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता ए...और पढ़ें...
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Published on:
14 Feb 2026 03:42 am

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