
सीकर. नए साल में बार-बार बदलते मौसम ने वायरस और बैक्टीरिया के लिए अनुकूल माहौल बना दिया है। सरकारी और निजी अस्पतालों की मेडिसिन ओपीडी पिछले 10 दिनों में 25 से 30 प्रतिशत तक बढ़ गई है। चिकित्सकों के अनुसार रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होने के कारण बुखार, सूखी खांसी और गले में दर्द के मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं। इनमें 35 से 40 प्रतिशत मरीजों में वायरल का संक्रमण ठीक होने के बाद दोबारा बुखार और खांसी के लक्षण मिल रहे हें। कई मरीजों में कोविड से मिलते-जुलते लक्षण दिख रहे हैं, जिनमें बच्चे और बुजुर्ग शामिल है। हालांकि राहत की बात है कि अधिकतर केस मौसमी वायरल फीवर और बैक्टीरियल संक्रमण के हैं। वायरल संक्रमण को देखते हुए मुख्यमंत्री निशुल्क योजना के तहत जांचों की संख्या भी सामान्य दिनों की तुलना में बढ़ गई है।
चिकित्सकों के वायरस किसी एक तय तापमान पर ही नहीं, तापमान की एक खास रेंज में ज्यादा तेजी से फैलते हैं। सामान्य तौर पर ज्यादातर श्वसन (सांस से फैलने वाले) वायरस के लिए यह तापमान अनुकूल माना जाता है। आमतौर पर 15 से 30 डिग्री के बीच वायरस सबसे ज्यादा सक्रिय होता है। जबकि 20 से 25 डिग्री के तापमान में वायरस तेजी से फैलता है। वहीं शून्य के आस-पास तापमान होने पर वायरस तो जीवित रहता है लेकिन उनके फैलने की गति कम हो जाती है। वहीं वातावरण में 40 से 60 प्रतिशत तक नमी वायरस फैलने के अनुकूल होती है। शुष्क हवा के कारण गले और नाक की परत सूख जाती है, जिससे संक्रमण तेजी से मरीज को अपनी चपेट में ले लेता है।
तापमान में उतार-चढ़ाव के मरीज ओपीडी में मरीज बढ़े हैं। कई मरीजों में तेज बुखार और सूखी खांसी के कोविड जैसे लक्षण नजर आ रहे हैं। कई मरीजों में देरी से रिकवरी हो रही है। ऐसे में सावधानी के साथ पर्याप्त पानी और विटामिन-सी युक्त आहार लें। लक्षण दिखने पर फौरन उपचार करवाएं।
डॉ. रघुनाथ प्रसाद, सहायक आचार्य मेडिसिन, कल्याण मेडिकल कॉलेज
Published on:
03 Feb 2026 11:52 am
बड़ी खबरें
View Allसीकर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
