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तबादलों ने रोकी कृषि संकाय के लिए बालिकाओं की छात्रवृ​त्ति

सीकर. कृषि संकाय में अध्ययनरत बालिकाओं को कृषि विभाग की ओर से दी जाने वाली छात्रवृ​त्ति प्रशासनिक अव्यवस्था की भेंट चढ़ गई है। स्कूलों में हाल ही में हुए तबादलों के कारण प्रमाण पत्रों पर ई-साइन नहीं हो पाने से बड़ी संख्या में पात्र छात्राएं योजना के लाभ से वंचित रह गई हैं।

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सीकर. कृषि संकाय में अध्ययनरत बालिकाओं को कृषि विभाग की ओर से दी जाने वाली छात्रवृ​त्ति प्रशासनिक अव्यवस्था की भेंट चढ़ गई है। स्कूलों में हाल ही में हुए तबादलों के कारण प्रमाण पत्रों पर ई-साइन नहीं हो पाने से बड़ी संख्या में पात्र छात्राएं योजना के लाभ से वंचित रह गई हैं। चिंताजनक बात है कि योजना के पोर्टल की अंतिम तिथि 31 जनवरी है। इस तिथि तक दस्तावेज अपलोड नहीं करने पर हजारों छात्राओं को इस योजना का इस वित्तीय वर्ष में लाभ नहीं मिल सकेगा। अकेले सीकर, चूरू, नागौर जिले की करीब दो हजार छात्राओं के आवेदन संस्था प्रधान के ई साइन नहीं होने से अटके हुए हैं। कमोबेश यही िस्थति प्रदेश के अन्य जिलों की है। गौरतलब है कि योजना में तबादलों ने रोकी कृषि संकाय के लिए बालिकाओं की छात्रवृ​त्ति राशि पाने के लिए स्कूल स्तर से प्रमाण पत्र जारी कर ई-साइन करना अनिवार्य है। लेकिन तबादलों के बाद कई स्कूलों में अधिकृत अधिकारी नहीं होने से ई-साइन प्रक्रिया अब पूरी नहीं हो सकी। मजबूरी में अब इन छात्राओं की आस सरकार की ओर से पोर्टल खोलने की अवधि बढ़ाने पर टिकी हुई है।

फैक्ट फाइल

जिला कुल आवेदन ई साइन के लिए भेजे गए आवेदन की संख्या

डीडवाना कुचामन- 1644 -1207---413

झुंझुनूं-1968- 1640- 328

नागौर-1591 -1211- 291

सीकर- 3010 -1833 -841

यह है योजना

कृषि, डेयरी, कृषि अभियांत्रिकी, खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में अध्ययन करने वाली छात्राओं के लिए कृषि विभाग की ओर से तबादलों ने रोकी कृषि संकाय के लिए बालिकाओं की छात्रवृ​त्ति दी जाती है। विभाग की ओर से 11 वीं व 12 वीं कक्षा के लिए 15 हजार रुपए प्रति वर्ष, कृषि स्नातक के लिए 25 हजार रुपए प्रति वष्र की दर से चार साल के लिए, कृषि स्नातकोत्तर के लिए 25 हजार रुपए प्रति वर्ष दो हजार रुपए के लिए, पीएचड़ी कोर्स के लिए 40 हजार रुपए प्रतिवर्ष तीन साल के लिए दिए जाते हैं। योजना के लिए छात्रा की एसएसओ आईडी के जरिए ऑनलाइन आवेदन किया जाता है। आनलाइन आवेदन के बाद संबंधित स्कूल या संस्था प्रधान की ओर से आवेदन की जांच कर ई साइन कर ऑनलाइन ही एक प्रमाण पत्र दिया जाता है। जिसके आधार पर विभाग की ओर से छात्रवृत्ति की राशि जारी हो पाती है।

इनका कहना है

कृषि विभाग की ओर से छात्राओं को छात्रवृत्ति की राशि दी जाती है। जिसके प्रति छात्राओं का रुझान बढ़ रहा है। सीकर कृषि खंड के चारों जिलों में योजना के तहत 1873 छात्राओं के आवेदन स्कूल के स्तर पर ई साइन नहीं होने से लम्बित है।

शिवजीराम कटारिया, अतिरिक्त निदेशक कृषि खंड सीकर